# Ep47 - AAPBEETI 8 by SPOOKCAST- 2 REAL HORROR STORIES | Real Stories | Sachi Ghatana |

An episode of [SPOOKCAST - A Hindi Horror Podcast](https://invisiblenetwork.ai/podcast/1767172215), 15 Jun 2025, 21 min.

Audio: https://anchor.fm/s/f51bcf74/podcast/play/104166002/https%3A%2F%2Fd3ctxlq1ktw2nl.cloudfront.net%2Fstaging%2F2025-5-15%2F402205883-44100-2-f5dc5feb63a39.m4a

Story: 2 creepy horror incidents shared by our lovely Listeners! In the first incident, you would hear a Horror Sighting of an Indian Army Soldier and in the second story who would hear about a haunted Highway Hotel where a girl who was murdered can still be seen! Send your stories on our Whatsapp number 9767916545. Leave a msg or a voice note and we will get back to you. Please don't forget to follow us on Spotify!! And also leave a rating for us. That would encourage us immensely! | SpookCast | Horror Story | Bhoot | Horror Kahaniya | Horror Podcast | Hindi Horror Podcast | Murdaghar | Haunted Hospital | Real Incidents | Sachi Ghatana | Narrated by : Manjila SOUND and Graphics : Manjila Send your stories to KahaniSTVO@gmail.com WhatsApp : 9767916545 Sound Effect from Pixabay Say hi to us on Instagram! We would love to connect with you guys! https://www.instagram.com/spookcastoriginals/ Listen to the new Episode of Faadu Friday on Spotify: https://open.spotify.com/show/5po5YbzaWDIOclOcOE8kq5 Find us on Youtube: https://www.youtube.com/@SpookcastOriginals

