# Ep31 - AAPBEETI 1 by SPOOKCAST- 3 REAL HORROR STORIES | Real Stories | Sachi Ghatana |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 27 Dec 2024, 21 min.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/96322200/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2024-11-27%2F392172492-44100-2-7b8c8360025f3.m4a

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## Transcript

[0:04] दोस्तों, बिलेटेड मेरी क्रिसमस आप सबका स्वागत इस पूपकास्ट के इस
[0:09] क्रिसमस स्पेशल एपिसोड में साल का आखिरी एपिसोड जैसा हमने आपसे पहले
[0:14] प्रॉमिस किया था। आज हम आपके लिए कुछ स्पेशल लाये
[0:18] हैं। पिछले कुछ महीनों से आप में से कई
[0:21] लोगों ने हमें इंस्टाग्राम और ईमेल के जरिए कॅाटाक्ट किया और
[0:24] अपने फैम्ली, दोस्तों या अपने ही साथ खड़े हुए कुछ इन्सिडेंट्स
[0:28] शेयर किए। आज हम उन्हीं में से कुछ घटनाएं
[0:32] आपके लिए ले के आए हैं। ये कुछ सच्ची घटनाएं हैं जिन्हें
[0:36] मैंने और मंजिला ने सेलेक्ट किया है।
[0:39] और ये काफी ज्यादा इंट्रिगिंग है। अब बिना किसी देरी के आज के इस
[0:44] आपबीती के एपिसोड को शुरू करते हैं।
[0:47] और हाँ, कुछ इम्पोर्टेन्ट बाते हैं हमारे रेगुलर लिसनर्स के लिए।
[0:51] सो ध्यान से सुनिए और आखिर तक बने रहिए।
[0:54] हम आखिर में इसके बारे में बात करेंगे।
[0:57] चलिए। आप भीती शुरू कर दें।
[1:03] सुनते रहिए स्पोक कास्ट। अवि और मंजिला के साथ।
[1:12] यह पहली घटना गुजरात से हमारे साथ ज्योतिका ने शेयर की है।
[1:17] इस घटना को अब हम उनके ही शब्दों में आपके सामने रखने की कोशिश
[1:21] करेंगे। ध्यान से सुनिए क्योंकि आई कैन
[1:24] बेट आप में से ज्यादातर लोगों ने ऐसा इंसिडेंट पहले कभी नहीं सुना
[1:29] होगा। ये घटना कुछ 15 साल पहले की है और
[1:33] ये मेरे हज्बंड के कजिन और उनकी फैमिली के साथ घटी थी।
[1:37] लेट एस अस्यूम उनका नाम शीतल है। हम लोग गुजराती हैं और हर साल
[1:43] शीतल की फैमिली गुजरात जाते थे। देव दर्शन के लिए वो सब सौराष्ट्र
[1:48] के अलग अलग जगहों पे बने मंदिरों में दर्शन करने जाते थे और ऑन दी
[1:53] वे अलग अलग होम स्टेज में रहकर अपना ट्रिप पूरा किया करते थे।
[1:56] ऐसे ही एक ट्रिप में। जब शीतल और उसकी फैम्ली अपने
[2:01] ट्रिप से रिटर्न लौट रहे थे तब उन्होंने एक लास्ट टॉप किसी
[2:05] ट्राइबल एरिया के पास बने हुए एक होम स्टे में लिया।
[2:08] प्लान वह रात में रेस्ट करने का ही था।
[2:11] फिर अगले दिन वो लोग कार से अपने घर लौटने वाले थे।
[2:15] होम स्टे में जाते वक्त। अचानक सबकी नज़र रास्ते में
[2:18] थपेड़ों के नीचे बैठे कुछ ट्राइबल्स और कुछ लोकल लोगों में
[2:22] पड़ी जो टूरिस्ट और बाकी लोगों को कुछ हैंडीक्राफ्ट और हाथ से बनी
