# EP41 - BHAIRAV - Part 1 | SPOOKCAST ORIGINAL STORY |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 13 Apr 2025, 22 min.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/101235736/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2025-3-13%2F398328584-44100-2-b55b13ee55ac7.m4a

Story: In this Episode, a mangled body of Shankar is found outside the dreaded Shamshan Ghat of the village, where tantrik Bhairav lives with his scary dog Bhola. Who killed Shankar? What role does Bhairav and his dog Bhola play in his death? Listen to this original story to find out the truth. Please don't forget to follow us on Spotify!! And also leave a rating for us. That would encourage us immensely! Send your stories on our Whatsapp number 9767916545. Leave a msg or a voice note and we will get back to you. | SpookCast | Horror Story | Bhoot | Horror Kahaniya | Horror Podcast | Hindi Horror Podcast | Haunted Village | Haunted House | Haunted Flat | Tantrik |Shamshaan | Tantra | Aghori Baba | Sadhu | Narrated by : Manjila STORY and SOUND : Manjila Send your stories to KahaniSTVO@gmail.com WhatsApp : 9767916545 Sound Effect from Pixabay Say hi to us on Instagram! We would love to connect with you guys! https://www.instagram.com/spookcastoriginals/ Listen to the new Episode of Faadu Friday on Spotify: https://open.spotify.com/show/5po5YbzaWDIOclOcOE8kq5 Find us on Youtube: https://www.youtube.com/@SpookcastOriginals

## Transcript

[0:02] दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सब? आज की स्पोक कास्ट ओरिजिनल स्टोरी
[0:07] शुरू करने से पहले बस एक छोटा सा डिस्क्लेमर है।
[0:12] आज की कहानी इंटेंस ग्राफिक हॉरर एलिमेंट्स से भरी है, जो कुछ
[0:16] लोगों के लिए काफी डिस्टर्बिंग हो सकती है।
[0:19] सो अगर आप कमजोर दिल के हैं या ग्राफिक हॉरर सीन्स को बर्दाश्त
[0:24] नहीं कर सकते तो आप आज की कहानी को स्किप कर सकते हैं।
[0:29] बट फॉर ऑल दोज़ लिस्टनर्स हूँ एन्जॉय सच स्टोरीज़ कीप लिसेनिंग
[0:33] ऑल्सो फॉर ऑल दी क्रेज़ी स्पूकास्ट फँस।
[0:36] आप लोग एंड तक जरूर बने रहे। क्योंकि आज से शुरू होने वाला है
[0:41] हमारा शौत आउट सेशन। सो, चलिए अब बिना किसी देरी के आज
[0:46] का एपिसोड शुरू करते हैं। सुनते रहिए स्पूक कास्ट, अवि और
[0:53] मंजिल के साथ। सुबह के 4:00 बज रहे थे, हल्की
[1:08] हल्की बारिश हो रही थी। आसमान काले बादलों से भरा हुआ था
[1:14] पर श्मशान घाट के पास भीड़ बढ़ती जा रही थी।
