Podcasts · Fiction

Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui

Aaj Tak Radio

218 episodes

जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ चलिए कहानियों की उन सजीली गलियों में जहां हर नुक्कड़ पर एक नया किरदार है, नए क़िस्से, नए एहसास के साथ. ये कहानियां आपको कभी हसाएंगी, कभी रुलाएंगी और कभी गुदगुदाएंगी भी. चलिए, गुज़रे वक्त की यादों को कहानियों में फिर जीते हैं, नए की तरफ बढ़ते हुए पुराने को समेटते हैं. सुनते हैं ज़िंदगी के चटख रंगों में रंगी, इंसानी रिश्तों के नर्म और नुकीले एहसास की कहानियां, हर इतवार, स्टोरीबॉक्स में. Jamshed Qamar Siddiqui narrates the stories of human relationships every week that take the listener on the rollercoaster of emotions, love, and laughter. Stories are written by Jamshed and by his fellow writers that talks about the various colors of life conflicts from father-son relationships to love triangle. Stories that let you be someone else for some time to see this world from a different angle.

Episodes page 1 of 5

  1. भोपाली चचा के भन्नाट क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 17 min

    स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी सुना रहे हैं क़िस्से भोपाल के पटियेबाज़ों के. लंबी-लंबी हांकने वाले, अपने मन से कहानियां-क़िस्से बनाकर सुनाने की वो मज़ेदार परंपरा जिसमें क़िस्सा सुनाने वाले और सुनने…

  2. सिगरेट के पैकेट से सरकार गिराने वाला शायर: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 18 min

    ये कहानी है उस शायर की जिसे एक तानाशाह ने इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि उसके लिखे हुए शेर आवाम को जगा देते थे, आवाम सड़क पर आकर अपने हक़ मांगने लगती थी. उस सनकी तानाशाह ने कह दिया कि इस शायर को जेल में अकेले रखो और…

  3. नाना पाटेकर की आख़िरी ख़्वाहिश क्या थी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 15 min

    नाना पाटेकर ने न कभी कोई एक्टिंग स्कूल जॉइन किया और न ही किसी को एक्टिंग का गुरु बनाया. उन्होंने ज़िंदगी की धूप में तपकर असल ज़िंदगी के एहसास को जी कर सुख और दुख को समझा, उसी के हिसाब से एक्टिंग की. नाना पाटेकर ने हर…

  4. साहिर लुधियानवी के 200 रुपये: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 18 min

    उर्दू शायर साहिर लुधियानवी ने एक बार अपने एक दोस्त को महज़ 200 रुपये उधार दिए थे. वो इसलिए क्योंकि वो शख्स बेरोज़गार था और उसके पास आखिरी 30 रुपये बचे थे, जो उसके खाने के लिए थे. वो आदमी तंगदस्ती में था, साहिर के पास…

  5. भेड़िया - Part 3: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 20 min

    एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता…

  6. भेड़िया - Part 2: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 19 min

    एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता…

  7. भेड़िया: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 20 min

    एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता…

  8. कृष्ण जन्म कथा: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 15 min

    जन्माष्टमी के मौके पर आज स्टोरीबॉक्स में ख़ास कहानी जो दरअसल नज़ीर अकबराबादी की एक मसनवी है. इसका नाम है 'कृष्ण जन्मकथा' जिसमें भगवान कृष्ण के जन्म, कंस की साज़िशें और वसुदेव का उन्हें उफ़नती हुई यमुना से गोकुल ले जाने…

  9. आख़िरी उम्र का इश्क़: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    ये कहानी एक ऐसे अमीर रईस की है जो चालीस साल के बाद अपने उस इश्क़ की तरफ़ लौटता है जिसे वो जवानी में छोड़ आया था. वो इश्क़ जो उसे इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि वो बगावत नहीं कर पाया था अपने वालिद से... लेकिन अब जब वो उम्र…

  10. मैंने पुरानी कार क्यों खरीदी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    ज़िंदगी में सब कुछ कीजिएगा लेकिन कभी पुरानी कार मत ख़रीदना. क्योंकि जिस दिन आप पुरानी कार ख़रीद लेंगे उसी दिन से आपके बुरे दिन शुरू हो जाएंगे. हमने भी अपनी ज़िंदगी में एक बार ये ग़लती की थी. एक पुरानी सी खटारा हमें…