## Transcript

[0:02] दोस्तों नमस्कार, वेलकम बेक टु ए न्यू एपिसोड ऑफ आपबीती बाई
[0:07] स्पूकास्ट जहाँ हम कुछ ऐसी सच्ची घटनाएं शेयर करते हैं जो
[0:11] स्पूकास्ट लिस्टनर्स ने हमारे साथ व्हाट्सएप, ईमेल, यूट्यूब या
[0:16] इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। आज के आप इति के एपिसोड में हम दो
[0:20] काफी यूनिक इंसिडेंट शेयर करने वाले हैं।
[0:23] पहली घटना एक एक्स आर्मी ऑफिसर की है और दूसरी एक हैवे होटल में घटी
[0:29] घटना है। आप भी अपने अपने फैम्ली के साथ
[0:32] घटी घटनाएं हमारे साथ आसानी से शेयर कर सकते हैं।
[0:36] डीटेल्स? डिस्क्रिप्षन में है एंड गाइस
[0:39] बिफोर वी बिगिन जस्ट ए क्विक रिक्वेस्ट हर दिन हजारों लोग हमें
[0:44] सुनते हैं लेकिन सिर्फ 17% ही हमें फॉलो करते हैं।
[0:49] अगर आपको स्पोक कास्ट और फाडू फ्राइडे पसंद आता है।
[0:53] तो प्लीज़ हमें फॉलो करें, रेट करें और पोल्स में जरूर
[0:56] पार्टिसिपेट करें। डू रेमेम्बेर स्पूकास्ट एंड फाडू
[1:00] फ्राइडे दोनों हमारे पैशन प्रोजेक्ट्स हैं और बिना किसी टीम
[1:05] के मैं और अवि सब कुछ खुद ही करते हैं।
[1:08] आपका सपोर्ट ही हमारा मोटिवेशन है, सो।
[1:12] डू शो सम लव गाइज़ एंड नाउ पूठ ऑन युअर हेड फोन्स एंड गेट रेडी।
[1:18] क्योंकि आज की आपत्ति का एपिसोड शुरू होने जा रहा है।
[1:23] यह पहली घटना हमारे साथ रिटायर्ड सूबेदार मेजर राणा सर ने
[1:28] व्हाट्सएप पर शेयर की है। राणा सर।
[1:31] थैंक यू इस इंसिडेंट को हमारे साथ शेयर करने के लिए इस घटना को अब
[1:36] मैं उनके शब्दों में आपके सामने रखने की कोशिश करूँगी।
[1:40] ये घटना हमारे इंडियन आर्मी के एक ब्रीफ सोल्जर के साथ जुड़ी हुई
[1:45] है। ध्यान से सुनिएगा क्योंकि ये कोई
[1:48] कहानी नहीं। एक सच्ची घटना है।
[1:54] सुनते रहिए स्पूककास्ट, अवि और मंजिला के साथ।
[2:03] मेरा नाम सूबेदार मेजर अजय राणा है।
[2:06] मैं रिटायर्ड हूँ इंडियन आर्मी से।
[2:09] और ये जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ ये 2019 में घटा था।
[2:13] अपर हिमाचल सेक्टर में एकोपॉइंट के पास मैं नॉर्थ ईस्ट में सर्वे
[2:18] कर चुका हूँ। लदाख में भी कारगिल में भी।
[2:22] पर जो एकोपॉइंट पर हुआ था उस 2019 सितम्बर में मैं अब तक उसे नहीं
[2:28] बुला पाया हूँ। सितम्बर का महीना था।
[2:31] मानसून खत्म होने के तुरंत बाद हमारी यूनिट को ऑर्डर आया था कि
[2:36] एक कॉन्वोय भेजनी है भालोकार सेक्टर से और मुझे असाइन किया गया
[2:41] था रूट इंस्पेक्शन के लिए ये हमारा स्टैन्डर्ड प्रोसीज़र था एक
[2:45] सीनियर ऑफिसर, एक ड्राइवर और एक व्हीकल।
[2:49] हम चेक करते थे कि रोज़ में क्रैक्स हैं कि नहीं,
[2:52] लैंडस्लाइड्स हुए हैं या नहीं या कोई रुकावट है या नहीं को
[2:56] ऑर्डिनेट्स नोट किए जाते थे और वापस आकर रिपोर्ट किया जाता था।
[3:01] मैं इस काम को कई बार कर चुका था उस दिन में और मेरा ड्राइवर
[3:05] डान्सिंग सुबह के 6:00 बजे भेज से निकली।
[3:09] कैस्पर ड्रग था। हमारे पास ड्राई रेशन्स, सैटेलाइट
[3:13] फोन्स सब कुछ रेडी था। मौसम भी बिल्कुल साफ था।
[3:18] हम धीरे धीरे चढ़ रहे थे। उस नैरो रिज रोड पर एक तरफ
[3:23] बिल्कुल सीधी चट्टान और दूसरी तरफ गहरी खाई।
[3:28] शाम के 4:00 बजे तक हम एको पॉइंट पहुँच चूके थे।
[3:32] ये एक खतरनाक मोड़ था पहाड़ की रिज पर जहाँ आवाजें बहुत अजीब
[3:38] तरीके से गूंजती थी, पर उस जगह का एक पुराना किस्सा भी था।