[1:18] कुछ भीगते हुए लोग एकदम खामोश थे। कुछ।
[1:22] तभी आवाज में बात कर रहे थे वहाँ आए कुछ नए जिज्ञासु लोग रास्ते की
[1:28] तरफ एक नजर देख कर घबराहट से कांपते हुए पीछे हो रहे थे।
[1:32] कुछ अपनी आँखों और मुँह को कपड़े से ढक रहे थे पर एक चीज़ जो सबकी
[1:38] आँखों में थी हवा में थी वो था डर।
[1:42] है खौफ हर किसी की नजर एक ही जगह टिक्की हुई थी शमशान के बाहर
[1:51] रास्ते के बीच में और वहाँ जमीन पर पड़ी हुई थी शंकर की लाश या
[1:59] फिर कहूं? उसके मांस के कुछ टुकड़े जिसे देख
[2:03] कर ऐसा लग रहा था मानो किसी जानवर ने उसे नोंच खाया हो, वो दृश्य
[2:09] भयावह था। शंकर का आधा चेहरा गायब था, एक
[2:13] आंख बाहर निकली थी, दूसरी गायब थी।
[2:17] आधे दांत टूटे हुए थे उसके होंठ। नाक एक गाल गायब थे, मानो किसी
[2:25] जानवर ने उसे चबाकर खा लिया हो। गले से मांस के लंबे लंबे टुकड़े
[2:30] लटक रहे थे जैसे किसी ने मांस को नोचा हो।
[2:34] शरीर का चमड़ा गले से खींच कर पेड़ के नीचे फाड़ कर अलग किया
[2:40] गया था। पेट फटा हुआ था, कुछ अंदरूनी अंग
[2:44] गायब थे, कुछ रास्ते पर इधर उधर बिखरे पड़े थे।
[2:48] शंकर की आंधी आटे खींच कर बाहर निकाली गई थी।
[2:53] चारो तरफ खून और मांस के टुकड़े फैले हुए थे।
[2:57] हवा में फैली खून की गंध। बर्दाश्त करनी मुश्किल हो रही थी।
[3:01] अब हल्की हल्की बारिश अब भी हो रही थी।
[3:09] खून बारिश के पानी के साथ मिलकर सड़क के किनारे से नालियों में बह
[3:14] रहा था। शंकर के बचे हुए शरीर में।
[3:18] कोनी से नीचे का एक हाथ गायब था। थोड़ी दूर पर उसका वो हाथ आंधी
[3:25] खाई हालत में पड़ा था। उसके दूसरे हाथ की मुठी बंद थी।
[3:30] उस बंद हथेली में से बाहर कुछ निकला हुआ था।
[3:34] कुछ काले बाल। पर वो कोई इंसान के बाल नहीं थे
[3:40] बल्कि छोटे छोटे बालो का एक गुच्छा था।
[3:43] जैसे वो किसी जानवर के हो मानो मरने से पहले खुद को बचाते वक्त
[3:48] शंकर ने उस जानवर के शरीर से वो बाल नोच कर अलग किया।
[4:05] शंकर का सबसे करीबी दोस्त दौड़ता हुआ वहाँ पहुंचा उस भाया वह ऋषि
[4:11] को देख भीड़ में वो बस ठिठुरता हुआ खड़ा था, उसे अपनी आँखों पर
[4:17] बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा था। ये ये मांस के टुकड़े।
[4:22] ये ये शंकर था उसका दो शंकर तभी उसके पैर के नीचे कुछ चुपका उसने
[4:32] झुककर नीचे देखा। मांस का एक छोटा सा टुकड़ा उसकी
[4:37] चपल के नीचे चपक गया था। उसके दोस्त के शरीर का एक टुकड़ा
[4:44] देखते ही रबी गोली आ गई। वो खुद को संभाल नहीं पाया और उस
[4:48] रोड के किनारे दौड़ा। उलटी कर जब वो पीछे मुड़ा लोगों
[4:54] की उस भीड़ में उसने उसे देखा। काली धोती, शरीर पर राख, माथे पर