  11. कारगिल शहीद की सगाई अंगूठी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 20 min

    ये कहानी है कारगिल जंग में शहीद हुए कैप्टन अनुज नैय्यर की, जो सगाई की अंगूठी उंगली में पहने जंग के मोर्चे पर जाने की तैयारी कर रहे थे. तभी उन्होंने अपने कमांडिग ऑफ़िसर से पूछा कि "सर, क्या मुझे अंगूठी पहनकर जंग में…

  12. उर्दू शायरी के प्लेबॉय: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 20 min

    ये कहानी है उर्दू के शायर दाग़ देहेलवी की, जिनको ख़ूबसूरती का आशिक़ कहते हैं और बोला जाता है कि उनके कई औरतों से रिश्ते रहे. मुगल बादशाह के बेटे से उनकी मां की शादी हुई तो वो लाल क़िले में रहने लगे जिसके बाद उनके पास…

  13. वो कौन थी?: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 23 min

    उस साल दिल्ली शहर की एक सड़क पर एक ही जगह बार-बार एक्सीडेंट्स हो रहे थे. ये सारे एक्सीडेंट्स टैक्सी ड्राइवर्स के थे. नौ टैक्सी ड्राइवर्स की मौत हो चुकी थी और अब डर के मारे टैक्सी ड्राइवर्स ने उस तरफ़ से गुज़रना बंद कर…

  14. एक प्रोटेस्ट की कहानी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 23 min

    ये कहानी है एक ऐसे शहर की जहां सब कुछ ठीक था. यहां की जनता न आंदोलन करती थी और न ही किसी तरह का विरोध दर्ज करती थी, इसकी वजह ये थी कि इस शहर में दफ़्तर बहुत थे. हर आदमी या तो दफ़्तर से आ रहा होता था या दफ़्तर जा रहा…

  15. कानपुर वाले चचा की वसीयत - Part 2: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 23 min

    अंसारी साहब के लालची रिश्तेदारों को वसीयत में क्या मिला? किसे मिली अंसारी साहब की पुरानी कार और किसको मिलेगा उनका मकान, नानी का पीतल वाला पानदान किसके पास जाएगा और किसकी झोली में जाएगा घर में रखा हुआ कैश? वसीयत अब पढ़ी…

  16. कानपुर वाले चचा की वसीयत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 22 min

    ये कहानी है कानपुर में रहने वाले एक चचा की जिनकी दौलत पर उनके लालची रिश्तेदारों की नज़र थी. लेकिन चचा के इंतकाल के बाद जब उनकी वसीयत पढ़ी गई तो रिश्तेदारों के होश उड़ गए. क्या लिखा था चचा ने अपनी वसीयत में, कौन थी…

  17. एक जीनियस की मौत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 18 min

    ये कहानी है सिनेमा के उस जीनियस की, जिसने अपने दौर से बहुत आगे की फिल्में बनाईं. ऐसी फिल्में, जिन्हें समझने के लिए शायद दुनिया तैयार नहीं थी. एक कामयाब अभिनेता, बेमिसाल निर्देशक... जो एक सुबह अपने कमरे में हमेशा के लिए…

  18. फ़्राइडे द 13th: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    ये कहानी है 29 साल पहले दिल्ली के सबसे भीषण अग्निकांड की, जहां एक थिएटर बन गया था गैस चेंबर. 59 लोगों की मौत हुई जिनमें बहुत सारे बच्चे भी शामिल थे. क्यों भड़की थी ये आग, थियेटर के अंदर क्या हुआ था, सिनेमा हॉल के…

  19. कहानी रंगा-बिल्ला की: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 20 min

    कहानी देश के सबसे बड़े किडनैपिंग केस की. वो कहानी जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. सड़क से संसद तक कोहराम मच गया, प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा गया और विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सर पर भीड़ का पत्थर इतनी तेज़…

  20. शायर बशीर बद्र के चार क़िस्से: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 22 min

    मुहब्बत के शायर बशीर बद्र की ज़िंदगी के वो क़िस्से जिसमें सिर्फ़ उनकी शायरी नहीं, उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर, उनकी इंसानियत और उनकी हाज़िर जवाबी का पता मिलता है. बशीर बद्र को सीतापुर में एक सुरमे वाले ने क्यों डांटा,…

  21. प्रेमचंद की सीक्रेट डायरी: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 31 min

