# EP21 - Jinn Ka Aatank | SpookCast | ORIGINAL Horror Story | Hindi Horror Podcast | Bhoot | Horror Kahaniya |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 2 Oct 2024, 16 min.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/92494202/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2024-9-2%2F387423105-44100-2-fc80349cba399.m4a

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## Transcript

[0:06] सुबह के साढ़े 8:00 बज रहे थे। फातिमा ने जाकर अपने बेटे अजर के
[0:11] रूम की खिड़की खोली। वो रोज़ खुद ही 7:00 बजे उठ जाया
[0:15] करता था, पर आज किसी वजह से वो अभी भी सो रहा था।
[0:19] असर बेटा उठ जा 8:30 बज रहे अजर। फातिमा ने परते हटाते हुए कहा।
[0:25] पर अजहर हिला तक नहीं। फातिमा ने उसके पास जाकर उसके
[0:30] माथे पर अपना हाथ रखा। उसका शरीर बर्फ़ की तरह ठंडा था।
[0:35] फातिमा के मन में अचानक ही खौफ जाग उठा।
[0:38] उसने अजहर को पकड़कर जगाने की कोशिश की।
[0:44] असर ने धीरे से अपनी आंखें खोलीं पर उसकी आंखें बिल्कुल काली थी।
[0:51] उसने फातिमा की तरफ देखा, मुस्कुराया और फिर बोला।
[0:59] तू कितनी भी कोशिश कर, मैं अजहर को भी साथ ले जाऊंगा, ले जाऊंगा
[1:04] उसे मैं। हजर।
[1:10] अम्मी अम्मी क्या हुआ, अम्मी? तुम तुम रो क्यों रही हो?
[1:15] अम्मी क्या हुआ? नमस्कार दोस्तों, जिनके बारे में
[1:21] हम सबने सुना है पर क्या होता है जब कोई चिन्ह किसी को अपने साथ
[1:26] अपनी दुनिया में ले जाने की ठन है।
[1:28] चलिए जानते हैं आज के एपिसोड में मैं हूँ मंजिला और आप सुन रहे हैं
[1:34] स्पोक कास्ट, अवी और मंजिला के साथ।
[1:38] सुनते रहिये स्पूकास्ट, अवी और मंजिला के साथ।
[1:48] सात महीने पहले फातिमा के शौहर शोएब की एक रोड अक्सीडेंट में मौत
[1:54] हो गई थी। फातिमा इसीलिए अपने 5 साल के बेटे
[1:57] अजहर के साथ दो महीने पहले इस नए घर में शिफ्ट हुई थी।
[2:02] वो एक आर्टिस्ट थी। चौंकियानवे स्पोर्ट्स बनाने का
[2:05] काम करती थी। उसे अपने काम के लिए एक स्टूडियो
[2:08] की तलाश थी। यह घर जो काफी बड़ा था, स्टूडियो
[2:12] बनाने के लिए एक दम परफेक्ट था और पुराने होने की वजह से काफी कम
[2:16] दाम में मिला था। शिफ्ट होने के पहले दो 3 दिन सब
[2:20] ठीक था पर एक सुबह फातिमा जब किचन में ब्रेकफास्ट बना रही थी, उसे
[2:24] अचानक अजट की किसी आदमी से बात करने की आवाज सुनाई दी।
[2:29] कोई गेस्ट या क्लाइंट आया है, ये सोचकर उसने किचन से बाहर निकल कर
[2:33] देखा पर अजहर लिविंग रूम के या डाइनिंग स्पेस के आसपास भी नहीं
[2:37] था। बातचीत की आवाज अब भी आ रही थी।
[2:40] आवाज का पीछा करते हुए वो अपने स्टूडियो में पहुंची।
[2:44] अजहर वहाँ एक बड़े से आईने के सामने खड़ा था और बात कर रहा था
[2:49] पर उसके साथ कोई नहीं था। उसके होठों पर एक मुस्कान थी जो
[2:53] फातिमा ने महीनों बाद देखी थी। उसका मुँह आईने की तरफ तो था पर
[2:57] वो खुद के रिफ्लेक्शन को नहीं मानो वो आईने के ऊपर वाले हिस्से
[3:00] को देखकर कुछ बात कर रहा था। अजहर तुम किस्से बात कर रहे हो
[3:05] बेटा। अज़र छत से उसकी तरफ मुड़ा और
[3:07] उसकी मुस्कान एकाएक गायब हो गयी। कौन है?