[5:04] लंबी लंबी जटाएँ, गले और हाथों में रुद्राक्ष की मालाएं और आँखों
[5:10] में एक अजीब सी शांति। चेहरे पर एक संतुष्टि की वही
[5:16] तांत्रिक था। भैरव जिसे उसे और शंकर ने दो
[5:21] हफ्ते पहले देखा था। भैरव चुपचाप एक जगह खड़े होकर
[5:25] शंकर की लाश को देख रहा था। उसके चेहरे पर एक हल्की सी
[5:30] मुस्कराहट थी और उसके बगल में था भोला।
[5:35] भैरव का भेड़िए जैसा दिखने वाला काला कुत्ता जो कुछ दिनों पहले मर
[5:41] चुका था जीसको मरते हुए रवि ने अपनी आँखों से देखा था वो कुत्ता
[5:48] आज जिंदा था और उस लोगों के भीड़ के बीच में भैरव के पास बैठा हुआ
[5:54] था। और बैरक बैरक पड़े आराम से उसके
[5:58] माथे पर प्यार से अपना हाथ फेर रहा था।
[6:03] इससे पहले की रवि वहाँ से भाग पाता।
[6:06] अचानक भोला की चमकती लाल आंखें रवि के ऊपर पड़ी सीधा उसके अंदर
[6:12] तक झांकते हुए। और अगले ही पल भैरव ने भी रवि की
[6:17] तरफ मुड़कर देखा। भैरव अब हंस रहा था, उसके मुँह पर
[6:24] एक पेशा चिक हँसी थी, पान से रंगे उसके कंधे दांत साफ नजर आ रहे थे
[6:31] और भोला। वो अपनी लंबी लाल जीप बहार कर
[6:36] चुपचाप रवि को घूरे जा रहा था। रवि ने जैसे ही इन दोनों को उसे
[6:42] घूरते हुए देखा उसका पूरा शरीर डर से जम गया।
[6:46] डर से उसकी आवाज गले में ही अटक गई।
[6:49] उसके हाथ पैर कांपने लगे। और उसके दिमाग में एकदम से सब कुछ
[6:55] वापस आने लगा। उन 14 दिनों की कहानी जब उसके
[7:00] दोस्त शंकर ने उस कुत्ते को मारा था और भैरव भैरव जाग उठा था।
[7:14] शंकर और रवि एक ही गांव के दो पुराने दोस्त थे।
[7:19] हर सुबह दोनों साथ ही खेत जाते वहाँ काम करते और शाम को एक ही
[7:24] साइकिल पर घर लौटते। उनकी जिंदगी बहुत ही सादगी भरी
[7:29] थी। कई बार शाम को काम खत्म कर लौटते
[7:32] समय उन्हें अक्सर देरी हो जाती और फिर मजबूरी में उन्हें वो रास्ता
[7:39] लेना पड़ता। वो मनहूस रास्ता शमशान घाट वाला
[7:44] चुन दोनों। या फिर कहूं, पूरे गांव वालों के
[7:47] लिए एक आतंक था, सब उस रास्ते से शाम के बाद गुज़रने से डरते थे पर
[7:54] शॉर्टकट होने के कारण शंकर और रवि कई बार उसी रास्ते से घर लौटते।
[8:01] ये पुराना टूटा फूटा पत्थर का रास्ता था।
[8:05] जिसके दोनों तरफ सूखे हुए पेड़ थे और बीच में शमशान घाट की जमीन।
[8:11] जहा से हर रात कुछ अजीबो गरीब आवाजें सुनाई देती थी जिसे सुनकर
[8:18] लोगों को अक्सर खिंचाव महसूस होता था।
[8:22] एक अजीब सा डर महसूस होता था। कहा वालों का कहना था कि शमशान
[8:28] में रहता था एक काली शक्तियां को पूजने वाला कपालिक भैरव काले भगवा
[8:35] वस्त्र, लाल टीका, गले में हजारों रुद्राक्ष, लंबी जटाएं, शरीर पर