[2:27] हुई कुछ लोकल चीजें बेच रहे थे। इन लोगों ने गाड़ी रोकी और
[2:31] हैंडीक्राफ्ट की चीजों को देखने के लिए गाड़ी से उतर गए।
[2:35] हैंडीक्राफ्ट का सामान देखते देखते अचानक शीतल और उसकी मम्मी
[2:39] को एक ट्राइबल आदमी दिखा, जो लकड़ी की मूर्तियां बेच रहा था।
[2:43] वो मूर्तियां शो पीसेज़ की तरह ही थीं, बस वहाँ के लोकल
[2:48] हैंडीक्राफ्ट की छाप थी। उसमें उन लोगों को वो मूर्तियां
[2:52] काफी अच्छी लगी और शीतल ने वहाँ से एक डेढ़ फिट की।
[2:55] सॉलिड लकड़ी की मूर्ति खरीदी। उस मूर्ति में एक लड़का और एक
[3:00] लड़की साथ में खड़े थे। काफी सुन्दर मूर्ति थी, वह उसे
[3:04] पैक किया। उन्होंने उसे कार में रख दिया।
[3:07] कुछ देर बाद सब होमस्टे पे पहुंचे।
[3:10] इनके ग्रुप में काफी लोग थे तो इन्होंने पूरा होमस्टे ही बुक
[3:14] किया हुआ था। ये एक बंगला था जिसमें एक बड़ा सा
[3:17] हॉल और कुछ बेडरूम थे। सब काफी टायर्ड थे और इसीलिए खाना
[3:22] खाकर सब जल्दी सोने चले गए। शीतल और उनके हस्बैंड हॉल से ही
[3:26] अटैच्ड एक बैडरूम में थे। सोने से पहले शीतल ने एक बार वो
[3:30] मूर्ति फिर से बाहर निकल कर देखी और फिर बेड के सामने रखे स्टडी
[3:34] टेबल पर। दीवार से टिका कर रख दी।
[3:37] उसने सोचा की सुबह निकलने से पहले दोबारा उसे पैक कर लेगी।
[3:41] उसका हज़्बंड पहले ही सो चुका था और फिर वो सो गई।
[3:47] रात के कुछ 1.75 या 2:00 बजे होंगे जब शीतल की आँख खुली एक
[3:51] अजीब सी आवाज़ आ रही थी। उसने ध्यान से सुना हाँ सच में एक
[4:03] ठक ठक सी आवाज आ रही थी। उसने अपने हज़्बंड को देखा तो वो
[4:07] गहरी नींद में था। सारा दिन कार ड्राइव करके वो काफी
[4:11] थक चूके थे तो शीतल ने। खुद ही उठकर चेक करने की सोंची।
[4:16] उसने बेड साइड की लाइट ऑन की और जैसे ही वो बेड से उठी वो आवाज
[4:21] बंद हो गई और वो वहीं खड़ी की खड़ी रह गई।
[4:27] सोने से पहले उसने जीस लकड़ी की मूर्ति को दीवार से टिका कर रखा
[4:31] था। वो अब।
[4:32] टेबल के बिल्कुल सामने आकर खड़ी थी।
[4:37] उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या उसके हज़्बंड ने मूर्ति वहाँ से
[4:41] हटाई थी? जब वो सो रही थी, वो सोच में पड़
[4:44] गई। शीतल ने मूर्ति को उठाया और फिर
[4:47] से उसे दीवार से टिका कर रख दिया। उसने सोचा शायद हवा से वो मूर्ति
[4:51] खेल रही होगी। शायद इसी लिए वो आवाज आ रही थी
[4:55] फिर वो सोने चली गई। आधा घंटा ही बीता होगा शीतल की
[4:59] आँख लगी ही थी की अचानक उसकी नींद फिर से खुल गई।
[5:10] वो ढक ढक वाली आवाज। फिर से आ रही थी।
[5:13] अब उसके पैरों की दिशा से शीतल ने बेड साइड की लाइट ऑन की और फिर से
[5:19] आवाज बंद हो गई और फिर उसने जो देखा वो वहीं जम गई।
[5:26] वो लकड़ी की मूर्ति जो उसने कुछ देर पहले फिर से दीवार से टिका कर
