# EP42- BHAIRAV - Part 2 | SPOOKCAST ORIGINAL STORY |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 23 Apr 2025, 30 min.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/101679681/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2025-3-23%2F398893694-44100-2-17af7b65ad472.m4a

Story: In this Episode, Bhola is killed by Shankar and Bhairav witness this horrific act and curses Shankar. What will happen now? Did Shankar actually die because of this curse? To know more, Listen to this episode! Please don't forget to follow us on Spotify!! And also leave a rating for us. That would encourage us immensely! Send your stories on our Whatsapp number 9767916545. Leave a msg or a voice note and we will get back to you. | SpookCast | Horror Story | Bhoot | Horror Kahaniya | Horror Podcast | Hindi Horror Podcast | Haunted Village | Haunted House | Haunted Flat | Tantrik |Shamshaan | Tantra | Aghori Baba | Sadhu | Narrated by : Manjila STORY and SOUND : Manjila Send your stories to KahaniSTVO@gmail.com WhatsApp : 9767916545 Sound Effect from Pixabay Music used by Vivek Abhishek : SUBSCRIBE us on YOUTUBE: https://bit.ly/3qumnPH Follow on Facebook: https://bit.ly/33RWRtP Follow on Instagram: https://bit.ly/2ImU2JV Say hi to us on Instagram! We would love to connect with you guys! https://www.instagram.com/spookcastoriginals/ Listen to the new Episode of Faadu Friday on Spotify: https://open.spotify.com/show/5po5YbzaWDIOclOcOE8kq5 Find us on Youtube: https://www.youtube.com/@SpookcastOriginals

## Transcript

[0:01] दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सब? आज हम आपके लिए भैरव का भाग दूसरा
[0:08] लाए हैं। अगर आपने इस कहानी का पहला भाग अब
[0:11] तक नहीं सुना है तो पहले जाइए और उसे सुनिए तभी आप इस कहानी के इस
[0:16] भाग को पूरी तरह समझ पाएंगे। इस कहानी में कुछ इंटेंस ग्राफिक
[0:22] हॉरर एलिमेंट्स भरे हुए हैं, जो कुछ लोगों के लिए काफी
[0:25] डिस्टर्बिंग हो सकते हैं। सो अगर आप कमजोर दिल के हैं या
[0:29] ग्राफिक हॉरर सीन्स को बर्दाश्त नहीं कर सकते तो आप आज की कहानी
[0:33] को स्किप कर सकते हैं। और हाँ, जिन लोगों ने भी हमें
[0:37] ईमेल। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या
[0:39] यूट्यूब के जरिए कॅाटाक्ट किया है।
[0:41] हमसे बात की है आप लोग एपिसोड के एंड तक जरूर बने रहिए हमारे सेशन
[0:48] के लिए। सो चलिए अब बिना किसी देरी के आज
[0:51] का एपिसोड शुरू करते हैं। सुनते रहिए स्पोक कास्ट।
[0:57] अवि और मंजिला के साथ। भोला ने शंकर के पैरों को अपने
[1:06] दातु में अभी भी दबोच रखा था। उसके नोकिले दाद और जीभ शंकर के
[1:14] खून से लाल हो चूके थे। उसकी वो विभद से गुजरत और शंकर के
[1:20] चित्कार से पूरा शमशान पर आसपास का इलाका गूंज रहा था।
[1:27] रवि पास ही खड़े डर से कांप रहा था।
[1:29] वो क्या करे? उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था
[1:32] क्योंकि उसे पता था अगला नंबर शायद उसी का था।
[1:37] कभी भोला ने शंकर का पैर छोड़ा, उसके हाथ को काटना शुरू किया।