[8:40] राग और दो आँखें। जो किसी के अंतरात्मा तक को पढ़
[8:45] ले उसके चेहरे पर शांति थी, लेकिन आँखों में एक ऐसा देश था जो
[8:51] इंसानों में नहीं होता और बहरह उस शमशान में अकेले नहीं रहता था।
[8:57] उसके साथ रहता था उसका सेवक, उसका रक्षक।
[9:02] एक विशाल काला कुत्ता भोला भोला का शरीर काले बालों से ढका हुआ
[9:10] था। आँखें लाल और चाल ऐसी जैसे
[9:14] साक्षात काल जमीन पर चल रहा है। वो इतना बड़ा था कि लोग कहते कि
[9:20] वो कुत्ता नहीं। शायद कुछ और था।
[9:23] कुछ बहुत बुरा कह वालों का मानना था कि भोला को भैरव ने ही तंत्र
[9:29] विद्या से जन्म दिया था। भैरव के साथ वह जब भी रहता तब
[9:34] उसका स्वभाव बहुत शांत होता। पर अगर।
[9:38] भैरव की पूजा विधियों में कोई विघ्न डालता या भैरव को परेशान
[9:42] करता उससे बुरा बर्ताव करता तो उसका बदला भोला लेता।
[9:48] रात होते ही वह शमशान के बाहर अंधेरे में बैठा रहता।
[9:54] वह किसी आदमखोर जैसा भयानक बन जाता।
[9:58] उसका रूप और भी विकराल हो जाता। उसकी वो भयानक लाल आँखें उस
[10:04] श्मशान के अंधेरे में भी हमेशा उस रास्ते से आते जाते लोगों को
[10:09] चमकते हुए दिखती अगर कोई शमशान से आ रही आवाजों को सुनने के लिए।
[10:16] वह ज्यादा देर उठता तो भोला की आवाज, उसकी कुर्राहट से उसके पैर
[10:22] कांप जाते। शमशान के अंधेरे में उन लाल आँखों
[10:27] को देख और उसकी कुर्राहट सुन कितने ही लोग अक्सर भाग खड़े होते
[10:32] थे वहाँ से और फिर। इस रास्ते पर कभी नहीं लौटते और
[10:37] अगर कोई दोबारा लौटता तो भोला उनको सबक सीखाता उन्हें काटने को
[10:44] दौड़ता, शरीर के अलग अलग हिस्सों से मांस काटकर अलग कर देता और
[10:50] उन्हीं के सामने उनका मांस खाता। इसीलिए गांव वाले वहाँ जाने से
[10:58] डरते थे और रात के बाद उस रास्ते से गुजरना मना था पर शंकर और रवि
[11:09] अभी जवान थे। रवि को इन बातों से डर लगता था,
[11:13] पर शंकर उसके अंदर अजीब सी क्यूरियोसिटी थी।
[11:17] फसल कटाई का समय चल रहा था और इसीलिए न चाहकर भी पिछले कुछ
[11:23] दिनों से उन दोनों को रोज़ देरी हो रही थी और शंकर और रवि इस
[11:28] रास्ते से ही घर लौट रहे थे। रात में जब भी वो दोनों साइकिल से
[11:33] उस रास्ते से घर लौटते, शमशान के अंधेरों से मंत्रों की आवाज सुनाई
[11:38] देती दूर कहीं हवन की अग्नि दिखाई देती और शंकर का मन शमशान के अंदर
[11:46] क्या चल रहा है ये देखने के लिए खिंचा चला जाता।
[11:50] पर हर बार रवि उसे टाट कर साइकिल से उतरने नहीं देता।
[11:55] कई बार उस अंधेरे में उन दोनों ने दो लाल चमकती आँखें भी देखी थी और
[12:01] एक भारी सी कुरराहट भी सुनी थी। उन्हें पता था।
