# 5. Ashtavakra : A Boy Who Silenced Scholars!

An episode of [Bharat Unscripted](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1831664449), 26 Aug 2025, 7:42.

Audio: https://anchor.fm/s/109bdda30/podcast/play/108790224/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2025-8-25%2F408113983-44100-2-05c6d03835e349a7.m4a

He walked into a court full of scholars… crooked in body but crystal clear in mind. When others saw deformity, he saw arrogance — and shattered it with wisdom.

## Transcript

[0:00] भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का स्वागत है।
[0:32] आज की कहानी किसी ऋषि या राजा की नहीं, एक लड़के की है।
[0:36] एक ऐसा लड़का जो अपने ज्ञान और क्लैरिटी ऑफ़ थॉट से अमर हो गया।
[0:41] हमारी कहानी शुरू होती है राजाजनक की सभा से।
[0:45] ये जनक सीता माता के पिता नहीं, कोई और राजा थे, किसी और कालखंड
[0:50] में, लेकिन उतनी ही प्रभावशाली। उनकी राज्यसभा भारत की सबसे
[0:55] विद्वान स्वभाव में से एक मानी जाती थी।
[0:58] हर दिन पंडित ब्रह्मर्षि और ज्ञानी लोग वहाँ अलग अलग विषयों
[1:03] पर चर्चा करते थे। ऐसे ही 1 दिन सभा में चर्चा का
[1:07] विषय था गुरु कौन हो सकता है और ज्ञान की असली पहचान क्या है?
[1:13] सभा में जब में सारे पंडित अपने वेद, उपनिषद और प्राणों का नॉलेज
[1:18] डिस्कॅस कर रहे थे। अपना अपना पॉइंट ऑफ क्यूँ रख रहे
[1:21] थे और सभा एक हसलिंग बसलिंग बाजार जैसे लगने लगी।
[1:26] डिबेट जब अपनी पीक पर थी तब एक लड़का धीरे धीरे सभा में एंटर हुआ
[1:33] शरीर और हाइट में छोटा था, विचारों में नहीं।
[1:38] वो जैसे जैसे अंदर आता गया, सभा के लोग या तो उसे देख कर हंस रहे
[1:43] थे या उसकी तरफ एक अजीब ढंग से देख रहे थे।
[1:47] जानते हो क्यों? क्योंकि उसका शरीर आठ अलग अलग
[1:51] जगहों से विकृत था। विकृत्या ने देफोरमेड़।
[1:57] और उसकी डेफॉर्मिटी की वजह से उसका नाम पड़ा था अष्टवक्र।
[2:02] उसे देख कर सब लोगों को लगा कि वो इस सभा में बिलौंग नहीं करता।
[2:08] पर वो लड़का वो सारे जजमेंटल लुक और सरकास्टिक सी हँसी इग्नोर कर
[2:13] सीधा जा पहुंचा सबा के बीचों बीच। राजा जनक के सामने और राजा की
[2:20] आँखों में आंखें डालकर बोला राजन ये सभा देह की पहचान करती है या
[2:27] ज्ञान की? उसकी आवाज सुनते ही पूरी सभा
[2:32] अचानक शांत हो गई। जनक?
[2:36] बीइंग दी किंग ही वास ऑफन नहीं हुए।
[2:39] ये नहीं सोचा कि इस बच्चे की हिम्मत कैसे हुई।
[2:42] सीधे आकर सवाल पूछने की बट इंस्टेड ये सोच कर इम्प्रेस हो गए
[2:47] कि एक भरी सभा जब हँस रही थी, अपमान की नजरों से उस लड़के को
[2:51] देख रही थी तो इन ऑल ऑफ दिस एडवर्सिटी अष्टावक्र।
[2:56] वास् कम्पोज़्ड काम एंड कॉन्फिडेंट जनक ने अष्टवक्र से
[3:03] पेशेंटली पूछा, बेटा कौन हो तुम अष्टवक्र उसी कॉन्फिडेंस से बोला
[3:13] मैं ऋषि कहूर का पुत्र हूँ। कभी मेरे पिता भी यहाँ आए थे और
[3:18] ये सभा ने उनका भी अपमान ही किया था।
[3:21] मैं देख सकता हूँ मुझे बिना जाने मुझे बिना पहचाने ये सभा मेरा भी
[3:25] अपमान कर चुकी है। राजन ये सभा ज्ञान और गुरुओं की
[3:30] बातें कर रही है लेकिन मेरे शरीर पर हँस रही है।
[3:35] ज्ञान शरीर में नहीं होता, विवेक में होता है और गुरुत्व व्यवहार
[3:40] में अपने दो ही सेंटेंसेस में अष्टवक्र ने सभा का रुख अपनी और