[1:42] शंकर ने खुद को बचाने के लिए अपने दूसरे हाथ से पास ही में पड़े
[1:47] पत्थर को उठाया और ज़ोर से भोला के सिर पर दे मारा।
[1:54] भोला की एक दर्दनाक चिपका से पूरा श्मशान गूंज उठा।
[1:59] शंकर अब उठ खड़ा हुआ, वो गुस्से से कांप रहा था।
[2:04] उसने ज़ोर से चीखकर वो पत्थर भोला के शरीर पर सिर पटक दिया।
[2:10] फिर एक और बार फिर एक और बार। हर वार के साथ भोला की हड्डियों
[2:17] चटकने लगी। उसका चेहरा चीथड़ा चीथड़ा हो गया
[2:21] था। आँखें बाहर लटक रही थी।
[2:24] उसके चपड़े और दांत के टुकड़े सड़क पर बिखरे थे।
[2:28] छाती की हड्डियों टूट कर चमड़े के बाहर निकल गई थी।
[2:32] क्नॉइस। भूला का पेट अब फट चुका था और
[2:35] अंदर के कुछ अंग बाहर निकल आए थे। ऐसा लग रहा था मानो किसी ने सड़क
[2:40] पर एक बाल्टी भर के खून, चमड़े और मांस के टुकड़े फैला दिया हो।
[2:46] पर शंकर शंकर रुक नहीं पा रहा था। शंकर के दिमाग में अब सिर्फ
[2:52] गुस्सा था। उसके दिमाग में नफरत भरी थी।
[2:55] वो खुद को किसी भी हालत में रोक नहीं पा रहा था।
[2:59] ये डरावना मंजर और बर्दाश्त न कर पाकर रवि शंकर की तरफ दौड़ा।
[3:04] उसका हाथ खींचकर उसे रोकने की कोशिश।
[3:06] करने लगा। शंकर शंकर रुक जा शंकर क्या कह
[3:11] रहा है तू? बस कर भाई बोला मर चुका है भगवान
[3:16] के लिए रुक जाप। रवि ने उसका कंधा चटकाया शंकर ने
[3:22] पलटकर देखा उसकी आंखें लाल थी, साँसे फूल रही थी।
[3:28] उसके हाथ में अभी भी भोला के खून से रंगा वो पत्थर था।
[3:32] लेकिन तभी एक आवाज आई और दोनों का ध्यान अचानक शमशान की तरफ गया।
[3:39] शमशान के उस पुराने दीवार के पीछे से उनके बीच एक साया सामने आ रहा
[3:46] था। भैरव।
[3:50] लंबा कद, राख से भरा शरीर, लंबी जटाएँ और आँखें ऐसी लाल कि जैसे
[3:56] आँखों में खून उतर आया हो। वो बिना कुछ बोले सीधा भोला की
[4:01] लाश के पास आया। भैरव का चेहरा बिल्कुल शांत था।
[4:06] वो जमीन पर झुका और बड़े प्यार से।
[4:09] होला के खून से भरे शरीर पर अपना हाथ फेरा, फिर उसने ऊपर देखा शंकर
[4:16] की आँखों में उसकी लाल आँखों में जो गुस्सा था वो शंकर को अब डरा
[4:23] रहा था। शंकर डर से एक कदम पीछे हुआ और
[4:26] भैरव भैरव उठ खड़ा हुआ। पर उसने कुछ नहीं कहा।
[4:31] वो बस खड़ा हुआ और उसने अपनी कमर से एक छोटी सी थैली निकाली जिसमें
[4:36] कुछ राग थी और बिना एक शब्द कहे उसने अपनी आँखें बंद कर कुछ मंत्र
[4:42] पढ़ा और राख शंकर के चेहरे पर फूंक दी।
[4:47] हवा एकदम से ठंडी पड़ गई, शंकर हिल भी नहीं पा रहा था।
[4:52] बस अपनी आँखों की पलकें ज़ोर ज़ोर से झपका रहा था वो शंकर और रवि
[4:57] दोनों चुपचाप खड़े थे। हिल भी नहीं पा रहे थे भैरव भैरव
[5:03] शंकर की एक दम करीब आया। और उसकी आँखों में आंखें डाल
[5:07] बोला। 14 दिन बस 14 दिन में तू भी ऐसे
[5:13] ही मरेगा उल्टी गिनती शुरू कर शुरू कर गिनती क्योंकि तेरी मौत
[5:19] का तांडव आज रात से शुरू होने वाला है।
[5:32] उसके बाद उसने एक आखिरी बार भोला को देखा और फिर मुड़कर श्मशान की
[5:37] तरफ चला गया। रवि डर से कांप रहा था।
[5:40] उसके पैर अपने शरीर का भार तक नहीं उठा पा रहे थे।
[5:43] अब वो डर से रोने लगा कि ये क्या अनर्थ हो गया।
[5:48] आज बैरव के कुत्ते को शंकर ने क्यों मार दिया और बैरव उसने खड़े
[5:54] खड़े शंकर को श्राप तक दे दिया। अब क्या होगा उसके साथ?