[5:31] रखी थी। वो अब फिर से आके आ गई थी।
[5:37] वो मूर्ति भारी लकड़ी से बनी हुई थी इसलिए उसका आवाज़ से खिसक कर
[5:42] इतना आगे आ जाना इम्पॉसिबल था। फीतल को अब डर का अहसास होने लगा।
[5:48] और ना चाहते हुए भी उसने अपने हज़्बंड को नींद से जगाया, पर जब
[5:53] उसके हज़्बंड ने पूरी बात सुनी तो उसे विश्वास नहीं हुआ।
[5:57] और क्यों ही हो, मूर्ति अपने आप थोड़े ही ना यहाँ से वहाँ मूव कर
[6:01] सकती हैं। पर शीतल को डर लग रहा था और।
[6:05] ये देख उसने वो मूर्ति उठाई और शीतल से कहा कि वो उसे हॉल में रख
[6:09] देगा। सुबह होने के बाद वो लोग फिर से
[6:12] उसे पैक कर लेंगे। शीतल मान गई क्योंकि उसे अब सच
[6:16] में डर लगने लगा था। शीतल के हज़्बंड ने उस मूर्ति को
[6:20] उठाया और हॉल के एंट्रेंस के पास एक कोने में जमीन पर रख दिया।
[6:25] हॉल में वैसे भी कोई नहीं सोया था।
[6:28] फिर वह रूम में लौटा, दरवाजा बंद किया।
[6:31] शीतल अब कम डरी हुई थी। दोनों टायर्ड थे और वो सोने चले
[6:34] गए। जल्द ही उनकी आंख लग गई।
[6:37] कुछ एक घंटा बीता ही था कि अचानक शीतल की आंख फिर से खुली।
[6:43] एक आवाज आ रही थी। उसने उस अंधेरे कमरे में ध्यान से
[6:49] सुना और उसे रियलाइज हुआ की वो आवाज अब उसके पैरों के पास से
[6:55] नहीं कही और से आ रही थी कोई उनके बैडरूम के डोर पर अब।
[7:03] नॉक कर रहा था और नॉकिंग की आवाज दरवाजे के ऊपर से नहीं दरवाजे के
[7:10] नीचे वाले हिस्से से आ रही थी। शीतल डर से कांप उठी और उसने अपने
[7:19] हज्बंड को फिर से नींद से जगाया। वो आवाज़ अब भी आ रही थी।
[7:24] अब उसके हस्बैंड के मुँह पर भी एक डर कसाया था।
[7:28] वो उठा और शीतल के 1000 मना करने पर भी उसने दरवाज़ा खोला और उन
[7:34] दोनों ने जो देखा उनका गला वहीं सूख गया।
[7:39] हॉल की लाइट बंद थी। वो बिल्कुल खाली था और उनके
[7:43] दरवाजे के ठीक सामने वो लकड़ी की मूर्ति खड़ी थी।
[7:50] दोनों अब और डर चूके थे। और क्या करें?
[7:53] उन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। क्नॉइस।
[7:55] फाइनली, शीतल के हज़्बंड ने डिसाइड किया कि वो उस मूर्ति को
[7:59] अभी के लिए गार्डन में रख देंगे। बाकी कल क्या करना है?
[8:04] सुबह देखा जाएगा। दोनों ने मूर्ति को कपड़े से
[8:06] बांधा और फिर उसे गार्डन में ले जाकर एक पेड़ के नीचे रख दिया।
[8:11] उसके बाद उस रात उन दोनों के साथ और कुछ नहीं हुआ।
[8:15] अगले दिन वो अपने घर के लिए निकले पर उन्होंने उस मूर्ति को वहीं
[8:21] छोड़ दिया। किसी को नहीं पता उस मूर्ति में
[8:24] क्या था? जो भी था वो उस होम स्टे में ही
[8:27] रह गया। जब घर लौटकर उन दोनों ने ये घटना
[8:31] सबको बताई, सब लोग काफी डर गए। और उसके बाद से उनका परिवार जब भी
[8:37] ट्रिप पे जाता, कोई भी कहीं से कभी भी हैंडमेड सामान नहीं खरीदता