[12:06] उस भैरव का खूंखार कुत्ता बोला उन दोनों पर नजर रख रहा था पर उन
[12:12] दोनों ने उस रास्ते से घर लौटना बंद नहीं किया।
[12:20] एक राग रवि और शंकर उस रास्ते से लौट रहे थे।
[12:24] आज भी। शमशान के अंदर से बहुत से अजीब
[12:27] आवाजे आ रही थी। मंत्रों की आवाज के साथ किसी
[12:31] जानवर के चिल्लाने की आवाज आ रही थी।
[12:35] शायद किसी जानवर की बली होने वाली थी।
[12:38] वहाँ उस जानवर की आवाज सुनकर रबी के पैर ठंडे पड़ गए थे।
[12:44] उसने डर के मारे साइकिल की स्पीड बढ़ाने की कोशिश की और शमशान के
[12:49] ठीक बाहर पहुँचकर उसकी साइकिल की चैन उतर गई।
[12:55] रवि बहुत घबरा गया, वो तुरंत साइकिल से उतरा और चैन ठीक करने
[13:00] लगा। उस जानवर की आवाज अब और भी तेज हो
[13:04] गई थी। शंकर की क्यूरियोसिटी बढ़ने लगी।
[13:08] उसने मौका देखते ही शमशान की दीवार के पास रुक कर अंदर झांकना
[13:14] शुरू किया। जैसे ही रवि ने सैकल की चेन चढ़ाई
[13:18] उसने शंकर को अंदर झांकते देखा। शंकर पागल हो गया क्या चुपचाप चल
[13:25] यहाँ से जल्दी? लेकिन शंकर नहीं रुका।
[13:30] वो अब भी अंदर झांक रहा था और तभी हवा जैसे भारी सी हो गई और साइकिल
[13:38] से करीब 15 फिट उरी पर। कुराता हुआ एक काला भेड़िए जैसा
[13:43] कुत्ता रास्ते के पास चलकर आया, उसकी आंखें अंगारों की तरह लाल
[13:49] चमक रही थी और उसके दांत पूरे बाहर थे।
[13:54] मुँह से लाल टपक रही थी उसके वो शंकर और रवी की तरफ देख कर।
[13:59] भयानक तरीके से गुजराने लगा होला रवि के गले से ये शब्द निकले शंकर
[14:06] भी अब साइकिल के पास पहुँच चुका था।
[14:09] होला उसे इतने गुस्से से घूर रहा था कि शंकर अगले ही पहल कैरियर पर
[14:14] बैठ गया। उन दोनों के पैर कांप रहे थे।
[14:18] और तभी भोला के गले से एक ऐसी आवाज एक ऐसी चीक निकली जिसने उन
[14:24] दोनों के शरीर को ठंडा कर दिया। वो धीरे धीरे कुर्राता हुआ उनके
[14:30] साइकिल के पास आ रहा था। पता नहीं रवि को हिम्मत कहाँ से
[14:35] आई उसने पैडल पर? पैर रखा और हवा की गति से वहाँ से
[14:40] निकल गया। घर पहुंचने तक दोनों डर से चुप
[14:44] थे। आज तक खाली भोला के बारे में उन
[14:47] लोगों ने सुना था, आज साक्षात देख भी लिया।
[14:53] दोनों ने उस रात फैसला किया कि फिर दोबारा।
[14:57] उस श्मशान वाले रास्ते से कभी नहीं जाएंगे पर होने को कौन टाल
[15:06] सकता है। कुछ 10 दिन बीते होंगे कि घर
[15:11] लौटते समय उन दोनों को बहुत ज्यादा देरी हो गई।
[15:15] रवि की माँ की तबियत भी खराब थी। सो घर जल्दी पहुंचना जरूरी था।
[15:20] बहुत विचार विमर्श करने पर उन दोनों ने फैसला किया कि वो दोनों
[15:24] एक आखिरी बार उस शमशान घाट वाले रास्ते से घर लौटेंगे।