    मुंशी प्रेमचंद की मौत के 90 साल बाद एक शख्स को मिली उनकी लिखी हुई एक डायरी. क्या था उस डायरी में जिसके बाद इलाके में मच गया हड़कंप, और कौन था वो ज़िला कलेक्टर जिसने हर कीमत पर उसे आम जनता से छिपाए रखने की कोशिश की?…

  22. अंग्रेज़ का भूत: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 27 min

    मैं जिस जंगली इलाके में गाड़ी खराब होने की वजह से फंस गया था, वहां सौ साल पहले नील के खेत हुआ करते थे. जंगल के बीचोंबीच मैं एक पुराने मकान में रात भर के लिए ठहर गया, जहां एक अंग्रेज़ अफ़सर की मौत हुई थी. उस रात जो हुआ…

  23. शमशुद्दीन का बकरा: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 23 min

    महरौली में रहने वाले शमशुद्दीन का बकरा पूरी दिल्ली में मशहूर था. जमनापारी था, बड़े-बड़े कान, घुमावदार सींघ और तन के खड़ा हो जाए तो पूरा गधा मालूम होता था. शमशुद्दीन एक रोटी खुद कम खा सकते थे, मगर अपने बकरे को बिना चने…

  24. लखनऊ वाले वकील साहब: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 27 min

    लखनऊ में एक थे वकील साहब जो बड़े उर्दू दां थे. उन्हें उर्दू से इस क़दर इश्क़ था कि किसी को ग़लत उर्दू बोलते सुन लें तो फ़ौरन टोक देते थे, पर क्या हुआ जब उनकी इकलौती बेटी इरम को इश्क़ हो गया एक ऐसे रीलबाज़ लड़के से जो…

  25. हमशक्ल: स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 33 min

    कैसा हो अगर कभी कहीं घूमते हुए किसी सुनसान जगह पर आपको मिल जाए आपका एक 'हमशक्ल' जिसकी आवाज़ भी आपकी जैसी ही हो. बातचीत में पता चलता है कि उसका और आपका शहर भी एक है और उसकी जेब में उतने ही पैसे हैं जितने आपकी जेब में.…

  26. दस पैसे और दादी | गुलज़ार की कहानी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 12 min

    सिर्फ़ दस पैसे के लिए दादी से लड़ाई करके घर से भागा 'चक्कू' गुस्से में रेलवे स्टेशन पहुंच गया और चलती ट्रेन में बैठ गया, लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उसने देखी एक दूसरी दुनिया जहां गरीबी थी, दर्द था और थी एक लावारिस…

  27. सत्यार्थी V/s मंटो | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 22 min

    कहानी सआदत हसन मंटो पर बनाए एक किरदार नफ़ासत हसन की, जो लिखी उनके दोस्त देवेंद्र सत्यार्थी साहब ने. ये उन्होंने उस कहानी के जवाब के तौर पर लिखी जो मंटो ने लिखी थी 'देवेंद्र' को 'हरेंद्र' बनाकर. तो सुनिए कहानी नफ़ासत…

  28. मंटो V/s सत्यार्थी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    रमेश एक तरक्की पसंद कहानीकार है जिसे बड़े-बड़े राइटर्स और शायरों को अपने घर दावत पर बुलाने का शौक है, एक रोज़ उसके घर पर एक ऐसा राइटर आता है जिसके आने के बाद रमेश को अफ़ सोस होता है कि काश उसे न बुलाया होता, सुनिए सआदत…

  29. मोहल्ले की लड़ाई | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    ये कहानी है एक ऐसे चचा कि जो मुहल्ले में होने वाली लड़ाइयों में ऐसे बीच-बचाव कराते थे कि लड़ाई और भड़क उठती थी. सुनिए इम्तियाज़ अली ताज की लिखी कॉमेडी कहानी ‘चचा छक्कन’ का हिस्सा 'मोहल्ले की लड़ाई' स्टोरीबॉक्स में…

  30. इच्छा मृत्यु - पार्ट 3 | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 20 min

    इच्छा मृत्यु का एक केस जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया, उस मामले ने एक डॉक्टर को कैसे बना दिया क़ातिल? और कौन था निरंजन जिसने डॉक्टर को मजबूर किया कि वो अपने ही एक मरीज़ का ऑपरेशन थियेटर में इलाज के दौरान क़त्ल कर दें.…