[8:43] था। थैंक यू ज्योतिका फॉर शेयरिंग थिस
[8:50] थैंक यू। ये काफी प्रीति इंसिडेंट है एंड
[8:54] आई होप आपकी फैम्ली सेफ है दोस्तों वैसे आपको क्या लगता है
[8:58] क्या होगा उस मूर्ति में? ये घटना अपने फ्रेन्डस ऑर फैम्ली
[9:01] के साथ जरूर शेयर करे। उन्होंने कभी ऐसी घटना नहीं सुनी
[9:05] होगी और हाँ, कुछ ऐसा खरीदने से पहले दोबारा सोचे।
[9:11] अब चलिए बढ़ते हैं आज की दूसरी घटना की तरफ।
[9:15] यह घटना हमसे शेयर की है मुंबई से करन ने।
[9:18] यह घटना उनके मम्मी के साथ घटी थी।
[9:20] कुछ सालों पहले आइए अब उनके ही शब्दों में यह घटना शुरू करते
[9:25] हैं। ये बहुत साल पहले की घटना है।
[9:30] जब मुंबई का विखरोली एरिया ज्यादा डेवलप्ड नहीं था, चारो तरफ जंगल
[9:34] ही जंगल थे। उस समय वहाँ पानी का प्रॉब्लम तो
[9:38] था ही और मेरी मम्मी को हर सुबह जल्दी उठ कर पानी भरने जाना पड़ता
[9:42] था। 1 दिन वो कुछ 5:00 बजे पानी भरने
[9:46] गयी। ठंडियों के दिन थे तो अभी भी चारो
[9:48] तरफ अँधेरा था। मम्मी ने एक डब्बे में पानी भरा
[9:52] ही था कि अचानक उनके पीछे से एक आवाज़ सुनाई थी जैसे कि किसी औरत
[9:57] ने उनसे कहा सही डटो मुझे जाने दो।
[10:01] मम्मी ने पीछे न देखते हुए उन्हें जवाब दिया कि जाओ भाई कौन है पर
[10:06] कोई जवाब नहीं आया। तब मम्मी ने पीछे मुड़ कर देखा और
[10:10] वो चौंक गई। दूर दूर तक कोई नहीं था, वो
[10:14] बिल्कुल अकेली थी। वहाँ पानी डब्बों में भर ही रहा
[10:18] था एंड मम्मी ने उस लोहे के नल को पकड़ लिया तभी उनकी नजर दूर एक
[10:24] पेड़ के नीचे खड़ी एक औरत पे पड़ी।
[10:26] वो औरत हाइट में काफी छोटी थी और वहाँ खड़े चुपचाप मेरी मम्मी की
[10:31] तरफ देख हंस रही थी। मम्मी को थोड़ा अजीब लगा पर मम्मी
[10:36] ने तभी देखा की पानी का डब्बा भर चुका था।
[10:40] उन्होंने नल बंद किया और डब्बों को उठाया।
[10:44] जैसे ही उन्होंने उस लोहे के नल से अपना हाथ हटाया उन्हें ऐसा
[10:48] लगने लगा की कोई उन्हें बहुत ज़ोर से धक्का मार रहा हो।
[10:53] मम्मी खुद को सँभालने के लिए पूरा ज़ोर लगाने लगी।
[10:56] इतना की उस ठंड के मौसम में भी उन्हें गर्मी से पसीना आने लगा।
[11:01] उन्हें कोई नहीं दिख रहा था। पर कोई तो उन्हें धक्का दे रहा
[11:04] था। बहुत ज़ोर से पास ही में एक नाला
[11:07] था जो की इतना चौड़ा था की कोई ट्रक उसमें घुस जाए।
[11:11] मम्मी को अब ये लगने लगा की जो भी उन्हें धक्का दे रहा था वो उन्हें
[11:15] उस नाले में ही धकेलने की कोशिश कर रहा था।
[11:19] उन्होंने किसी तरह अपना स्वेटर उतारा, पानी के डब्बे वहीं छोड़े
[11:22] और बड़ी मुश्किल से दौड़ते हुए घर पहुंची।
[11:25] उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था की अभी उनके साथ ये क्या हुआ?
