# Ep22 - WOH KAUN THA? | SpookCast | ORIGINAL Horror Story | Chalava | Hindi Horror Podcast | Bhoot | Horror Kahaniya |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 9 Oct 2024, 9:28.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/92797329/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2024-9-9%2F387803784-44100-2-ec271c0a85b1.m4a

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## Transcript

[0:02] हे गाइस वेलकम बेक कैसे हैं आप सब मैं हूँ अभी और आप सुन रहे हैं
[0:08] स्पूकास्ट आज के एपिसोड शुरू करते हैं, सुनते रहिये स्पूकास्ट, अवि
[0:15] और मंजिला के साथ। मैं अजय और ये घटना 1960 की है जब
[0:25] मेरे दादा हैदराबाद में टैक्सी चलाया करते थे।
[0:28] हर सुबह दादा 4:00 बजे घर से निकल कर रेलवे स्टेशन के बाहर स्टैंड
[0:32] पर टैक्सी लेकर जाते थे। उस समय कुछ एक्सप्रेस ट्रेन्स आया
[0:36] करती थी और टैक्सी कम होने के कारण पैसे भी अच्छे मिल जाते थे।
[0:41] दिसंबर की एक सर्द सुबह दादा 4:00 बजे स्टेशन के लिए घर से निकले।
[0:47] सर्दियों का मौसम था। चारों तरफ अँधेरा छाया हुआ था।
[0:51] ठंड काफी ज्यादा थी और रास्ते पर काफी कोहरा भी छाया हुआ था।
[0:56] रास्ता खाली होने के कारण। दादा 70 से 80 की स्पीड से टैक्सी
[1:00] दौड़ा रहे थे। एकाएक कोहरे के बीच में से एक औरत
[1:05] पास के साइड वाले रोड से दौड़ते हुए निकली और उनके गाड़ी के सामने
[1:09] कुछ 2030 फुट की दूरी पर आके रस्ते के बीच में खड़ी हो गई।
[1:14] उसकी पीठ। टैक्सी की तरफ़ थी और वो आगे
[1:17] रास्ते की तरफ़ कुछ देख रही थी। दादा ने एकाएक एकदम से ब्रेक
[1:23] लगाया। एक ज़ोर की आवाज के साथ टैक्सी
[1:25] लहराते हुए थोड़े आगे जाकर रुक गई।
[1:28] दादा को बहुत गुस्सा आया। सुबह के चार साढ़े चार हो रहे थे।
[1:33] इतनी सुपर रास्ते पर गाड़ियां वैसी भी कम होती है, पर इसका ये
[1:36] मतलब तो नहीं की कोई कहीं से भी आकर बिना देखे रास्ते पर इस तरह
[1:41] दौड़े या खड़ा हो जाए। वो गालियां बकते हुए हैं और
[1:44] गिर्राते हुए गाड़ी से उतरे और उस औरत की तरफ बढ़ने लगे।
[1:51] आपको दिखाई नहीं देता क्या? मैं अगर ब्रेक नहीं लगाता तो आप
[1:54] मेरे गाडी के नीचे होती। दादा ने गुस्से से उस औरत को कहा
[1:59] पर उस औरत ने ना तो उनकी तरफ देखा, ना उनको कोई जवाब दिया।
[2:04] कुछ तो अजीब था, वो औरत अपनी जगह से हिल्ली तक नहीं, वो अभी भी
[2:09] वहीं खड़ी थी आगे रास्ते की तरफ देखते हुए क्नॉइस।
[2:12] उसकी आँखों में एक अजीब सा सन्नाटा था।
[2:15] वो बिना पलके झपकाए एक तक रास्ते को ही देख रही थी।
[2:20] दादा ने उसे ध्यान से देखा वो थोड़ी अलग सी लग रही थी।
[2:25] उस औरत के लम्बे बाल थे। उसने साड़ी और कुछ गहने पहने हुए
[2:28] थे पर उसके शरीर पर काफी बाल थे। काफी ज्यादा।
[2:33] बिलकुल एक पुरुष की तरह उसका मुँह भी किसी औरत के जैसे कम और किसी
[2:37] मर्द के जैसे ज्यादा लग रहा था। ऐसा लग रहा था मानो की कोई जवान
[2:41] लड़का साड़ी पहनकर रस्ते पे खड़ा हुआ दाता थोड़ा हिल गया।
[2:46] उस औरत का हुलिया और अजीब सा बर्ताव देख।
[2:49] ऐसा लग रहा था उनको की वो औरत वही रास्ते पर जम गयी थी।
[2:53] दादा ने खुद को संभालना और फिर दुबारा गुस्से से उस औरत से कहा।
[2:58] आपको सुनाई नहीं दे रहा क्या इस तरह से दुबारा कभी रास्ते पर मत
[3:01] दौड़ना, अगली बार यहीं मर जाओगी किसी गाडी के नीचे दब कर?
