# FAADU FRIDAYS Ep1 | SpookCast | Horror Story | Hindi Horror Podcast | Bhoot | Horror Kahaniya |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 4 Oct 2024, 15 min.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/92583916/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2024-9-4%2F387536515-44100-2-3d647177f34b5.m4a

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## Transcript

[0:01] दोस्तों आपका स्वागत है। सीज़न 2 के इस नए सीरीज में।
[0:05] यह है फाड़ू फ्राइडेस जहाँ हर फ्राइडे की रात 9:00 बजे हम आपको
[0:10] कुछ असली हॉरर एक्सपीरियंसेस और घटनाओं की दुनिया में ले जाएंगे।
[0:14] आज हम आपके साथ दो ऐसे इन्सिडेंट्स शेयर करेंगे जो हमें
[0:19] ऑनलाइन कुछ फ़ोरम्स पर मिली है। बट प्राइवेसी मेंटेन रखने के लिए
[0:23] हमने करैक्टर्स और उनके जगहों के नाम चेंज कर दिए हैं।
[0:27] अब बिना किसी देरी के हम पढ़ते हैं हमारे पहली घटना की और और
[0:31] शुरू करते हैं आज का फाड़ू फ्राइडे।
[0:37] सुनते रहिए फाड़ू फ्राइडेज़। सोचा था कि ऑनलाइन दुनिया सिर्फ
[0:45] एक मजाक है, लेकिन कभी कभी वर्चुअल वर्ल्ड में ऐसे रास छुपे
[0:49] होते हैं जो आपकी रियल लाइफ को बदल सकते हैं।
[0:52] मेरे साथ जो हुआ हो तुम कभी नहीं समझ पाओगे।
[0:56] मेरा नाम राजेश है और मैं बैंगलोर में पिछले 11 साल से काम के
[1:00] सिलसिले में रह रहा हूँ। मैं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम
[1:03] करता हूँ। लेकिन ऑफिस के बाहर मज़ा तो सोशल
[1:06] मीडिया पे टाइम पास करने में आता है।
[1:09] हम सब काफी टाइम ऑनलाइन स्पेंड करते हैं।
[1:11] है ना? लेकिन जो मैंने देखा वो सिर्फ
[1:15] टाइम पास नहीं। वो एक नाइट में बन गया था।
[1:18] एक बुरा सपना मुझे हमेशा से फोरम्स और सोशल मीडिया पे नए
[1:23] ट्रेंड चेक करते रहना पसंद था। रेडिड पे तो मैंने काफी ज्यादा
[1:27] ट्रेंड्स फॉलो किये थर्ड्स फॉलो किये और रैंडमली लोगो के प्रोफाइल
[1:32] स्टॉक करना एक हैबिट बन गया था। हर एक प्रोफाइल एक स्टोरी होती
[1:36] है, एक कहानी होती है। कोई अपनी जिंदगी के फनी मोमेंट्स
[1:39] शेयर करता है तो कोई अपने डार्क सीक्रेट्स एक ऐसी ही रात रेडिड
[1:45] स्क्रॉल कर रहा था। एक थ्रेड पे कुछ लोग बात कर रहे
[1:49] थे की कुछ प्रोफाइल्स मिस्टेरियस तरीके से डिस अपीयर हो रही थी,
[1:52] गायब हो रही थी। पहले तो मैंने इस बात को इग्नोर
[1:55] किया लेकिन जब मैं दोबारा चेक करने गया तो वही लोग जो थर्ड पे
[2:00] पहले अक्टिव थे, कुछ प्रोफाइल्स उनमें से लिटरल्ली वैनिश हो गई थी
[2:07] कुछ ही सेकण्ड्स में नो ट्रेस जैसे कभी वहाँ थे ही नहीं।
[2:12] अब क्यूरियसिटी बढ़ने लगी थी। मैं उनका हिस्टरी चेक करने लगा और
[2:16] जो मैंने देखा वो स्पाइन। था।
[2:20] सबके सब एक पर्टिकुलर वेबसाइट को विजिट करने के बाद ही डिसअप्पिएर
[2:25] हुए थे। दी वाइल्ड नेट एक अननोन
[2:29] अनट्रेसेबल साइट जो डार्क वेब पे छुपी हुई थी।
[2:34] ने मुझे उन प्रोफाइल्स को और क्लोज़ली देखने पे मजबूर किया ये
[2:38] साइट है क्या? क्यों जाते हैं लोग इस साइट पे?