[11:32] घर पे सभी अभी भी सोये हुए थे, वो चुपचाप कुछ देर शांत बैठी।
[11:37] फिर उन्होंने पापा को नींद से जगाया।
[11:40] मम्मी ने पापा से कहा की वो पानी के भरे हुए डब्बे ले आए क्योंकि
[11:43] उनकी तबियत ठीक नहीं लग रही। पापा ने भी ज्यादा कुछ नहीं पूछा
[11:47] और मम्मी ने भी उन्हें कुछ बताया नहीं की उनके साथ अभी क्या हुआ था
[11:53] दोपहर को जब मेरे पापा खाना खाने के लिए घर आए।
[11:56] तो उनके साथ उनके एक दोस्त भी थे जो की एक मुसलमान थे।
[12:00] जब मम्मी भी उनके साथ खाना खाने बैठी तो मम्मी को भूख तो बहुत लगी
[12:04] थी पर वो किसी तरह निवाला अपने मुँह तक ला पा रही थी।
[12:09] उन्हें ऐसा लगने लगा की कोई उन्हें खाना खाने से मना कर रहा
[12:13] था या रोक रहा था। वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी।
[12:18] पापा और उनके दोस्त ये सब देख कर काफी परेशान हो गए।
[12:22] जब उन लोगों ने मम्मी से पूछा कि उन्हें ये क्या हो रहा था तब
[12:26] मम्मी ने फाइनली उन लोगों को बताया कि उनके साथ सुबह क्या हुआ
[12:30] था। पापा और उनके दोस्त परेशान हो गए।
[12:34] पूरी बात सुनने के बाद पापा के दोस्त ने सबको बताया कि जीस जमीन
[12:38] पर अब उन सब का घर है। एक समय पर इसी जगह पे एक दारू की
[12:43] भट्टी हुआ करती थी। एक औरत थी जो इस भट्टी को चलाती
[12:47] थी पर 1 दिन आग लगने के कारण वो उस भट्टी में ही जलकर मर गई।
[12:55] उसकी आत्मा को कभी शांति नहीं मिली।
[12:59] लोग कहते है कि वो एक चुड़ैल बनकर वापस आ गई जब यहाँ घर बसे और लोग
[13:04] रहने लगे। वो लोगों को अकेला पाकर उनको
[13:07] मारने की कोशिश करने लगी थी। उसकी हाइट बहुत ही कम थी।
[13:12] इसलिए यहाँ के लोग उसे बटली चुड़ैल कहते हैं और आप ही ने उसने
[13:19] और भी बहुत सारे लोगों को नुकसान पहुंचाने की बहुत कोशिश की है।
[13:23] आप लकी हो आज बच गए ये सब सुनकर मम्मी पापा बिल्कुल हैरान थे पापा
[13:30] के दोस्त ने। मम्मी को उनके अब्बू से मिलने की
[13:32] सलाह दी। जब मम्मी उनके पास गयी तब उनके
[13:35] अब्बू ने मम्मी को एक तावीज़ बना कर दिया और उनसे ये भी कहा की वो
[13:40] बहुत बहादुर है की वो उस चुड़ैल से लड़ी।
[13:43] अगर उनकी जगह कोई और होता तो चुड़ैल शायद उसे ले जाती।
[13:49] अगले दिन से मम्मी। पानी भरने जाते समय साथ में एक
[13:53] लोहे का चाकू लेकर जाती थी। फिर पापा ने कुछ पूजा वगैरह भी
[13:58] करवाई और फिर मम्मी को कभी कोई परेशानी नहीं हुई।
[14:03] पर उस जगह पर आज भी लोग मिलेंगे जिनका सामना उस भटली चुड़ैल से
[14:08] हुआ था, वो बस। बदला जाती थी।
[14:12] उसे पसंद नहीं था कि उसकी जमीन पर कोई और रहे।
[14:20] करण आपकी मम्मी सच में काफी बहादुर है।
[14:23] विश्वास नहीं होता कि आज भी ऐसी जगह है कहीं जहाँ ऐसी डरावनी
[14:29] घटनाएं। घटती है थैंक यू थैंक यू फॉर
[14:32] शेयरिंग थिस विथ उस आई ऍम प्रीटी शुर।
[14:34] हमारी ही तरह हमारे ऑडिएंस को भी ये इंसिडेंट काफी इंटरेस्टिंग
[14:39] लगेगा। अब पढ़ते है तीसरी घटना की तरफ ये
[14:45] हौंटेड हॉस्पिटल इंसिडेंट हमारे साथ शेयर की है दुर्गापुर से