[5:59] वो ये सब सोचकर कांपने लगा और शंकर वो अभी भी खून से सना एक
[6:06] मूर्ति की तरह हाथ में पत्थर लिए भोला के लाश के सामने खड़ा था।
[6:12] मानो से कोई होश ही न हो। शंकर शंकर चाजरी हँसी शंकर।
[6:18] अह? शंकर का ध्यान रवि पर था।
[6:21] ऐसा लग रहा था मानो उसने कोई नशा किया हो।
[6:24] वो बहुत ही अजीब बर्ताव कर रहा था।
[6:27] रवि ने अपनी साइकिल उठाई, फिर दूसरी हाथ से शंकर को खींचता हुआ
[6:32] घर ले गया। पूरे रास्ते शंकर ने एक शब्द नहीं
[6:37] कहा। शंकर की मरहम पर टिकराकर रवि ने
[6:40] उसे उसके घर छोड़ दिया। उस राग होला को मारने के बाद शंकर
[6:50] शरीर के जख्मों के अलावा मानसिक रूप से भी काफी तनाव में था।
[6:56] हुए कोहरे सदमे में जा चुका था। उसे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा
[7:01] था कि उसने भैरव की उस पैशाचिक कुत्ते को मार दिया था जिसे गांव
[7:06] वाले शैतान का साक्षात अवतार मानते थे और भैरव उसके वो शब्द
[7:13] उसकी वो हँसी। अब भी उसे डरा रही थी पर फिर उसने
[7:18] खुद को समझाया कि उसने कुछ गलत नहीं किया था।
[7:22] वो अगर भोला को नहीं मारता तो फिर भोला उसे मार देता और खुद को
[7:27] समझाते हुए वो सोने की कोशिश करने लगा।
[7:31] पर कुछ था जो ठीक नहीं था, बस। शंकर को समझ नहीं आ रहा था कि वह
[7:38] क्या था? उस रात शंकर घर पर अकेला था, उसके
[7:44] घर वाले किसी शादी पर गए थे और पहली बार उसे अकेले डर लग रहा था।
[7:50] उसे ऐसा लग रहा था कि कमरे के अंधेरे में से कोई उसे देख रहा
[7:54] था। वो कई बार पीछे मुड़ा पर कोई नहीं
[7:58] था पर वो एहसास कि वो अकेला नहीं है।
[8:02] उसे सोने नहीं दे रहा था। रात जैसे जैसे गहरी होती गई।
[8:07] घर के बाहर से हल्की हल्की आवाजों का सिलसिला शुरू हुआ।
[8:13] पहले दरवाजे पर एक अजीब सी खर खर सी आवाज होने लगी जैसे कोई उस
[8:18] लकड़ी के दरवाजे को नोच रहा हो। शंकर उठकर बैठ गया, फिर उसे ऐसा
[8:25] लगने लगा। जैसे कोई उसके कमरे की खिड़की
[8:28] वाले दीवार के पास से पैर घिसट घिसट कर चल रहा हो।
[8:34] शंकर को अब सच में डर लगने लगा था, ऐसा उसके घर में पहले कभी
[8:39] नहीं हुआ था। सो उसने अपना डर काटने के लिए
[8:42] अपनी खिड़की और फिर घर का दरवाजा खोलकर बाहर देखा पर कहीं कुछ नहीं
[8:49] था। चारों तरफ सिर्फ अंधेरा और एक
[8:52] भयानक सन्नाटा था। दूर गांव में कहीं कुछ कुत्ते रो
[8:57] रहे थे, उसने दरवाजा बंद किया। वो अपने कमरे में लौटा और सोने की
[9:02] कोशिश करने लगा लेकिन फिर कुछ ही देर में दोबारा वही आवाज़ें उसे
[9:08] सुनाई देने लगी। उसने फिर बाहर जाकर देखा पर कहीं
[9:13] कुछ नहीं था और ये सिलसिला लगभग पूरी रात चला।
[9:18] शंकर को बहुत घबराहट होने लगी। इतनी थकावट और शरीर में इतने दर्द
[9:23] और घाव के होने के बावजूद वो पूरी रात जगा रहा।
[9:31] अगली सुबह जब रवि उससे मिलने आया, शंकर का चेहरा देख उसे चिंता होने
[9:36] लगी। उसने उसे दो 3 दिन खेतों में काम
[9:40] कर ले जाने से मना किया और आराम करने को कहा और फिर काम पर चला