  31. इच्छा मृत्यु - पार्ट 2 | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 22 min

    एक मरीज़ की इच्छा मृत्यु की याचिका कोर्ट ने नामंज़ूर कर दी. उसका दर्द और तकलीफ़ देखकर डॉक्टर मिर्ज़ा ने दया दिखाते हुए उसे ज़हर का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन मरीज़ की मौत के बाद डॉक्टर को पता चला कि ये इच्छा मृत्यु दरअसल…

  32. इच्छा मृत्यु | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    एक डॉक्टर क्यों मजबूर था अपने मरीज़ की जान लेने के लिए? उसने ऑपरेशन थियेटर में अपने मरीज़ का क़त्ल किस तरह प्लान किया कि वो देखने में हादसा लगे? क़ातिल डॉक्टर का नैशनल हॉस्पिटल में भर्ती उस मरीज़ से क्या रिश्ता था,…

  33. पैदल जाती एक औरत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 19 min

    एक रोज़ बुआ अचानक कहीं गुम हो गईं. हमने बहुत ढूंढा उन्हें, रेलवे स्टेशनों पर, बस अड्डों पर, मंदिरों में और हर उस जगह जहां वो हो सकती थीं लेकिन वो नहीं मिलीं. कहां गईं थीं बुआ, क्या इसलिए गायब हुईं क्योंकि फूफा उस पर…

  34. वहम - पार्ट 2 | स्टोरीबॉक्स विथ जमशेद

    · 26 min

    विक्रांत हमेशा कहता रहा कि फ़बीहा असल में थी, लेकिन सारे सबूत यही इशारा कर रहे थे कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं. क्या डॉ खान और इंस्पेक्टर कुशाल सुलझा पाएंगे इस गुत्थी को? क्या था कहानी के पीछे का असल राज़?…

  35. वहम | स्टोरीबॉक्स विथ जमशेद

    · 29 min

    पागलख़ाने की अंधेरी कोठरी से विक्रांत बार-बार चीखते हुए कहता था कि फ़बीहा उसकी एक दोस्त थी, उसके साथ थी. लेकिन पुलिस का मानना था कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं, वो सिर्फ़ विक्रांत के मन का वहम था - सुनिए…

  36. पर्दा | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 19 min

    चौधरी साहब के दादा एक ज़माने में दारोग़ा थे, बढ़िया आमदनी थी, ठाठ थे. उनके दो बेटे हुए फिर दोनों बेटों के बच्चे. जब ये बच्चे बड़े हुए तब तक चौधरी खानदान के पास न तो खानदानी दौलत बची थी और न ही रईसी... लेकिन पीरबख्श ने…

  37. मरीज़ की आख़िरी ख़्वाहिश | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 27 min

    नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई…

  38. मुशायरे में भैंस | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 17 min

    हकीम अहसानुल्लाह साहब के पास एक ऐसा नुस्खा था जिसके बारे में कहा जाता था कि बेऔलाद लोग अगर पान में दबाकर खा लें तो औलाद हो जाती है. शायरी के शौकीन हकीम साहब जब मुशायरे में पहुंचते तो देखते कि लोग वहां अपनी भैंस लेकर आए…

  39. दिल आज शायर है | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 28 min

    वो शायर था लेकिन उसका असली काम कब्रें खोदना था. वो उसी कब्रिस्तान में रहता था जहां काम करते हुए उसके पिता ने उसे शायरी भी सिखाई और कब्र खोदना भी... वही पिता जिनके साथ हुए एक हादसे को वो उनकी मौत के बाद भुलाने की कोशिश…

  40. अख़बार में नाम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 22 min

    उस आदमी की ख्वाहिश बस इतनी थी कि वो अख़बार में अपना नाम छपा हुआ देखना चाहता था. इस एक ख्वाहिश के लिए वो कुछ भी करने को तैयार था. तो उसने अपनी मौत का प्लान बनाया. सुनिए यशपाल की लिखी कहानी 'अख़बार में नाम' स्टोरीबॉक्स…

  41. किराए का मकान | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 25 min

    उन्हें किराए का मकान चाहिए था लेकिन उनके पास कोई कागज़ नहीं था. उनकी भाषा भी अलग थी और कपड़े भी कुछ अलग परिवेश के थे, पर उनकी एक कहानी थी. एक उदास कहानी जो उन्होंने बताई तो मैं ना नहीं कर पाया लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे…