[14:49] अरिजीत ने। आई थिंक दी ईयर वास् टू थाउज़न्ड
[14:52] फोर टू थाउज़न्ड फाइव ट्वेल्फ्थ के एग्ज़ैम्स खत्म हो गए थे और
[14:56] मैं मेरे मेडिकल एग्ज़ैम्स की तैयारी कर रहा था।
[14:59] एग्ज़ैमनेशन सेंटर कोलकाता में था जो कि यहाँ से लगभग 200 किलोमीटर
[15:03] दूर थी। मैं मेरे कुछ दोस्तों के साथ
[15:06] एग्ज़ैम सेंटर से थोड़े ही दूर एक हॉस्टल में रुका था।
[15:09] यहाँ मेरे कुछ पहचान के सीनियर्स भी रहते थे।
[15:12] एग्ज़ैम खत्म होने के बाद हम सबने शाम को एक पार्टी करने की सोंची।
[15:17] आपकी जानकारी के लिए पहले मैं थोड़ा हॉस्टल का डिस्क्रिप्शन दे
[15:20] देता हूँ। हुगली रिवर के नजदीक एक फोर
[15:23] स्टोरीड पुरानी बिल्डिंग थी है जिसके टॉप फ्लोर पे सात रूम थे।
[15:28] बाकी के सारे के सारे रूम या तो बंद थे या गोडाउन थे।
[15:33] फोर्थ फ्लोर पे सीढ़ियों से चढ़ने के बाद दरवाजे पे राइट साइड को
[15:37] आपको किचन और वाशरूम का एरिया मिलता एंड लेफ्ट हैंड साइड पे
[15:42] बाकी के सारे रूम्स थे क्योंकि ये पुरानी बिल्डिंग थी, यहाँ कोई
[15:46] लिफ्ट नहीं था। हम सब ने ये डिसैड किया था कि शाम
[15:49] को टेरेस पे खाना पीना होगा। प्लान के मुताबिक सब शाम को वहीं
[15:53] इकट्ठा हो गए। हम सब ने खूब मस्ती की।
[15:56] लेट नाइट होते होते सब एक एक कर अपने अपने रूम्स में जाने लगे।
[16:01] मेरा रूम सबसे एंड में था और उस रूम में चार बिट्स थे।
[16:06] पार्टी के बाद मैंने एक सीनियर के रूम में जाने का फैसला किया जो कि
[16:10] किचन के बिल्कुल बगल में था। उन दिनों सबके पास कंप्यूटर्स
[16:15] नहीं थी और कंप्यूटर गेम्स खेलना किसे नहीं पसंद?
[16:19] मैं सीनियर के ही कमरे में रुक गया और गेम खेलने के लिए वहीं बैठ
[16:23] गया। सब सो चूके थे।
[16:27] मैंने घड़ी की ओर देखा, तीन साढ़े 3:00 बज रहे थे।
[16:30] मैंने पीसी शटडाउन किया, वाशरूम होता हुआ अपने रूम में चला गया।
[16:36] जैसे की अक्सर होता है, आपके लेटते ही नींद नहीं आती है तो मैं
[16:40] भी कुछ वैसे ही लेटा पड़ा हुआ था। अभी हल्की हल्की नींद आ ही रही
[16:44] थी। कि अचानक से मुझे कॉरिडोर से किसी
[16:48] के चलने की आवाज सुनाई देने लगी। मैंने गौर से सुनने की कोशिश की
[16:54] तो समझ में आया कि जैसे कोई पायल पहन के किचन की तरफ से चलता हुआ
[17:00] मेरे ही रूम की तरफ बढ़ रहा हो। ये एक बॉयज हॉस्टल था सो लड़की का
[17:07] इतने रात यहाँ चलना नामुमकिन था। मैंने कुछ देर वो आवाज़ को फॉलो
[17:12] करने की कोशिश की लेकिन जैसे जैसे वो फूटस्टेप्स और वो पायल की
[17:17] आवाज़ मेरे कमरे की तरफ बढ़ने लगी, मुझे एहसास हो गया था कि ये
[17:22] क्या चल रहा है। मेरे रूम का दरवाज़ा हल्का खुला
[17:25] हुआ था जहाँ से कॉरिडोर से बल्ब की रौशनी अंदर आ रही थी।
[17:30] जैसे जैसे वो गलत मुँह की आवाज़ दूर के और करीब आने लगी, मेरे दिल
[17:35] की धड़कन भयंकर तरीके से बढ़ गई। मैंने अपना चादर ओड़ा और दूसरी
[17:41] तरफ मुँह करके सोने की कोशिश करने लगा।
[17:44] लेकिन ना चाहते हुए भी मैं वो पायल की आवाज को ही फॉलो कर रहा