[9:45] गया। शंकर पूरे दिन सोता रहा ना उसने
[9:49] कुछ खाया ना पिया, बस बिस्तर में एक लाश की तरह पड़ा रहा वो बस बीच
[9:55] बीच में उसे कुछ डरावने सपने आते। तो वो झटके से उठता और फिर दोबारा
[10:00] सो जाता। अगली रात पूरा दिन सोने की वजह से
[10:07] उसे नींद नहीं आ रही थी। आज इसने खिड़की खोल कर रखी थी
[10:11] ताकि अगर कोई दीवार के उस पार चले तो उसे साफ दिखाई दे।
[10:16] पर आंधी रात बीतने पर भी न कोई आवाज आई, न उसे खिड़की के बाहर
[10:21] कुछ दिखा। परेशान होकर उसने अपनी आंखें बंद
[10:24] की थी कि तभी अचानक खिड़की हिलने लगी।
[10:29] पहले धीरे धीरे फिर ज़ोर से शंकर ने एकदम से उठकर देखा बाहर।
[10:36] हवा ज्यादा नहीं थी। फिर खिड़की का एक भाग बार बार
[10:40] क्यों हिल रहा था? उसने बिस्तर पर बैठे बैठे खिड़की
[10:43] के बाहर देखा पर उसे कुछ नहीं दिखा।
[10:47] पर जैसे ही उसने बिस्तर से उतरने के लिए अपने पैर जमीन पर रखे कमरे
[10:52] के अंधेरे कोने से कुछ बड़ा सा। तेजी से उसके बिस्तर के नीचे घुस
[10:57] गया। शंकर ने अपने पैर एकदम से ऊपर कर
[11:02] लिए तो तो फिर क्या खिड़की खुली होने की वजह से कोई जानवर उसके
[11:08] कमरे में घुसा आया था और तभी तभी उसे वो आवाज सुनाई दी।
[11:14] एक अजीब सी आवाज। मालूम हुए नाखूनों से बिस्तर के
[11:18] नीचे की जमीन को खरोच रहा था। शंकर एक दम चौखन्ना हो गया ये ये
[11:26] क्या था? तो फिर सच में उसके कमरे में उसके
[11:30] बिस्तर के नीचे कुछ था, उसने हिम्मत जुटाए।
[11:35] और फिर बिस्तर के नीचे झांक कर देखा।
[11:38] पहले उसे बस अँधेरा दिखा और कुछ नहीं।
[11:42] उसने खुद को समझाया और उठकर बिस्तर पर बैठ गया।
[11:47] लेकिन अगले ही पल एक और आवाज आई जैसे कुछ बिस्तर के नीचे से।
[11:53] बिस्तर पर लगे लकड़ी के पट्टे पर टकराया।
[11:56] वो तुरंत उठकर दोबारा नीचे झाँपने लगा और फिर जो उसने देखा उसने उसे
[12:02] वहीं जमा दिया। उस अंधेरे में तो चमकती लाल आंखें
[12:09] उसे सीधा घूर रही थी। कुछ वैसी ही आँखें जैसे खोला की
[12:15] थी और फिर वो भयंकर गुर्रात की आवाज उसकी कमरे के अंधेरे में
[12:22] गूंजने लगी। शान का डर से कांप उठा।
[12:26] उसके गले से डर के मारे एक चिपका निकल गई और वो लंगड़ाता हुआ।
[12:32] अपने घर से बाहर दौड़ा रवि के घर जाने के लिए पर रवि के घर पहुँचकर
[12:40] उसने रवि को सच नहीं बताया कि उसने भोला को देखा था।
[12:44] उसने सिर्फ ये बताया कि उसके बिस्तर के नीचे कोई जानवर था जो
[12:49] कुर्रा रहा था। कुछ देर बाद लाठी लेकर वह रबी के
[12:53] साथ वापस लौटा पर तब तक घर शांत हो चुका था।
[12:58] कहीं कोई जानवर नहीं था, ना बिस्तर के नीचे, ना घर के किसी
[13:02] अंधेरे कोने में। लेकिन रबी को बिस्तर के नीचे एक
[13:07] चीज़ मिली एक। काले बालों का गुच्छा।
[13:13] तू ठीक ही कह रहा है कोई जानवर तो गुस्सा फेल, शायद वो चला गया अब
[13:20] तू एक काम कर तू खिड़की के दरवाजे बंद कर और चुपचाप सोने जा समझा।
[13:25] ये कह कर रवि अपने घर लौट गया। पर शंकर वो चुप था।
[13:31] क्या उसने सच में भूला को देखा था?