[2:41] मुझे पता करना था उसमें सोचने लगा पर किसी भी ब्राउज़र पे सर्च करो
[2:46] तो कुछ नहीं मिल रहा था। लेकिन फिर एक एनालिमिस यूज़र से
[2:50] मुझे एक एन्क्रिप्टेड मैसेज भेजा गया, जिसमें लिखा था, फाइन्ड दी
[2:55] ट्रूथ इफ यू टियर मैंने बिना कुछ सोचे समझे वो लिंक फॉलो किया, पी
[3:00] पी एन चालू किया, ब्राउज़र खोला और लिंक पे क्लिक किया।
[3:05] नेट एक सिंपल ब्लैक स्क्रीन एक चैट विंडो के साथ बस इतना ही था।
[3:11] इतना ही था उसके इंटरफेस पहली लाइन जहाँ लिखा था वेलकम वेलकम
[3:17] राजेश वी हॅव बीन वेइटिंग फॉर यू दोस्तों, उस वक्त मेरे सारे बॉडी
[3:22] फ्रीज़ हो गई थी। मेरे हाथों ने कीबोर्ड को अभी तक
[3:25] दबाया भी नहीं था। मैंने सिर्फ उस लिंक पे क्लिक
[3:28] किया था। लेकिन इनको मेरा नाम कैसे पता
[3:31] चला? मैंने तुरंत एग्ज़िट करना चाहा,
[3:33] पर कुछ भी काम नहीं कर रहा था। स्क्रीन पे रैंडम लोग चाट कर रहे
[3:37] थे, लेकिन ये कोई नॉर्मल चाट नहीं थी।
[3:39] सब अपनी ऐडेंटिटीस के बारे में बात कर रहे थे।
[3:42] एक ने लिखा, वी अरे ट्रैप्ड या हम यहाँ फंसे हैं।
[3:46] एक दूसरे ने कहा यू विल डिस अपेर नेक्स्ट अगली बार?
[3:51] आप गायब होने वाले हो। मैंने लैपटॉप बंद करने की कोशिश
[3:54] की, लेकिन स्क्रीन ब्लैंक नहीं हो रही थी।
[3:57] अचानक से एक पॉप अप नोटिफिकेशन आया प्रोफाइल डिलीटेड मैं रेडिड
[4:03] पे वापस गया तो देखा कि मेरे खुद की प्रोफाइल डिलीट हो चुकी थी और
[4:07] जब मैंने अपना ईमेल चेक करना चाहा तो वहाँ से सब कुछ वैनिश हो चुका
[4:12] था, डिलीट हो चुका था। ये कोई ग्लिच नहीं था।
[4:16] कोई मेरी आइडेंटिटी को सिस्टेमेटिकली ए रैसे कर रहा था,
[4:20] मिटा रहा था अब तक मेरी हालत खराब हो गई थी।
[4:23] मैंने काफी सोचा कि कहीं मेरा अकाउन्ट हैक तो नहीं हो गया।
[4:27] कोई मजाक तो नहीं चल रहा लेकिन जब मैंने मेरे फ्रेन्डस को कॅाटाक्ट
[4:31] करने की कोशिश की, सबके सब नॉट रीचेबल थे।
[4:34] सोशल मीडिया अकाउन्ट्स का तो नामो निशान ही नहीं था।
[4:38] मेरे दोस्त मेरे मैसेजस देख नहीं पा रहे थे और मुझे लग रहा था की
[4:42] धीरे धीरे मैं इस डिजिटल सोशल मीडिया के दुनिया से बिल्कुल
[4:48] वैनिश हो रहा हूँ। मेरी हार्ट बीट्स बढ़ती जा रही
[4:51] थी, अचानक से मेरे फ़ोन का स्क्रीन ब्लिंक किया और एक मैसेज
[4:56] आया इट्स टू लेट राजेश यू अरे नेक्स्ट?