[17:48] था। वो दरवाजे के नजदीक आके कुछ देर
[17:52] रुकी और फिर किचन की तरफ बढ़ने लगी।
[18:00] पता नहीं कब मेरी आँख लग गई। और मिस हो गया अगली सुबह
[18:06] ब्रेकफास्ट टेबल पे मैंने कुछ लोगों को किसी लड़की के बारे में
[18:09] बात करते हुए सुना। पूछने पर पता चला कि वो भी इसी
[18:13] बारे में बात कर रहे थे जो पिछली रात मैंने खुद महसूस की थी तो
[18:19] घटना कुछ इस प्रकार से है। उस बिल्डिंग का पुराना मालिक एक
[18:24] गुंडा टाइप का आदमी था। उसने उसकी बेटी की शादी किसी और
[18:28] से जबरदस्ती करवाई थी। शादी के बाद जब लड़की कुछ रिवाजों
[18:32] के लिए मायके से वापस जाने वाली थी तब लड़की ने दुल्हन के ही
[18:37] जोड़े पहन के आत्महत्या कर ली थी। और तब से उस बिल्डिंग में
[18:44] ज्यादातर लोगों ने किसी लड़की को रात में पायल पहन के चलते हुए
[18:48] सुना था। दूसरे रात को रिकॉर्ड करते टाइम
[18:55] मैं अकेले यही मैचिंग कर रहा था की अरिजीत ने उस रात कैसा फील
[19:00] किया होगा? सोच के वे रोंगटे खड़े हो जाते
[19:03] हैं। थैंक यू अरिजीत फॉर शेयरिंग थिस
[19:05] चिलिंग एक्सपीरियंस वी होप यू डीड नॉट हॅव टु फेस एनीमोर ऑफ़ सच
[19:09] इन्सिडेंट्स ऑर डीड यू प्राइस? कैसा लगा आज का ये एपिसोड?
[19:15] लास्ट हौंटेड हॉस्टल के एपिसोड में हमने जो बोल रखा था उसके
[19:19] रिजल्ट्स ने हमें काफी शौक किया। आप में से इतने सारे लोगों ने
[19:24] हौंटेड हॉस्टल के बारे में कहा है कि आपके पास भी ऐसे ही कुछ
[19:28] एक्सपीरियंसेस हैं। दट।
[19:30] इटसेल्फ इस स्केयरी आई विश वी कुड हियर युअर क्रीपी एक्सपीरियंसेस
[19:34] एस वेल। आप हमसे कॅाटाक्ट कर सकते हैं।
[19:37] अब हमारे व्हाट्सएप नंबर पर 9767916545 जिसके डीटेल्स हमारे
[19:46] डिस्क्रिप्षन में भी है। लेटेस्ट पोल्स में भी काफी लोगों
[19:50] ने अपने एक्सपीरियंसेस शेयर करने का इन्ट्रेस्ट दिखाया है।
[19:54] सो वी अरे वेइटिंग? देर किस बात की वी वुड लव टु नो
[19:57] युअर एक्सपीरियंसेस गाइस सो सेंड उस ए वौइस् नोट ऑर ए मैसेज एंड हम
[20:02] आप लोगों को कॅाटाक्ट करेंगे टु नो युअर स्टोरी एंड यू अरे पार्ट
[20:07] ऑफ़ दी फैम्ली सो हम एक दूसरे से अपनी घटनाएँ और अपनी
[20:11] एक्सपीरियंसेस शेयर करेंगे। चलिए।
[20:14] सो लेट मी रैप थिस एपिसोड और हाँ जाते जाते फाडू फ्राइडे पे भी आ
[20:19] चुका है हमारा इस फ्राइडे का नया एपिसोड और वहाँ भी आपको सुनने को
[20:24] मिलेंगी। तीन अलग अलग अर्बन लिजेंड्स के
[20:28] बारे में कुछ इंटरेस्टिंग फ़ैक्ट्स एंड स्टोरीज़ सो जाए और
[20:32] अभी सुनें। जितना प्यार आपने हमको यहाँ
[20:35] स्पूकास्ट में दिया है वही प्यार हम आपसे एक्सपेक्ट करते हैं फाडू
[20:39] फ्राइडेज को भी मिलेगा लाइक यू ऑल्वेज़ से इफ यू लाइक आवर
[20:42] पोडकास्ट हमे फॉलो करना और रेटिंग्स देना मत भूलिए।
[20:47] अगले हफ्ते फिर एक क्रीपी ओरिजिनल स्टोरी के साथ वी विल बी बेक।
[20:53] मैं हूँ अभी और आप सुन रहे हैं स्पूकास्ट अभी और मंजिला के साथ
[21:01] सुनते रहिये स्पूकास्ट अभी और मंजिला के साथ।

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