[13:33] उसके दिमाग में भैरव के शक अब गूंज रहे थे।
[13:37] उस रात भी वो सो नहीं पाया। उसकी आँखें लाल थीं, थकान चेहरे
[13:42] पर थी पर अब नींद उससे को सो दूर थी।
[13:47] हर दिन ये एहसास कि कोई उसे देख रहा है ये बस पड़ता ही जा रहा था।
[13:56] अगला दिन भी पिछले दिनों की तरह ही गुजरा।
[13:59] उसका पर रात होते ही शंकर ने ताला लगाकर हर खिड़की हर दरवाजा बंद कर
[14:06] दिया। घर का हर कोना चकिया ताकि वो कम
[14:10] से कम अशांति से सो सके। कुछ देर बाद बस चुपचाप घर के कोने
[14:14] में बैठे बैठे उसकी आग लग गई। करीब 3:00 बजे उसकी आंख खुली।
[14:29] कोई उसे घर के बाहर से पुकार रहा था, उसका नाम ले रहा था।
[14:34] कोई शंकर शंकर को झट से उठा और अपनी लाठी उठाई और घर का दरवाजा
[14:44] खोल वो बाहर आया। उसने चारों तरफ देखा बाहर बस को
[14:50] अँधेरा था, कहीं कोई नहीं था तभी दूर एक पीपल के पेड़ पर कुछ हलचल
[14:56] हुई। शंकर ने झटके से उधर देखा, पेड़
[15:00] की डाली के ऊपर कोई बैठा था। शंकर बस 11 दिन बाकी है याद है ना
[15:17] तुझे शंकर? वहाँ पेड़ की उस डाली पर भैरब
[15:27] बैठा था। उसके शरीर और जट्टाओं पर लगी सफेद
[15:31] राग की वजह से अब वो शंकर को दिख रहा था।
[15:35] उस अंधेरे में भी उसकी आँखें चमक रही थी।
[15:38] शंकर के गले से एक चीख निकली, वो जमीन पर गिर पड़ा।
[15:45] खेरब की पेशा की खांसी अभी भी हवा में गूंज रही थी तो उससे शंकर का
[15:50] शरीर सून पड़ चुका था। उठ भी नहीं पा रहा था।
[15:55] उसने धर धर कर फिर से पेड़ की तरफ देखा पर बहरा वो अब उस पेड़ के
[16:01] डाली के ऊपर नहीं था वो। जमीन पर था और धीरे धीरे
[16:06] मुस्कुराते हुए वो शंकर की तरफ पड़ रहा था।
[16:10] शंकर अभी भी जमीन पर पड़ा था। वो चिल्लाना चाहता था, मदद मांगना
[16:15] चाहता था पर उसके गले से सिसकियों की आवाज के अलावा कोई आवाज नहीं
[16:20] निकल रही थी। शंकर?
[16:23] तुझे क्या लगा तुने भोला को मार दिया था?
[16:29] तुने बस भोला का शरीर नष्ट किया है पर उसकी आत्मा, उसकी आत्मा आज
[16:36] हुई है यही और उसके शरीर को मैं जल्दी ठीक करने वाला हूँ बस तुझे।
[16:43] तुझे अपने शरीर की बनी देनी होगी। देगा ना शंकर अपनी पाप का पश्चात
[16:53] करेगा ना? शंकर?
[16:55] शंकर के गले से कोई जवाब नहीं निकला।
[16:58] वो बस भैरव के इस रूप को देख कर कांप रहा था।
[17:02] आज उसकी आँखें और लाल थीं। शरीर से एक सड़ी बदबू आ रही थी
[17:07] उसकी और उसकी आवाज वो जो कह रहा था उसे सुनकर शंकर पसीने से तरबदर
[17:15] हो चुका था। सुन 3 दिन बाद।
[17:19] तुझे को जगाने की प्रक्रिया शुरू करनी है उसके लिए मूंझी तेरा रक्त
[17:25] और मांस, उसके कुछ टुकड़े लगेंगे तू रात को शमशाना जाना नहीं आना
[17:32] चाहे तो भी तू आएगा, क्योंकि मैं तुझे बुला रहा हूँ, बैरा बुला रहा
[17:38] है तुझे? ये कहकर भैरव ने अपना हाथ शंकर के
[17:48] माथे पर रखा कुछ मंत्र पड़े फिर उसी हाथ को उसके मुँह पर फेर कर
[17:53] वो उठा और फिर अंधेरे में गायब हो गया।
[17:59] शंकर ने अपने गालों को छुआ, उसके मुँह पर कुछ चिप चिप्पा लगा था।
[18:04] उसने अपनी उंगलियों को देखा, खून पर लाल नहीं, गाढ़ा सड़ चुका काला
[18:11] खून जिसमें मरे हुए जानवर की बदबू आ रही थी, शंकर डर से रोते रोते
[18:17] कुएं की ओर दौड़ा। और अपना मुँह धोकर वो वहीं बेहोश
[18:22] हो गया। सुबह की पहली किरण जब उसके मुँह
[18:27] पर पड़ी, वो उठा और अपने घर पहुंचा।
[18:31] उसके दिमाग में हजारों सवाल थे, क्या उसने कल रात को कोई डरावना
[18:37] सपना देखा था? या भैरव सच में रात को वहाँ आया
[18:40] था। उसने आईने में अपना मुँह देखा।