  42. साग-मीट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 22 min

    "मेरे तो तीन-तीन डिब्बे घी के महीने में निकल जाते हैं. नौकरों के लिए डालडा रखा हुआ है लेकिन कौन जाने ये मुए हमें डालडा खिलाते हों और खुद देसी घी हड़प जाते हों. आज के ज़माने में किसी का एतबार नहीं किया जा सकता, मैं ताले…

  43. एक नास्तिक की GOD से मुलाक़ात | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 25 min

    वो नास्तिक थे, कभी किसी धर्म या मज़हब को नहीं माना... पूरी ज़िंदगी कहते रहे कि मौत के बाद कुछ नहीं है... एक रोज़ अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और दुनिया से विदा हो गए... अंधेरे के उस पार दोबारा उनकी आंख खुली, वो एक…

  44. एक क्रिमिनल की न्यू ईयर नाइट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 19 min

    साल की आखिरी रात थी. पूरा शहर जश्न में डूबा हुआ था, लेकिन तभी पुलिस की तरफ़ से ऐलान हुआ कि कुछ संदिग्ध शहर में देखे गए हैं. उन दिनों मैं एक कैफे़ में सिक्योरिटी ऑफ़िसर के तौर पर काम कर रहा था. मैं ऑन-ड्यूटी था कि तभी…

  45. एक फ़र्ज़ी इंटलैक्चुअल | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 28 min

    एक थे बन्ने भाई, कानपुर में उनकी कोयले की दुकान थी जहां दिन भर वो ग्राहकों के साथ झकमारी करते थे लेकिन शाम को घर आते ही सफ़ेद सिल्क का कुर्ता-पायजामा पहनते, कंधे पर डाल लेते एक नकली पशमीना शॉल और फिर मोहल्ले के पास…

  46. बीवी कैसी होनी चाहिए? | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 14 min

    डिप्टी साहब वैसे तो आदमी बड़े सख्त मिज़ाज थे. दफ़्तर में तो उनके एक दस्तखत से बड़े-बड़े फ़ैसले हो जाते थे लेकिन घर में डिप्टी साहब की ज़रा नहीं चलती. बेगम साहिबा ज़रा गुस्से वाली थीं और जिस सुबह उन्हें ग़ुस्सा आ गया तो…

  47. वो शायर अधूरे ख्वाबों का | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 21 min

    एक शायर था जिसकी तस्वीरें गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के तकियों के नीचे मिलती थी... जो इश्क़ भी लिखता था और इंकलाब भी, लेकिन उसके हिस्से आई ज़िंदगी की मायूसी, अधूरी मुहब्बत और एक दर्दनाक मौत. स्टोरीबॉक्स में इस बार…

  48. एक राइटर और भूत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 24 min

    एक राइटर ने शहर से दूर एक सुनसान किराए के घर में बैठकर नॉवेल लिखने का फैसला किया, लेकिन उस घर में उसकी मुलाकात हुई एक भूत से. एक भूत जिसके पास उस राइटर के लिए एक काम था, जो वो खुद ज़िंदा रहते नहीं कर पाया. अब वो इस काम…

  49. बॉस की दावत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 28 min

    घर पर बॉस की दावत थी इसलिए शामनाथ साहब सुबह से तैयारियों में लगे थे. पर्दे बदल दिए गए, मेज़पोश नए बिछाए, अलमारी में सजे बर्तन निकाल लिए गए. यहां तक की सोफे़ के नीचे की गर्द भी साफ की गई थी लेकिन पूरे चमचमाते घर में मां…

  50. बदसूरती | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

    · 16 min

    दो बहनों में से एक को खूबसूरती और कॉलेज में मोहब्बत मिली, जबकि बड़ी बहन को बिल्कुल साधारण शक्ल और जीवन. छोटी बहन ने जब पहली बार अपने आशिक़ का खत बड़ी बहन को दिखाया, तो बस यहीं से एक ऐसी हलचल शुरू हुई जिसने दोनों के…

Shows are listed from Apple Podcasts' charts and directory, and Podcast Index where it is used. Every show and episode belongs to its publisher and plays from the publisher's own feed; this site hosts none of them. Explicit shows are for adult profiles only, and children’s profiles hear only children’s shows. More about this list.