[5:02] मेरे हाथ पांव कांपने लगे थे। मैंने अपनी स्क्रीन पर देखा तो
[5:07] उसका बैकग्राउंड सलौली डार्क होता जा रहा था।
[5:10] जैसे कोई ब्लैक होल सब कुछ अब्सोर्ब कर रहा हो अपने अंदर
[5:14] समेट रहा हो हर वेबसाइट जो मैंने ओपेन की थी, सिर्फ एक ब्लैक
[5:18] स्क्रीन बन चुकी थी बस एक मैसेज और बचा था दी वोइड है क्लेम्ड यू।
[5:27] मैं अपना फ़ोन फेक कर भागने वाला था की सडेनली फ़ोन पे एक घंटी बजी
[5:32] अननोन नंबर जब मैंने ऑसर किया तो एक डिस्टर्बड वौइस् आई तुम्हें
[5:38] ढूंढ लिया गया है तुम्हारा टाइम खत्म हो चुका है।
[5:43] मैं परेशान था। मेरे फ़ोन में तो नेटवर्क ही नहीं
[5:45] था तो ये कॉल आई कैसे? मैं पूरी तरह पैनिक मोड में था।
[5:50] समझ नहीं पा रहा था कि ये चल क्या रहा है सब कुछ डिसअपीर हो रहा था
[5:54] मेरा ऑनलाइन प्रजेंस मेरी पहचान जैसे जैसे मैं इस दुनिया से गायब
[5:58] हो रहा हूँ धीरे धीरे फिर अचानक सब ब्लैंक हो गया।
[6:02] मेरी स्क्रीन ब्लैक फ़ोन डेड और मेरे सर्राउंडिंग्स बिलकुल शांत
[6:07] मैं एक झटके से उठा पसीने से भीगा हुआ मेरी हार्ट बीट अब तक तेज़
[6:12] थी, सब नॉर्मल लग रहा था मेरे फ़ोन पे कोई अनूशुअर मैसेज नहीं
[6:17] थे और लैपटॉप बिल्कुल ठीक काम कर रहा था तो ये क्या एक सपना था?
[6:23] मैंने अपने आप से कहा, एक गहरी सांस लेते हुए मैंने सब कुछ वापस
[6:28] से चेक किया। मेरे सोशल मीडिया प्रोफाइल ठीक
[6:30] थी, मेरे दोस्त ऑनलाइन दिख रहे थे, मेरे मैसेजस जा रहे थे और सब
[6:34] कुछ नॉर्मल था। ये एक अजीब नाइट मेयर एक दो
[6:38] स्वप्न था और मैं इसे कुछ ही दिनों में भूल गया।
[6:42] लेकिन फिर 1 दिन जब मैं यूसुअल ब्राउज़िंग कर रहा था, मैंने एक
[6:47] ईमेल से एक लिंक पे ऐक्सिडेंटली क्लिक कर दिया।
[6:51] एक पेज ओपेन होने लगा और जो मैंने वहाँ आगे देखा उसने मेरी सारी
[6:56] दुनिया हिला दी। स्क्रीन पे एक जाना पहचाना मैसेज
[7:01] ब्लिंग कर रहा था। वेलकम बेक राजेश।
[7:05] दी वॉयड स्टिल अवेट्स यू। आई ऍम रियली रियली इंट्री के मुझे
[7:15] ये स्टोरी घटना आप जो भी कहना चाहिए बहुत ही अलग बहुत ही।
[7:23] एंड काफी काफी डिफरेंट लगी एंड दट्स दी रीसन हमारे इस नए सीरीज
[7:28] के पहले एपिसोड में हमने इस कहानी से शुरुआत की है।
[7:32] सो अगर आपके साथ भी ऐसी ही कोई घटना घटी है या आपको आपके
[7:36] रिश्तेदार, आपके दोस्तों में से किसी के पास ऐसी कोई घटना है?
[7:41] तो हमारे साथ शेयर करे। हम उसे इस प्लेटफार्म से जरूर
[7:45] जरूर शेयर करना चाहेंगे। तो दोस्तों आपको कैसा लगा?