[3:06] ये कह कर। और गाली बकते हुए अपने टैक्सी की
[3:09] और वो बढ़ने लगे। जब दादा उससे ये कह रहे थे तब भी
[3:13] वो औरत ना उनकी तरफ मुड़ी, ना उसने कुछ कहा।
[3:17] बस उस रास्ते को वो एक तक वैसे ही देख रहे थे।
[3:22] दादा अब टैक्सी के पास पहुंचे, उन्होंने टैक्सी का दरवाजा खोला
[3:26] ही था। कि अचानकों ने एक ताली की आवाज
[3:29] सुनाई थी। एक ज़ोरदार ताली जिसकी आवाज हवा
[3:32] में गूंज उठी, उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, वो औरत अब दादा की
[3:36] तरफ देख रही थी। गुस्से से बहुत गुस्से से वो
[3:41] गुस्से से कुछ बड़बड़ा रही थी। पता नहीं क्या?
[3:44] और अपने हाथों के पंजों को ज़ोर ज़ोर से एक दूसरे पर पटक रही थी।
[3:49] इससे एक अजीब सी ताली की आवाज गूंज रही थी।
[3:51] चारों तरफ ठीक जैसे किन्नर बनाते हैं।
[3:57] उसके गुस्से से भरी आँखें दादा पर अटकी हुई थी।
[4:00] वो बिना पलके छप कर अभी दादा को देख रही थी।
[4:03] गुस्से से ज़ोर ज़ोर से सांस लेते हुए कुछ बोल रही थी।
[4:07] दादा को अचानक एक अजीब सा डर का एहसास हुआ।
[4:10] वो समझ गए थे कि ये कोई औरत नहीं किन्नर है और किन्नर के श्राप से
[4:15] वैसे भी सभी डरते हैं। उन्होंने जल्दी से टैक्सी चालू की
[4:21] और वहाँ से निकले। रियर क्यूँ?
[4:23] मिरर में उन्हें अब भी वो नजर आ रहा था।
[4:26] गुस्से में बिना पल के झपकाए उनको ही देखते हुए ताली बजाते हुए
[4:31] उन्होंने एक्सेलरेटर पर पैर रखा और वहाँ से निकल गए।
[4:35] पर उन्हें अब भी ये नहीं समझ आ रहा था की ये सब था क्या?
[4:39] वो समझने की कोशिश कर रहे थे की सुबह के चार साढ़े 4:00 बजे कोई
[4:42] किन्नर ऐसे रास्ते पे क्यों दौड़ रहा होगा या रास्ते के सामने आके
[4:46] क्यों खड़ा हो जाएगा? वो जीस तरह रास्ते के बीच में
[4:49] खड़े होकर टैक्सी की तरफ पीट कर के रास्ते को देख रहा था।
[4:54] इन सब चीजों के बारे में सोच कर अब दादा के भी रोंगटे खड़े हो रहे
[4:57] थे। और वो तालियों की गूंज मानो वो
[5:01] उनको अभी भी सुनाई दे रही थी। पता नहीं वो किन्नर क्या बड़बड़ा
[5:04] रहा था। दादा को डर लग रहा था कि कहीं
[5:06] उनको कोई श्राप ना दिया हो या उनके परिवार को।
[5:11] उन्होंने भगवान का नाम लेकर अपने सिर से पसीना, पोछा और स्टेशन की
[5:15] ओर बांटने लगेंगे। जो कुछ दूर गए ही होंगे की अचानक
[5:20] फिर से कोई एक औरत दौड़ती हुई मेन रोड पर आ गई और वहीं टैक्सी के
[5:25] सामने 2030 फिट की दूरी पर अपने पीठ टैक्सी के तरफ करके खड़ी हो
[5:30] गई। दादा ने एकदम से ब्रेक लगाया।
[5:35] उन्हें एक सेकंड के लिए लगा कि कहीं कोई सपना तो नहीं देख रहे
[5:37] हैं। पर नहीं।
[5:39] वो औरत अब धीरे धीरे टैक्सी की तरफ़ मुड़ी और दादा की सांसे मानो
[5:43] वहीं रुक गई। ये कोई औरत नहीं वही किन्नर था
[5:47] जिसे दादा ने कुछ किलोमीटर पहले ही देखा था।
[5:52] वो किन्नर अब दादा की आँखों में देख रहा था।
[5:54] उसकी आँखें गुस्से से लाल थीं। उसने अपने हाथ ऊपर किये और श्राप
[5:59] देने से पहले जैसे गुस्से से ताली बजाते है वैसी ही ताली बजाकर कुछ
[6:03] ज़ोर से चिल्लाने लगे। दादा डर से टैक्सी में ही जम गए।
[6:09] वो समझ चूके थे की उनके साथ आज कुछ अनहोनी घटना घटने वाली थी।