[3:10] तुम किस्से बात कर रहे थे? मैंने एक आदमी की आवाज सुनी।
[3:14] मैं नहीं बता सकता, अम्मी। ये बोल अजहर ने अपना सिर झुका
[3:18] लिया। फातिमा उसकी और एक कदम बड़ी ही थी
[3:21] की अचानक उसे किसी के गुस्से से गुर्रानी की आवाज़ सुनाई दी।
[3:27] मुकुरा ने की आवाज स्टूडियो में गूंज रही थी जिसे सुनकर उसके पैर
[3:32] ठंडे पड़ गए और अगले ही पल स्टैंड पर रखे उसके सारे पोर्ट्रेट जमीन
[3:36] पर रुक गए। वो रिज़ल्ट डर से कांप उठे।
[3:41] फातिमा हैरान थे। उसने पोर्ट्रैड उठाकर स्टैंड पर
[3:45] रखे और पूरा घर भी चेक किया पर कहीं कोई नहीं था।
[3:49] उसे अच्छे से याद था कि उसने किसी आदमी की एक भारी सी हवा सुनी थी।
[3:53] अजहर से बात करते हुए और वो कुर्रा ने की आवाज और वो
[3:56] पोर्ट्रेट्स का गिरना, वहाँ तो कोई हवा भी नहीं चल रही थी।
[4:00] फातिमा कॅन्फ्यूज्ड थी और डरी हुई भी, पर उसने बात वही छोड़ दी।
[4:05] अगले दिन वो जब स्टूडियो में काम कर रही थी तो उसने देखा कि अजहर
[4:09] ड्राइंग करते हुए कुछ गुनगुना रहा था।
[4:19] एक अजीब सी मायूसी भरी धुन, जो उसने पहले कभी नहीं सुनी थी।
[4:24] अजहर, ये तुम तुने कहाँ से सीखी बेटा?
[4:27] अजहर ने उसकी ओर देखा फिर कार्नर पर रखे उस आईने की तरफ देख कर
[4:32] उसने अपनी ऊँगली अपने होठों पर रखी।
[4:34] उसकी आँखों में डर था मानो वो फातिमा को चुप रहने को बोल रहा
[4:38] था। फातिमा ने वो साइनए की ओर देखा।
[4:41] ये एक आठ फिट का ऐंटीक मिरर था। जीस रूम में उनके शिफ्ट होने के
[4:45] पहले से ही था। उसे समझ नहीं आ रहा था की अगर उसे
[4:47] चुप होने क्यों बोल रहा है। क्या हुआ अजहर कोई है क्या वहाँ?
[4:52] उसने परेशान हो कर पूछा। अजहर की आँखों में डर था, वो अभी
[4:56] भी उस आईने को ही देख रहा था। फातिमा जैसे ही उसके पास जाने
[5:00] लगी, वही गुर आने की आवाज पूरे घर में गूंज उठी।
[5:04] और अचानक एक झटके से टेबल पर रखा अजहर के कलर पेंसिल का बॉक्स और
[5:10] बाकी सुना जमीन पर गिर गया। असल ज़ोर से रोने लगा।
[5:15] फातिमा के पैर भी ठंडे पड़ गए। ये वही गुरहानी की आवाज थी जो उस
[5:19] दिन भी उसने सुनी थी। उसने दौड़ कर अजहर को गोद में
[5:23] उठाया। स्टूडियो से बाहर निकली वो ज़ोर
[5:25] ज़ोर से कुरान की आयते पढ़ने लगी। धीरे धीरे सब शांत हो गया।
[5:30] पीड़ा तुम डरो मत, मैं हूँ ना सब ठीक कर दूंगी बस मुझे बताओ की
[5:35] तुमने क्या देखा? अम्मी अम्मी एक चाचा है जो रोज़
[5:42] जो रोज़ मुझे मिलने आते। है वो।
[5:45] वो बहुत अच्छे है। मुझे बहुत प्यार भी करते है।
[5:48] उन्होंने मुझे ये धुन सिखाई और और वो मुझे अब्बू के पास भी ले
[5:53] जायेंगे। उन्होंने मुझे ऐसा वादा किया है,
[5:56] अम्मी। कौन से चाचा मैंने तो अभी तक किसी
[5:59] को नहीं देखा। आपने उन्हें नहीं देखा, अम्मी
[6:03] क्योंकि वो आपको पसंद नहीं करते। वो उस बड़े वाले आईने में रहते है
[6:07] और उन्होंने उन्होंने मुझे उनके बारे में आपको बताने से मना किया
[6:11] था। पर मैं आज डर गया इसलिए मैं आपको
[6:15] सब बता रहा हूँ। अब वो मुझ पर भी गुस्सा करेंगे,
[6:18] बहुत गुस्सा करेंगे, अम्मी अब्बू से भी शायद नहीं मिलाएंगे।
[6:24] असर वो तुमसे झूठ बोल रहे हैं। अब्बू अल्लाह के पास चले गए हैं।
[6:28] मैंने तुम्हे बताया था ना और तुम वहाँ नहीं जा सकते बेटा और तुम
[6:32] चले गए तो अम्मी अकेली हो जाएगी ना?