[3:46] मोड़ लिया था। अब सभा में कोई हँसी नहीं थी पर
[3:52] एक बहुत इंतरिगुएड राजा था। जनक ने एक ऑब्वियस क्यूरियोसिटी
[3:56] में फिर एक प्रश्न पूछा बोले बेटा ये बताओ जब तुम अंदर आए और ये सब
[4:03] तुम पर हंस रहे थे, तुम्हें बुरा नहीं लगा?
[4:08] अगर सोने का एक टुकड़ा थोड़ा तेड़ा हो तो वो क्या सोना नहीं
[4:12] होता? अष्टवक्र झट से बोला, राजा जनक और
[4:17] पूरी तरह अष्टवक्र के फन हो गए थे।
[4:21] बोले बेटा तुम तो अभी बच्चे हो, फिर इतना ज्ञान कैसे अष्टवक्र
[4:27] अगेन वास् वेरी क्विक टु रेस्पॉन्ड ज्ञान कभी उमर देख कर
[4:30] नहीं आता राजन। मैं हर रोज़ खुद से ऐसे कई सवाल
[4:34] पूछता हूँ, कभी सही होता हूँ, कभी गलत पर रोज़ सीखता हूँ जब इंसान
[4:41] अपने आप को समझने लगता है, अपनी गलतियों से सीखता है, उसे लोग
[4:45] क्या कहते हैं, उसकी उम्र कितनी है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
[4:50] थिस क्लैरिटी ऑफ़ थॉट टोल्ड चाणक कि उनके सामने जो खड़ा है वो कोई
[4:56] साधारण लड़का नहीं है। इन दोनों का ये कन्वर्सेशन उस सभा
[5:00] में आए, सारे पंडित और ज्ञानी मग्न हो कर सुन रहे थे।
[5:04] जनक एक के बाद एक सवाल पूछते गए और अष्टवक्र हर बार।
[5:09] कॉन्फिडेंटली जवाब देता गया। ये सवाल थे बड़े बड़े विषयों पर
[5:14] पेन एनतंगलेमेंट सफरिंग से लेकर आत्मा तक अष्टवक्र के पास हर सवाल
[5:21] का जवाब था और जवाब हमेशा सही था। इस कन्वर्सेशन में अष्टवक्र ने दो
[5:26] बहुत इंटरेस्टिंग चीजें बोली। ही सैड जो सच में ज्ञानी होता है,
[5:32] ना किसी को दोष देता है, ना किसी की तारीफ करता है, ना खुशी में
[5:37] उड़ने लगता है, ना दुख में टूट जाता है एंड ही सैड राजन अगर आप
[5:44] कोई कपड़ा बहुत पास से देखो, तो आपको सिर्फ उसके थ्रेड्स दिखाई
[5:47] देंगे। वैसे ही अगर आप बहुत पास से
[5:51] ब्रह्मांड के क्रियेशन को देखो तो आप हमेशा खुद को देखेंगे।
[5:58] ये एक एनालॉजी हमारे हजारों वर्ष पुराने उपनिषदों की सीख है।
[6:04] लुक क्लोजली ऐट दी क्लॉथ। यू सी ओनली थ्रेट्स लुक क्लोजली
[6:09] ऐट दी क्रियेशन एंड यू सी ओनली सेल्फ।
[6:13] जब तक ये कॉन्वर्सेशन खत्म हुआ, तब तक पूरी सभा अष्टवक्र को अपना
[6:17] गुरु मान चुकी थी। जीस टॉपिक पर सब चर्चा कर रहे थे,
[6:22] उसका जवाब उनके सामने खुद चल कर आ गया।
[6:27] अष्टवक्र की जो कोई डिफॉर्मिटी थी, वो उसके ज्ञान के सामने छोटी
[6:31] पड़ गई। ये पूरा कन्वर्सेशन बिटवीन दी
[6:34] किंग एंड दी बॉय इस कॉल्ड अष्टवक्र गीता जैसे भगवद गीता,
[6:40] भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच का संवाद है, वैसे ही ये राजा जनक और
[6:44] अष्टवक्र का। आज की जेनरेशन के बड़े बड़े
[6:48] टेकजाइंस, उबर, ट्विटर जैसे बड़े बड़े कंपनीस के इन्वेस्टर इस गीता
[6:53] को स्पिरिचुअलिटी सीखने का सबसे अच्छा तरीका मानते हैं।
[6:57] अष्टवक्र बाद में ऋषि अष्टवक्र हो गए और हजारों साल बाद भी गुरु
[7:03] हैं। हम कैसे जन्में, वो हमारे हाथ में
[7:07] नहीं। दुनिया हमें कैसे देखती है, ये
[7:10] हमारे बारे में क्या सोचती है? इससे हमारी पहचान नहीं बनती, हम
[7:15] कौन हैं ये हमारे ज्ञान और बिहेव्यर से पता चलता है।
[7:20] आई होप आपको ये कहानी अच्छी लगी, अगली कहानी और भी इंटरेस्टिंग है।
[7:25] जल्द मिलते हैं।

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