[7:48] ये पहला एपिसोड का पहला स्टोरी बढ़ते हैं अभी अगली घटना की और ये
[7:52] और भी करीपी है सुनते रही। सुनते रहिए फाड़ू फ्राइडेज़।
[8:01] हर घर अपनी कहानियों कहता है, लेकिन कुछ कहानियों इतनी पुरानी
[8:06] होती है कि हम उन्हें देख या सुन नहीं सकते।
[8:08] पर क्या होता है जब उन्हें कहानियों के कुछ करैक्टर्स आपको
[8:13] देख रहे होते हैं? मैं राघव डेल्ही का रहने वाला
[8:16] हूँ, मेरा काम मार्केटिंग में है और मेरी वाइफ प्रिया एक फॅशन
[8:20] डिजाइनर है। हमने सोचा था कि वीकेंड पे कुछ
[8:23] नया करते हैं इसलिए एक आर्ट ऑक्शन के लिए जाने का सोचा बस।
[8:29] कुछ कैजुअल इन्ट्रेस्ट था लेकिन वहाँ जो पेंटिंग मैंने देखी उसने
[8:34] मेरी ज़िन्दगी बदल दी। ऑप्शन हॉल थोड़ा पुराना विंटेज
[8:38] स्टाइल का था और लोग बड़े शॉक से बड़े चाव से पुरानी चीजें खरीद
[8:42] रहे थे। मेरा आर्ट का इतना इन्ट्रेस्ट
[8:44] नहीं था पर प्रिया को पैंटिंग्स काफी पसंद थी।
[8:48] एक ऐंटिक पुरानी पैंटिंग पे जैसी ही प्रिया की नजर पड़ी उसकी आंखें
[8:53] चमक उठीं। राघव ये पैंटिंग कितनी यूनिक लग
[8:57] रही है। देखना मैंने पैंटिंग देखी और
[9:00] ऑनेस्ट्ली वो थोड़ी अजीब लग रही थी।
[9:02] एक पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट पिंटिंग एक शांत सी फैम्ली डिनर
[9:07] टेबल पर बैठे हुई थी और उनका एक पुराना मेंशन बैकग्राउंड में दिख
[9:11] रहा था। सब कुछ सब कुछ नॉर्मल था लेकिन
[9:15] उनके चेहरों पे एक अजीब सी शांति थी और उनकी आँखें जैसे डाइरेक्टली
[9:21] हम पे ही टिक्की हुई थी। मैंने मजाक में कहा, प्रिया ये तो
[9:26] थोड़ी क्रीपी लग रही है पर प्रिया कहते है ना आर्टिस्ट की आँखे कुछ
[9:33] अलग ही देख पाती है। उसने वो पैंटिंग खरीद ली और घर
[9:37] लेकर आ गई और उस वक्त मैंने सोचा अजीब है लेकिन नुकसान भी नहीं है।
[9:44] पेंडिंग को हमने अपनी लिविंग रूम में लगवाया।
[9:46] हर दिन जब मैं ऑफिस से घर वापस आता था तो मुझे कभी कभी थोड़ा तो
[9:50] अजीब लगता था की उस पेंटिंग के उन कैरेक्टर की आँखें जैसे मुझे घूर
[9:55] रही हूँ जैसे मुझे देख रही हूँ। मैंने एक दो बार प्रिया से बोला
[9:59] भी की ये पैंटिंग काफी अनसटलिंग लगती है।
[10:02] लगता है कि जैसे ही लोग हमेशा मुझे ही दिख रहे हैं प्रिया हँसी
[10:06] और बोली तुम इतना ओवर थिंकिंग क्यों करते हो?
[10:08] राघव सिर्फ एक पैंटिंग ही है ये शायद वो सही थी लेकिन 1 दिन कुछ
[10:14] ऐसा हुआ जिसने मेरी सोच को बदल कर रख दिया।
[10:19] उस दिन मैं काम से लेट घर पहुंचा। लिविंग रूम में एक लैंप चल रही थी
[10:24] और प्रिया बेडरूम में थी। जैसे ही मैंने वो पैंटिंग को
[10:27] क्रॉस किया, मुझे लगा एक बल्क के लिए कि उन आँखों में कुछ मूवमेंट
[10:30] हुई। मैंने वहाँ रुक के दोबारा देखा
[10:34] लेकिन सब कुछ नॉर्मल लग रहा था। शायद मेरे ही आँखों का धोखा था।
[10:38] मैंने अपने आप से कहा राघव तू सच में ज्यादा सोचता है लेकिन रात को
[10:44] जब हम सो रहे थे, एक अजीब सी आवाज़ ने मुझे जगाया, वो एक हल्की
[10:49] सी कुछ घसीटने की आवाज थी जैसे की कोई फर्निचर को खींच रहा हो।
[10:54] मैंने अपनी आंखें खोली और देखा कि लिविंग रूम का डोर हल्का सा खुला
[10:58] हुआ था। थोड़ा हेसिटेशन के बाद मैंने
[11:01] लैम्प ऑन किया और धीरे से लिविंग रूम में आ गया।
[11:05] सब कुछ वैसा ही था जैसा मैंने पहले छोड़ा था।