[15:29] शमशान की तरफ मुड़कर एक बार भी नहीं देखेंगे और फुल स्पीच से
[15:34] सैकल भगाते हुए वहाँ से निकल जाएंगे।
[15:36] पर हम अक्सर जैसा सोचते हैं, ऐसा हमेशा थोड़े ही ना होता है।
[15:45] शंकर और रवि तेजी से शमशान वाले रास्ते की ओर बढ़ रहे थे।
[15:50] आज किसी भी हालत में वो दोनों भोला का सामना नहीं करना चाहते
[15:54] थे। गांववाले हमेशा वैसे भी कहते थे
[15:58] की भोला पहली बार तो छोड़ देता है और दूसरी बार दूसरी बार बहुत ही
[16:04] कम लोग थे जो भोला से बच कर लौटे थे।
[16:08] जैसे जैसे श्मशान का वो रास्ता पास आते जा रहा था, उन दोनों की
[16:13] दिल की धड़कन बढ़ती जा रही थी। उन दोनों ने बड़ी तेजी के साथ
[16:18] श्मशान क्रॉस किया और मन ही मन भगवान को धन्यवाद कर ही रहे थे कि
[16:26] अचानक एक आवाज हुई। रवि का बैलेंस दिख रहा था और
[16:31] दोनों साइकिल से जमीन पर गिर पड़े।
[16:35] रवि की साइकिल की चेन उस पथरीले रास्ते पर आज उतरी नहीं थी।
[16:41] आज वो टूट गई थी। उन दोनों ने साइकिल से उतर कर एक
[16:47] दूसरे को देखा। दोनों की शक्ल पर खौफ साफ नजर आ
[16:51] रहा था। श्मशान की साइकिल से।
[16:55] कुछ 10 से 15 फिट की दूरी पर ही था और इससे पहले कि वो क्या करें
[17:00] वो सोच भी पाते। अगले ही पल उन दोनों को श्मशान की
[17:04] उस गाढ़ी अंधेरे में दो ला ला के चमकती हुई दिखाई दी।
[17:11] फिर वो भयंकर कुराहट की आवाज। अगले ही पल भोला का काला विशालकाय
[17:16] शरीर उस रास्ते के ऊपर था। दांत बहार और कुर्राहट की तेज
[17:23] आवाज और फिर अगले ही पल वो हवा की रफ्तार से दौड़ता हुआ आया और शंकर
[17:30] पर टूट पड़ा। शंकर और रवि दोनों पागलों की तरह
[17:41] डर से चीखने लगे। भुला ने शंकर के पैर में अपने तार
[17:45] काट दिए और एक मांस के टुकड़े को खींच कर निकाल लिया।
[17:51] शंकर दर्द से चीख पड़ा। भोला ने उसके पैरों को अपने
[17:56] दांतों में अब दबोच रखा था। उसके नो खीले दांत और जीभ शंकर के
[18:00] खून से लाल हो चूके थे। उसकी वो विपक्ष को राहत और शंकर
[18:06] के चितकार से पूरा शमशान। और आसपास का इलाका गूंज रहा था।
[18:12] रवि रवि पास ही खड़े डर से कांप रहा था।
[18:16] वो क्या करे? उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उसे
[18:20] पता था कि अगला नंबर शायद उसी का था।
[18:25] तभी भोला ने शंकर का पैर छोड़ा। उसके हाथ को काटना शुरू किया।
[18:30] शंकर ने खुद को बचाने के लिए अपने दूसरे हाथ से पास ही में पड़े एक
[18:35] नौकीले पत्थर को उठाया और उसके सर पे दे मारा।
[18:40] बोला कि एक दर्दनाक चितका से पूरा शमशान।
[18:46] और उसके बाद जो वह हुआ उसका अंदाजा किसी ने अपने सपने में भी
[18:52] नहीं किया था। दोस्तों आगे क्या हुआ?