[6:34] इसलिए अगली बार वो चाचा अगर आए तो तुम मुझे आवाज देना।
[6:37] मैं उनसे बात करूँगी। समझे?
[6:40] फातिमा ने अजहर को गले से लगा लिया और फिर से आयते पढ़ने लगी।
[6:44] पर ये सब तो बस शुरुआत थी। क्नॉइस दोस्तों नमस्कार, आप सबका
[6:51] स्वागत है स्पोक कास्ट के सीज़न 2 में।
[6:54] इस हफ्ते से हम आपसे दो बार मिलेंगे वेडनेसडे रात, 9:00 बजे,
[6:58] मेरी यानी मंजिला के एक ओरिजिनल स्टोरी के साथ और फ्राइडे रात
[7:02] 9:00 बजे एक नए सीरीज में जहाँ अव्य और मैं आपके लिए लाएंगे
[7:06] लोगों के कुछ ऐसे रियल एक्सपीरियंस और इन्सिडेंट्स जिनका
[7:10] कोई एक्सप्लनेशन नहीं है, हमेशा की तरफ बस सब दोस्तों साथ में
[7:14] प्लीज़ बने रहिए। अगली रात करीब 3:00 बजे फातिमा की
[7:19] आंख खुली। कहीं दूर कोई कुछ गुनगुना रहा था।
[7:32] अचानक उसे अहसास हुआ कि वही धुन थी जो अजहर गुनगुना रहा था।
[7:37] वो छत से बिस्तर से उतरी और अजहर के रोम की तरफ जाने लगी पर आवाज
[7:41] कहीं और से आ रही थी। आवाज का पीछा करते हुए वो अब अपने
[7:45] स्टूडियो के बाहर पहुंची। उसने स्टूडियो के अंदर झा कर दिखा
[7:48] और उसके शरीर में पिछली दौड़ गई। स्टूडियो के एक अंधेरे कार्नर में
[7:54] उस आईने के सामने सफेद कपड़ो में लगभग आठ फुट लंबा कोई खड़ा था।
[8:00] उसके पैर जमीन पर नहीं थे और त्वचा लाल थी।
[8:04] उसकी आंखें अंधेरे में कोयले की तरह जल रही थी और वो वही धुन
[8:08] गुनगुना रहा था। फातिमा को देखकर मुस्कुरा रहा था।
[8:20] फातिमा समझ गई थी कि ये एक चिन्ह है पर इससे पहले की वो वहाँ से
[8:25] भाग पाती। वो चिन्ह हवा में तैरता हुआ अगले
[8:28] ही पल उसके सामने आ गया और उसने फातिमा को गले से पकड़ कर हवा में
[8:33] उठाते हुए कहा। मुझे अवसर पसंद है।
[8:40] उनमें उसको अपने साथ नहीं जाऊंगा। अगर तुमने मुझे रोकने की कोशिश की
[8:46] तो तुम दोनों जिंदा नहीं बचोगे। इसलिए मुझे रोकने की चर्चा भी मत
[8:51] करना। इसी में सबकी भलाई है।
[8:55] अब क्या चली जाए? यहाँ से चली जा।
[9:01] ये कह कर उसने फातिमा कला छोड़ दिया और वो गायब हो गया।
[9:05] फातिमा जमीन पर गिर गई। उसे यकीन नहीं हो रहा था।
[9:08] अपनी आँखों पर वो डर से कांप रही थी।
[9:11] उसके पसीने छूट गए थे तभी अचानक उसे वही धुन फिर से सुनाई देने
[9:15] लगी। पर इस बार अजहर के रूप से अजहर वो
[9:20] भागते हुए अजहर के रूम में गए। अजहर का बिस्तर खाली था।
[9:24] वो अपने रूम की खिड़की के पास खड़ा था।
[9:26] फातिमा ने उसके कंधे पर हाथ रख। झटके से उसकी ओर देखा और फातिमा
[9:33] की सास मानो वहीं रुक गई। उसकी आँखें बिलकुल काली थी, मानो