[18:43] उसके मुँह पर तो अब कोई खून नहीं था, लेकिन उसकी सफेद कमीज़ पर कुछ
[18:49] हलके लाल धब्बे थे। उसने अपनी कमीज़ उतारी और उस दाग
[18:53] को सूंघकर देखा। उस दुर्गंध से उसको उल्टी आ गई।
[18:58] क्योंकि उसकी कमी से भी मरे हुए जानवर की बदबू आ रही थी।
[19:03] वही बदबू जो कल भैरव के रहते उसने महसूस की थी यानी भैरव भैरव कल
[19:10] रात सच में आया था। उसे 3 दिन बाद यानी भोला के मौत
[19:15] के सातवीं रात को। उसे श्मशान बुलाया था, उसके खून
[19:20] और मांस के कुछ टुकड़े लेने के लिए नहीं नहीं।
[19:26] माँ। शंकर दल से चिल्ला उठा, उसने एक
[19:34] दूसरी कमीज़ पहनी और वो रवि के घर दौड़ा।
[19:37] वो अपने दोस्त को सब कुछ बताना चाहता था।
[19:40] हाँ, उसे इन सब बातों पर यकीन नहीं था।
[19:43] इससे पहले पर अब अब उसे भी इन बातों पर यकीन हो रहा था।
[19:48] पर जब वो लंगड़ते हुए पहुंचा तब तक देर हो चुकी थी।
[19:53] रवि पहले ही खेत के लिए निकल चुका था।
[19:56] वो अपने दोस्त से उस दिन कुछ नहीं कह पाया।
[20:03] अगले 3 दिन पहले तीन रातों की तरह ही डर से गुजरे जैसे जैसे एक एक
[20:10] रात कटती शंकर को लगता वो पागल हो रहा था उसे अब हर रात।
[20:15] अपने घर के बाहर से भोला के गुररानी की आवाज सुनाई देती वे
[20:20] अपने बिस्तर के नीचे कभी अपने छत से और अगर वो घर से बाहर निकलता
[20:26] तो हवा में भैरव की हँसी की गूंज सुनाई देती।
[20:30] उसे कोई उसे पुकारना एक बार नहीं बार बार।
[20:42] शंकर शायद सच में पागल हो रहा था। 7 दिन हो चूके थे ना वो ठीक से सो
[20:48] पा रहा था, ना खा पी पा रहा था। जब भी वो कुछ खाने बैठता, उसे
[20:52] खाने से सड़े मांस की बदबू आती। दिन बाद दिन बहुत ही ज्यादा कमजोर
[20:58] होता जा रहा था। सातवें दिन की सुबह रवि उससे
[21:02] मिलने आया। जैसे ही शंकर ने दरवाजा खोला शंकर
[21:07] की हालत देख रवि हिल गया। शरीर भर के खाओ अब तक नहीं भरे थे
[21:12] उसके वो बहुत कमजोर लग रहा था। आँखों के नीचे काले गड्ढे थे उसके
[21:17] मानो वो बहुत ज्यादा बीमार हो। उसे देख लग रहा था कि वो किसी नशे
[21:22] में धुत था। रवि ने उसे बिठाया, फिर पूछा
[21:26] आखिरकार उसके साथ क्या हो रहा था? और शंकर ने पिछले छह रातों से हो
[21:32] रही सारी घटनाएं उसे सुनाई। रवि का मुँह सफेद पड़ गया।
[21:38] अगर जो शंकर कह रहा था वह सच था। इसका मतलब आज रात शंकर को शमशान
[21:44] जाकर अपने रक्त और मास की आहूति देनी होगी।
[21:48] और फिर। फिर क्या 14 दिन वाली बाप भी सज
[21:51] होगी? क्या उसका दोस्त अगले एक हफ्ते
[21:54] में मरने वाला था? ये सब सोच रवि सैम उठा वो ये सब
[21:59] नहीं होने दे सकता था। अपने दोस्त के 700।
[22:01] उसने शंकर से वायदा किया कि जब तक उसका परिवार नहीं लौटता।
[22:06] वो रात को उसके साथ उसके घर में सोएगा और वो दोनों मिलकर इस भैरव
[22:11] के आतंक का सामना करेंगे और अगले दिन मंदिर में जाकर पंडित जी से
[22:16] भी मिलेंगे। इस मुसीबत का कोई उपाय ढूंढेंगे?
[22:19] वो दोनों ये सब सुनकर शंकर को थोड़ी शांति महसूस हुई।
[22:27] उस रात यानी सातवें दिन की रात को करीब 10:00 बजे रवि के घर आया और
[22:34] दोनों थोड़ी देर बातचीत करते हुए सो गए।
[22:38] शंकर को आज कोई आवाज नहीं सुनाई दी, बस उसे एक डरावना सपना दिखा।
[22:46] वो एक अंधेरे जंगल में भटक रहा था।
[22:49] अचानक तीन काले कुत्तों का एक झुंड उसके सामने आकर कुरने लगा।
[22:57] शंकर शंकर डर गया और अपनी जान बचाने के लिए वो बहुत तेज भागने
[23:02] लगा। वो भागता रहा तब तक जब तक की वो
[23:06] एक अंधेरे गड्ढे में फिसल कर गिर पड़ा और एक झटके से उसकी नींद खुल
[23:15] गई। पर ये क्या रवि कहा था और वो?