[18:57] 14 दिन बाद हुए शंकर की विभत्स मौत का इस हादसे के साथ क्या
[19:02] कनेक्शन था? इन सवालों का जवाब सुनने के लिए
[19:06] इस कहानी का दूसरा भाग जरूर सुनिए सो गाइस आई होप यू लाइक दी स्टोरी
[19:16] सोफा स्टोरी थोड़ी ग्राफिक है बट आई नो दट इस हौ यू लाइक इट मोस्ट
[19:21] ऑफ दी टाइम सो अब। लेटस स्टार्ट विथ आ सेशन फॉर थिस
[19:26] वीक आज से इस फोरकास्ट के हार्ड को फैन्स के लिए हम एक सेशन शुरू
[19:32] कर रहे हैं। इन केस यू अरे वंडरिंग व्हाट थिस
[19:35] इस ऑल अबाउट इफ यू हॅव रीचड? आउट टु उस वाया व्हाट्सएप, ईमेल,
[19:40] इंस्टाग्राम डीएम ऑर यूट्यूब कॉमेंट्स।
[19:43] स्टार्टिंग दिस वीक वी विल बी गिविंग शौत आउट्स तो थ्री
[19:47] लिस्टनर्स एवरी वीक इन और पॉडकास्ट एपिसोड सो आज का पहला
[19:52] शौत आउट जाता है। श्रीनाथ रेड्डी को हू रीचड आउट,
[19:55] तो उस थ्रू इंस्टाग्राम ही लव्स फोरकास्ट एंड ही रीचड आउट तो उस
[19:59] आफ्टर फिनिशिंग ऑल आर एपिसोड इन जस्ट टू डेज।
[20:03] आस्किंग फॉर मोर एपिसोड सो श्रीनाथ इफ यू अरे लिसनिंग थैंक्स
[20:08] फॉर लेटिंग उस नो हौ मच यू लाइक दी वर्क आज का दूसरा शौत आउट गोज़
[20:13] टु बिलविद करण कोरे करण ने हमें पहले इंस्टाग्राम और फिर
[20:18] व्हाट्सएप पर कॅाटाक्ट किया। मैंने और रवि ने उनसे फ़ोन पर भी
[20:21] कई बार बात की है। एंड ही है शेयर्ड सम ब्रिलियंट
[20:25] आपबीती कॅन्टेंट विथ उस जो आपने ऑलरेडी सुनी है या फ्यूचर में भी
[20:29] सुनने वाले हैं सो करण थैंक्स ए लॉट फॉर दी वंडरफुल इन्सिडेन्स यू
[20:34] शेयर एंड ऑल्सो फॉर युअर एंड युअर फैमिलीज़ फीड्बैक ऑन आवर एपिसोड
[20:40] एंड फाइनली आज का फाइनल शॉट। इट गोज़ टु आवर बिलविड टेंथ
[20:45] स्टैंडर्ड्स बुककास्ट एंड फाडू फ्राइडेज फैन अक्षत फ्रम, लखनऊ जो
[20:51] फिलहाल अपने बोर्ड एग्ज़ैम्स में बीज़ी होने के बावजूद हमें रोज़
[20:56] मैसेज करते हैं, फीडबैक देते हैं और हमारे काम को अप्रीशीएट भी
[21:00] करते हैं। एंड ही रीचड आउट टु उस ऑन
[21:01] व्हाट्सएप। और हम लोग ऑलमोस्ट हर वीक उनसे
[21:05] चाट करते हैं। यू कैन रिचार्ज ऑन व्हाट्सएप,
[21:08] इंस्टाग्राम, ईमेल ऑर यूट्यूब डीटेल्स डिस्क्रिप्षन में हैं
[21:12] सेंड थिस युअर इन्सिडेंट्स जो थोड़ी यूनिक हो गाइस नॉट दी
[21:16] टिपिकल वन्स जो हर किसी पॉडकास्ट में सुनाई जाती है।
[21:19] वी वुड लव टु पब्लिश युअर इन्सिडेंट्स इन आप बीती सीरीज
[21:22] देन। जस्ट मेक शुर इट्स स्केयरी एंड
[21:26] यूनिक फाडू फ्राइडिस का भी नया एपिसोड लाइव हो चुका है।
[21:30] उसका लिंक भी डिस्क्रिप्शन में है।
[21:32] गो लिसेन टु इट नाउ मैं हूँ मंजिला और आप सुन रहे हैं हेस
[21:36] पोपकास्ट हवी और मंजिला के साथ। सुनते रहिए स्पूककास्ट अभी और
[21:44] मंजिला के साथ।

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