[9:39] उसकी आँखों में कोई पुतलिया ही ना हो और चेहरे पर एक शैतानी हँसी
[9:43] थी। उसके 5 साल के बेटे का मुँह किसी
[9:46] शैतान से कम नहीं लग रहा था। फिर असर ने एक भारी सी आवाज में
[9:51] अरबी भाषा में फातिमा से कहा। सोहिलाना साहा, कुतुब वायलाना शाह
[10:01] कुतुहुआ, इलाना शाह कुतुबुई लाना। पर अजहर ये लाइन को दोहरा रहा था।
[10:10] हर बार ये लाइन कह कर वो खुद को एक चांटा मारता।
[10:13] पुअर भी भाषा नहीं जानता था पर फातिमा जानती थी कि वो क्या कह
[10:18] रहा था? वो कह रहा था कि मैं इसे ले
[10:21] जाऊंगा, ये मेरा है। फातिमा रोने लगी, वो अजहर का हाथ
[10:26] पकड़ कर उसे रोकना चाहती थी पर उसके शरीर में बहुत ताकत थी।
[10:32] छोड़ दे, छोड़ दे वो मर जाएगा, छोड़ दे, प्लीज़ छोड़ दो।
[10:39] फातिमा ने रोते हुए कहा, अजर अभी भी उस भारी आवाज में वही अरबी
[10:44] लाइन्स दौरा रहा था और खुद को चांटा मारा था।
[10:48] उसका मुँह चांटो की वजह से लाल हो चुका था पर वो फिर भी मुस्कुरा
[10:52] रहा था। फातिमा ने अब खुद को संभालना और
[10:56] अजहर को पकड़कर वो कुरान की आयतें पढ़ने लगीं।
[11:00] अजहर का शरीर काबने लगा मानों से मिर्की का अटैक आया हूँ और धीरे
[11:05] धीरे बेहोश हो गया। फातिमा काफी परेशान थी।
[11:13] अगले दिन उसने पास की मदर से केक इमाम को फ़ोन किया और सारी बात
[11:18] बता कर उसने उन्हें घर आने को कहा।
[11:22] शाम को इमाम फातिमा के घर आए अज़हर अपने कमरे में ही था।
[11:27] वो मस्जिद से पाक झमझम का पानी भी साथ लाए थे।
[11:30] उन्होंने पहले आए थे पड़ते हुए घूम घूम कर पूरा घर देखा।
[11:34] जब वो फातिमा के स्टूडियो में गए तब वो उस आईने को देख उसके सामने
[11:38] खड़े हो गए। उन्होंने साथ लाए पाक जम जम के
[11:41] पानी को उस सायने पे छिड़का। आईने से धुआं उठने लगा।
[11:49] और एक गुर्रहने की आवाज से वो पूरा स्टूडियो गूंज उठा।
[11:53] इमाम के माथे पर अब एक चिंता की रेखा थी।
[11:55] उन्होंने फातिमा को अपने बेटे के कमरे में उन्हें ले जाने को कहा।
[12:00] जैसे ही फातिमा और इमाम अज़हर के कमरे में पहुंचे वो फिर से एक
[12:03] भारी आवाज में अरबी भाषा में बात करने लगा।
[12:08] इमाम तू चला जाए, उसे मैं अगर को छोड़कर नहीं जाऊंगा।
[12:16] इमाम ने अजहर के स्तर पर हाथ रखा और आयतुलखुर्सी पढ़ना शुरू किया।
[12:21] वो कुछ आयते और दुआएं पढ़ते। फिर वो अजहर के शरीर पर पाक जमजम
[12:26] का पानी छिड़कते असर एक मछली की तरह चटपटाने लगा।
[12:30] पता तू कौन है बता तू उस बच्ची को क्यों सीखा रहा है बताओ?