[6:14] वो क्या करे ये सोच ही रहे थे। की अचानक वो किन्नर उनकी टैक्सी
[6:18] की तरफ़ बड़ने लगा। इससे पहले की दादा कुछ सोच पाते
[6:22] वो किन्नर टैक्सी के और गुस्से से दौड़ने लगा।
[6:25] उसकी आँखें बिलकुल लाल थी। उसके बाल और साड़ी हवा में उड़
[6:29] रहे थे और वो बहुत ही डरावना लग रहा था।
[6:32] ऐसा लग रहा था की वो रास्ते से दौड़ के नहीं उड़ के उनकी तरफ़
[6:35] बढ़ रहा है। दादा ने बिना कुछ सोचे टैक्सी
[6:38] रिवर्स करना शुरू किया था। वो गाड़ी को किसी तरह घुमाकर उलटे
[6:42] रास्ते की तरफ जाने लगे। उपकंदर अब भी उनकी टैक्सी की तरफ
[6:46] दौड़ रहा था और दादा को लग रहा था की वो टैक्सी के और पास आता ही जा
[6:50] रहा है। कुछ ही सेकण्ड्स में उपकंदर गाड़ी
[6:53] के साथ साथ दौड़ने लगा। और जगह जगह से फटी हुई थी।
[6:58] उसके बाल और कपड़े हवा में उड़ रहे थे।
[7:01] उसके दांत बिल्कुल खराब थे और उसकी लालांखें दादा बद खड़ी हुई
[7:06] थी। वो दौड़ते हुए अब भी कुछ बड़बड़ा
[7:08] रहा था। दादा के डर से हालत खराब हो गई।
[7:13] उनकी टैक्सी अब करीब। 8090 की स्पीड से दौड़ रही थी
[7:16] हैवे पे वो किन्नर ऐसे इतनी तेज कैसे दौड़ रहा था?
[7:21] उनको जीस जगह पहुंचने में 10 मिनट लग गए।
[7:23] वो किन्नर पैदल वहाँ उनसे पहले कैसे पहुँच गया था?
[7:27] दादा अब समझ चूके थे की ये कोई किन्नर नहीं, कुछ जलावा है।
[7:33] उन्हें लगने लगा। की वो आज मरने वाले हैं।
[7:36] शायद आज उनका आखिरी दिन है। उन्होंने डर से हनुमान चालीसा का
[7:41] पाठ करना शुरू किया और गाड़ी तेज भगाने लगी।
[7:44] धीरे धीरे वो किन्नर पीछे छूट गया।
[7:48] अगली टर्न लेने से पहले जब दादा ने रियर क्यूँ मिरर से देखा वो
[7:51] दादा को तब भी गुस्से से देख रहा था।
[7:54] ताली बजा रहा था और अब भी कुछ बोल रहा था।
[7:58] दादा ने और तेजी से गाड़ी भगाई और किसी तरह एक मंदिर देख उन्होंने
[8:02] गाड़ी वहाँ रोक दी। सुबह 8:00 बजे तक दादा उसी मंदिर
[8:09] में बैठे रहे जब रास्ते में लोगों की भीड़ बढ़ी।
[8:12] तब वो टैक्स में बैठ कर घर लौटे। अगले 7-10 दिन तेज बुखार और
[8:17] कमजोरी की वजह से वो घर पर ही आराम करते रहे पर उस दिन के बाद
[8:22] उन्होंने उस रेलवे स्टेशन के रोड पर जाना ही छोड़ दिया।
[8:26] वो सिर्फ दिन की रौशनी में ही टैक्सी चलाते हैं।
[8:29] कुछ महीनों बाद किसी दूसरे टैक्सी ड्राइवर के साथ भी जब यही घटना
[8:32] घटी तब जाके उन्हें पता चला कि उस रोड पर एक किन्नर को किसी ट्रक ने
[8:38] कुचल दिया था। कहते हैं कि मरने से पहले उसने
[8:42] वैसी ही ताली बजाकर उस ट्रक वाले को श्राप भी दिया था।
[8:46] तब से वो रात में। कुछ लोगों को दिखता है।
[8:53] सो कैसी लगी आज की घटना? दोस्तों अगर मेरे साथ ऐसा कुछ
[8:57] होता तो मैं कभी उस रास्ते से नहीं जाता।
[9:00] दोस्तों, आप भी कॉमेंट्स में हमें बताना और अगर आपको भी अपनी कोई
[9:04] घटना हमसे शेयर करनी है। तो आप हमें इंस्टाग्राम में डीएम
[9:08] कर सकते हैं ऐट दी रेट स्पूक टीवी इंडिया या आप हमें ईमेल भी कर
[9:13] सकते हैं डीटेल्स डिस्क्रिप्षन में हैं आज का एपिसोड बस ही तक
[9:19] सुनते रहिए स्पूककास्ट, अवि और मंजिला के साथ।

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