[11:09] एक्सेप्ट दी पैंटिंग पैंटिंग अपनी जगह से स्लाइडली टिलटिट थी हिली
[11:16] हुई थी। मैंने प्रिया को जल्दी से नींद से
[11:18] उठाया पर उसने कहा की ये शायद हवा से टिल्ट हो गई होगी।
[11:22] मैं मान तो गया लेकिन मेरे अंदर का वो डाउट कहीं ना कहीं दब के रह
[11:27] गया। अगली रात जब हम डिन्नर कर रहे थे
[11:30] एक और क्रेपी चीज़ हुई प्रिया ने, वो रहा की पैंटिंग में एक फिगर,
[11:35] एक कैरेक्टर का चेहरा थोड़ा अलग लग रहा है।
[11:38] मैंने देखा और ये सच था। पहले जो शांति थी अब वो चेहरा
[11:42] थोड़ा गुस्से से भरा लग रहा था। प्रिया ने मजाक में कहा, लगता है
[11:47] इनको हमारा खाना पसंद नहीं आया है पर मैं अंदर से अभी भी काफी
[11:51] डिस्टर्बड फील कर रहा था। कुछ दिनों बाद मैं घर पर अकेले था
[11:55] और एक और चीज़ सामने आई। रात के करीब 2:00 बजे मुझे ऐसा
[11:59] लगा जैसे कि कोई मुझे देख रहा था फिर से वही फीलिंग।
[12:03] जब मैंने आँखें खोली तो पैंटिंग की आँखें डाइरेक्टली मेरे ही तरफ
[12:07] थी। वो आँखें लिटरल्ली मुझे फॉलो कर
[12:12] रही थी कि जैसे मैं रूम के अंदर इधर उधर मूव कर रहा हूँ।
[12:16] मैं वहाँ से तुरंत भाग कर बाहर आ गया।
[12:19] मैंने प्रिया को फ़ोन लगाया। प्रिया ने मुझे पूछा की मैंने
[12:22] ज्यादा ड्रिंक तो नहीं कर लिया है पर जब वो घर आने के बाद उस
[12:26] पैंटिंग के पास खुद गई, उसने भी वही फील किया।
[12:29] हम दोनों ने उसी पर डिसैड किया कि हम इस पैंटिंग को ऑप्शन हॉउस में
[12:34] जाकर रिटर्न कर देंगे। 2 दिन बाद हम पेंटिंग वाले ऑक्शन
[12:38] हाउस को गए लेकिन वहाँ जो हमें पता चला उसने हमें अंदर तक हिला
[12:42] दिया। ऑक्शनर ने बताया कि ये जो पैंटिंग
[12:45] हम घर देखे गए थे, किसी एक कर्स्ट फैम्ली की है।
[12:49] उन्होंने अपने ही मेंशन में अपने ही हवेली में एक साथ सुइसिदे किया
[12:54] था, उनके साथ क्या हुआ था ये किसी को नहीं पता लेकिन लोगों का ये
[12:58] कहना है जो भी इस पैंटिंग के कॅाटाक्ट में आता है।
[13:03] उनके साथ अजीब कुछ हादसे होते हैं।
[13:06] काफी लोग तो ये भी कहते हैं कि पैंटिंग में दिखने वाले
[13:09] करैक्टर्स, वो लोग। कभी कभी अपने फ्रेम से बाहर भी आ
[13:12] जाते हैं। यह सुनकर प्रिया और मैं तुरंत
[13:15] वहाँ से निकल आए और हमने सोचा कि घर जाएंगे और वह पैंटिंग को
[13:19] डिस्ट्रॉय कर देंगे, लेकिन घर पहुंचते ही हमें एक और शौक मिला।
[13:25] वो पैंटिंग हमने जहाँ हमारे लिविंग रूम में टांग के रखा था,
[13:29] वहाँ अब सिर्फ एक ब्लैंक फ्रेम ही रह गया था, पैंटिंग अंदर से गायब
[13:35] हो चुकी थी। आज तक हमें समझ में नहीं आया कि
[13:40] वो पेंटिंग गई कहाँ? हमने हर जगह देखा पर कोई ट्रेस
[13:44] नहीं मिला, लेकिन हर रात जब भी मैं मेरे घर के इन दीवारों को
[13:48] देखता हूँ, एक पल के लिए लगता है कि जैसे उन दीवारों के अंदर से
[13:53] मुझे कोई देख रहा है। शो यही खत्म होता है हमारा पहला
[14:00] एपिसोड तो दोस्तों आप क्या करेंगे?
[14:03] अगर आपको भी ऐसी ही कोई पैंटिंग हम गिफ्ट में दें या आपको कहीं
[14:08] मिले कॉमेंट्स में बताएं। अगले फ्राइडे हम वापस मिलेंगे।
[14:13] अगले एपिसोड में और भी ऐसी ही दिलचस्प कुछ किस्से देखें।
[14:18] आप शेयर कर सकते हैं आपकी कहानियाँ आपकी एक्सपीरियंसेस हमें
[14:22] ईमेल करके। सुनते रहिए स्पोक कास्ट और मंजिला
[14:28] के साथ।

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