[12:35] इमाम ने पूछा। तू मुझे नहीं रुक सकता।
[12:41] मेरा नाम ऑफिस है इस जमीन पर। और पिछली 200 साल से रहते थे और
[12:49] जब ये घर बनाओ, इसकी मालिक ने मेरे पूरे परिवार को एक बहुत ही
[12:54] ताकत मेरी माँ की मदद से मार दिया।
[12:56] मेरे बच्चों को भी नहीं छोड़ा उसने और मुझे जब नहीं मार सका तब
[13:01] मुझे उस शीशे में कहकर कमरा बंद कर दिया पर फातिमा निहाने के बाद।
[13:07] इस कमरे को खोल दिया। मेरे बच्चे का तो लगा दिया गया था
[13:13] पर असर मेरे बच्चे जैसा है। मुझे उसके साथ रहना अच्छा लगता
[13:18] है। अब वो ही मेरा परिवार है इसलिए
[13:20] उसी में अपनी पास ही रखूँगा। बोल दे इस औरत को उसका बच्चा अब
[13:25] उसका नहीं निरा है मेरा असर। वापस लौटने से पहले ही मामले उस
[13:40] आइने के सामने भी आए थे। पढ़ी और उस रूम का दरवाजा बंद कर
[13:44] उस पर भी एक तावेज बांधकर पाक जम का पानी दरवाजे की चौखट पर डाल
[13:50] दिया। फिर उन्होंने फातिमा से कहा।
[13:53] फातिमा इसमें ज्यादा दिन तक नहीं काबू कर सकता।
[13:57] तुम इस बात का ध्यान रखना की गलती से भी अगले 14 दिन तक।
[14:03] और कोई भी इस रूम का दरवाजा ना खोले।
[14:06] अगर वो चीन इस बार बाहर आ गया तो फिर अजहर को कोई नहीं बचा सकता।
[14:11] अजहर ने अपने अब्बू को खोया है और उस चिन्ह ने अपने बच्चे को।
[14:14] वो दोनों एक दूसरे से इसीलिए जुड़े हुए है।
[14:18] इसलिए तुम जितना जल्दी हो सके उस घर को छोटु बेटा इस जिन की जमीन
[14:22] से तुम दूर चली जाओ, इसी में सबकी भलाई है।
[14:27] ये कहकर वो चले गए। अगले 15 दिनों में फातिमा ने वो
[14:31] घर छोड़ दिया। अजहर के सिवाए उसका वैसे भी कोई
[14:34] नहीं था। अजहर अब ठीक है, वो स्कूल जाता है
[14:38] और दूसरे बच्चों की तरह खुश भी रहता है।
[14:41] पर अब भी कभी कभी रात में अजहर के कमरे से एक अजीब सी धुन सुनाई
[14:47] देती है। तो कैसी लगी आज की कहानी?
[14:58] दोस्तों अगर अच्छी लगी है तो कॉमेंट्स करके हमें प्लीज़ बताइए
[15:01] और आप में से बहुत से लोग हमारे पॉडकास्ट को रेगुलरली सुन रहे
[15:05] हैं। बट आप लोग हमें फॉलो करना या
[15:07] रेटिंग देना भूल जाते हैं। दोस्तों सो इट्स ए रिक्वेस्ट दट।
[15:10] आप सब ज्यादा से ज्यादा हमें रेटिंग दे ताकि वी कैन इम्प्रूव
[15:14] एंड हमारा पॉडकास्ट थोड़ा सा आगे पुश भी हो।
[15:17] सो सुनते रहिए, स्पोक कास्ट अवे और मैं जिला के साथ सुनते रहिये,
[15:24] स्टूक कास्ट, अवी और मंजिला के साथ।

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