[23:23] वो कहा था शंकर घबराकर उठने लगा पर उसके पैर उसके काबू में नहीं
[23:29] थे। वो एक आसन पर बिना कपड़ों के बैठा
[23:32] था। उसने आसपास देखा और एक क्षण में
[23:37] वो समझ गया कि वो कहा था वो श्मशान में था।
[23:43] और सामने सामने बैठा था। भैरव मंत्रोच्चारण करता हुआ हवन
[23:52] करते हुए हैरव के सामने हवन की अग्नि हवा में लहरा रही थी और
[23:59] भैरव के बगल में। एक लाल आसन पर रखी थी एक लाश,
[24:04] खोला की लाश 7 दिन बाद उस लाश की हालत और विभत्स हो गई थी।
[24:10] उस पर कीड़े लग चूके थे। मक्खियां भिनभिना रही थी।
[24:14] हवा में हवन की गंध के साथ उस सड़े मांस पिंड की बदबू भर गई थी।
[24:20] और उन सब चीजों से भैरव को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
[24:25] वो मंत्रोच्चारण करता, भोला के शरीर पर फूलों की पंखुड़ियां
[24:29] डालता और हर बार जब वो ऐसा करता, उस लाश की चमड़ी के नीचे कुछ
[24:36] हिलता जैसे कोई चीज़। उसके अंदर से फिर से जिंदा हो रही
[24:42] थी। भैरव ने ऊपर देखा और शंकर की तरफ
[24:48] देख बोला। दर्द क्या होता है पता चला तुझे?
[24:54] शंकर को एक पथ समझ नहीं आया की भैरव क्या कह रहा था।
[24:58] उसने जैसे ही कुछ बोलने के लिए अपना मुँह खोला, उसे अचानक एहसास
[25:03] हुआ कि उसके मुँह के अंदर कुछ नरम कुछ पिलबिला सा था नकली पल उसने
[25:08] उसे थूक दिया। पर ही क्या सबू पर एक इंसानी
[25:15] ऊँगली का छोटा सा टुकड़ा पड़ा था। के अंदर एक खौफ की लहर दौड़ गई।
[25:22] उसके मुँह के अंदर इंसानी ऊँगली उसने तुरंत अपने हाथ उठाए अपने
[25:26] मुँह को पोछने के लिए और उसने जो देखा उसके शरीर में डर से एक
[25:32] पिजली दौड़ गई क्योंकि उसके हाथों की सभी उंगलियां।
[25:36] आंधी गायब थी, काटी नहीं गई थी ने दांतों से चबाकर हाथों से अलग
[25:45] किया गया था। शंकर को अब एक भयानक दर्द का
[25:50] अहसास होने लगा। उसके हाथों से खून बह रहा था पर
[25:53] उससे अब धीरे धीरे चक्कर आ रहा था।
[25:56] शंकर तर्मत तुने अपनी इच्छा से अपनी उंगलियाँ पापों से काट कर
[26:03] लगती है अपना मासा रक्त भोला को अर्पण किया है।
[26:08] ये तेरे प्रायश्चित की शुरुआत है। शुरुआत है ये।
[26:16] उधर भैरव एक कटोरी से शंकर की उँगलियों के टुकड़ों को उठाकर
[26:21] होला के टूटे हुए मुँह में घुसाड़ रहा था।
[26:25] उसे शंकर का खून पिला रहा था। वो वो जब जब ऐसा करता, होला का
[26:30] शरीर कापता जैसे उसमें धीरे धीरे प्राण।
[26:35] वापस आ रहे हो। शंकर डर से कांपने लगा।
[26:40] वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगा। दर्द से डर से वो वहाँ से उठकर
[26:46] भागना चाहता था, खुद को बचाना चाहता था पर वो बहुत कमज़ोर था।
[26:52] उसका बहुत खून बह चुका था। और धीरे धीरे उसकी आँखों के आगे
[27:00] अंधेरा छा गया। दोस्तों आगे क्या हुआ?
[27:10] अगले 7 दिन क्या इससे भी भयानक होंगे, क्या भूला सच में लौटेगा।
[27:15] जानने के लिए सुनिए इस कहानी का आखिरी भाग 4 मई को कैसा होप यू
[27:23] अरे लाइकिंग दी स्टोरी सोफा। मेरी हमेशा यही कोशिश होती है कि
[27:27] मैं कुछ ऐसा लिखूं जिससे आपको डर अंदर तक महसूस हो रहा हो।
[27:32] सो आई ऍम ट्रूली होपिंग दट। यू अरे लाइकिंग थिस सीरीज सो अब
[27:36] मूविंग फॉर्वर्ड, लेटस स्टार्ट ए सेशन फॉर थिस वीक हर हफ्ते हम तीन
[27:42] करते हैं। फॉर ऑल दोज़ पीपल, जो हमें
[27:44] व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ईमेल और यूट्यूब पर मैसेज करते हैं।
[27:49] टु लेट उस नो हौ मच टिल आई का वर्क सो आज का पहला शाउट आउट जाता
[27:53] है आर जे मेनिया को हूँ रीचड आउट टु उस थ्रू यूट्यूब उन्हें हमारी
[27:58] कहानियों काफी पसंद आती है और वो हमारे।
[28:01] ऑलमोस्ट हर एपिसोड पर कमेंट करते हैं ही लव्स स्पूकास्ट एंड अगर हम
[28:06] कभी कहानी मिस कर देते हैं तो वो मैसेज कर पूछते भी हैं सो आर जे
[28:11] इफ यू अरे लिसनिंग थैंक्स ए लॉट फॉर युअर लव एंड सपोर्ट आज का
[28:15] दूसरा शाउट आउट गोज़ टु प्रकाश गनवर राठौर जिन्होंने हमें
[28:18] यूट्यूब पर कॅाटाक्ट किया। उन्हें हमारी कहानी से ज्यादा
[28:21] उसका ओवरऑल इफेक्ट यानी बैकग्राउंड म्यूसिक काफी पसंद है।
[28:25] थैंक्स ए लॉट प्रकाश जी फॉर युअर लवली कमेंट एस यू ऑल नो ब्य नाउ
[28:29] अव युअर मैं सब कुछ खुद ही करते हैं।
[28:32] यानी स्टोरी, वॉइस ओवर, साउंड बैकग्राउंड, म्यूसिक, ग्राफिक्स
[28:36] सब कुछ। सो इट रियली मोटिवेट उस इफ यू
[28:39] गाइस लाइक आवर एंड फाइनली आज का फाइनल जो जाता है नरेश मधई को
[28:47] जिन्होंने हमें ईमेल पर कॅाटाक्ट किया उन्हें हमारा स्टोरी टेलिंग
[28:51] काफी पसंद है और वह हर हफ्ते हमारे एपिसोड का वेइट् करते हैं।
[28:55] सो थैंक यू फॉर युअर काइंड वर्ड्स नरेश।
[28:57] एंड वी हॅव रिप्लाइड टु युअर ईमेल और उन्होंने ये रिक्वेस्ट भी की
[29:01] थी कि हम हर हफ्ते ऐट लिस्ट एक एपिसोड जरूर डालें।
[29:05] सो दट्स ए फेयर रिक्वेस्ट दट कम्स फ्रम ए लॉट ऑफ़ यू गाइस, बट एसआइ
[29:10] सैड अभी और मैं हम दोनों सब कुछ खुद करते हैं गाइस विथ आवर रेगुलर
[29:15] जॉब्स। सो टाइम्स ऑनेस्ट्ली नहीं हो पाता
[29:18] में बी इन फ्यूचर व्हेन वी हॅव ए बिगर टीम वी वुड शुरली डू थिस सो
[29:23] अगर कभी कोई एपिसोड मिस होता है या लेट आता है देन प्लीज़ बेयर
[29:27] विथ उस एंड विथ थिस आज का एपिसोड यहीं खत्म होता है।
[29:32] अगले हफ्ते हम लोग लौटेंगे। एक आपबीती के एपिसोड के साथ।
[29:36] एंड देन दी वीक आफ्टर दट। वुड बी बेयर ऑफ़ पार्ट थ्री सेंड
[29:40] उस युअर यूनिक एंड स्केयरी इन्सिडेंट्स वी नो आई पी एल चल
[29:44] रहा है सो कुछ कम इन्सिडेंट्स आ रहे हैं।
[29:46] बट इफ यू वांट आपबीती टु कंटिन्यू देन यू हॅव टु शेयर युअर स्टोरीज़
[29:50] गाइस। यू कैन रीच उस ऑन व्हाट्सएप,
[29:52] इंस्टाग्राम इ मेल ऑर यूट्यूब डीटेल्स डिस्क्रिप्षन में है फाडू
[29:56] फ्राइडेज का भी नया एपिसोड लाइव हो चुका है।
[29:59] उसका लिंक भी डिस्क्रिप्षन में है।
[30:00] सो गो लिसेन टु इट नाउ सो अगले हफ्ते फिर मिलेंगे मैं हूँ मंजुला
[30:06] और आप सुन रहे हैं इस बुक कास्ट अवि।
[30:10] और मंजिला के साथ। सुनते रहिए स्पोक कास्ट अभी और
[30:16] मंजिला के साथ।

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