[3:43] पिछले साल से पोए अरुण मालिक की जप्सी इसी पॉइंट पर।
[3:47] अचानक लैंडस्लाइड की चपेट में आकर गायब हो गई थी।
[3:55] सिर्फ उनके टाइर के ही निशान मिले थे।
[3:58] रोड पर उनका शरीर, उनका सामान, जीप कुछ नहीं मिला।
[4:03] ऑफिसियल रिपोर्ट में लिखा गया एमआइए मिसिंग?
[4:07] इन अक्शॅन पर ऑफिसर्स में चुपचाप ये बात थी कि उस पहाड़ ने सिपॉय
[4:13] अरुण को अपने अंदर संभाल लिया था। उस दिन जैसे ही मैं और टेंसिंग उस
[4:24] एरिया के पास पहुंचे, मैंने कुछ अजीब बात नोटिस की जो बादल।
[4:29] दिन भर हमारे पीछे थे। वो अचानक नीचे आने लगे थे।
[4:34] गहरी खाई से ऊपर की तरफ अप धुंध आ रही थी।
[4:38] हवा के बिल्कुल उल्टी डायरेक्शन में हल्की हल्की धुंध की लहरें
[4:42] रोड के ऊपर फैल रही थी। मानो पानी की लहरें हों।
[4:47] टेंजिंग ने ड्रग की स्पीड अपने आप स्लो कर दी क्योंकि यही प्रोटोकोल
[4:52] था। जैसे ही हम उस मोड़ की तरफ़
[4:54] मुड़े, मेरे सीने में एक अजीब सा भारीपन फील हुआ।
[4:58] ऐसा लगा जैसे हम किसी वैक्यूम वाले एरिया में घुस रहे हैं और
[5:03] एकदम से सब कुछ शांत हो गया। ना कोई चिड़िया की आवाज़, ना हवा
[5:10] की आवाज़। ट्रक की इंजन की आवाज़ भी तबी तबी
[5:14] लग रही थी और फिर मैंने उसे देखा। पहले सिर्फ एक साया दिखा, एक आदमी
[5:22] का साया जो उस मोड़ के बिलकुल किनारे पर खाई की तरफ मुँह किए
[5:26] खड़ा था। एक टम स्टिल उसने आर्मी की
[5:30] यूनिफॉर्म पहन रखी थी। सर पर कोई हेलमेट नहीं थी, वो
[5:34] नंगे पांव था, पैरों में जूते नहीं थे।
[5:37] उसकी यूनिफॉर्म की 22 लीव फटी हुई थी और वो हाथ लूज़ लटक रहा था।
[5:43] दूसरा हाथ कंधे से लगभग कटा हुआ था।
[5:47] उस आदमी के शरीर पर सूखी मिट्टी और कीचड़ चिपका हुआ था।
[5:52] पीछे से पता नहीं क्यों पर उसे देखकर ऐसा लगा एक सेकंड के लिए
[5:56] मानो वो बिलकुल सेपॉय अरुण की तरह लग रहा हो वैसे ही कद काठी वैसे
[6:01] ही छोटे बाल। इवन उसके कंधे जीस तरह से झुके
[6:05] हुए थे, बिल्कुल से बॉय रन की तरह ही थे।
[6:09] मुझे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ, सो मैंने आगे झुककर देखा और
[6:14] अचानक मुझे मुझे कुछ और देखा एक छोटा सा मक्खियों का झुंड।
[6:20] उस आदमी के कंधे के ऊपर मंडरा रहा था जहाँ उसका हाथ कटा हुआ था।
[6:27] धीरे धीरे सर्किल में उड़ रही थी वो मक्खियां, एक बज़िंग साउंड
[6:32] हमारे कानों में गूंजने लगी। वो अब तक बिल्कुल हिला नहीं था।
[6:37] कानून मक्खियों से उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
[6:40] और फिर उसने अपना सर धीरे से हमारी तरफ घुमाया और मुझे अपनी
[6:46] सास तेज होती फील हुई। उसकी आंखें बिल्कुल खाली थी।
[6:52] उसका चेहरा सूखे, कीचड़ और कुछ भूरे धब्बों से भरा हुआ था।
[6:57] शायद शायद सूखा खोल। मैंने एक शब्द नहीं कहा या फिर
[7:03] कहूं, मेरे मुँह से कोई शब्द निकला ही नहीं।
[7:07] टेन्सिक भी शांत था जैसे हम दोनों समझ चूके हों, जो हम देख रहे थे
[7:13] वो कुछ एब्नार्मल था। हम दोनों बस ट्रक को धीरे धीरे
[7:19] आगे बढ़ाते जा रहे थे। उस फिगर को देखते हुए जैसे ये
[7:24] हमारा ट्रक उस फिगर के आगे निकला। मैंने चुप कर विंग मिरर में देखा
[7:29] पर वो वो अब वहाँ नहीं था ना कोई आवाज ना कोई हरकर।
[7:36] इवन उस से भीगी मिट्टी में पैरों के कोई निशा नहीं है।
[7:40] हम दोनों ट्रक रोककर चुपचाप नीचे उतरे।
[7:44] हम वापस उस मोड़ तक गए जहाँ हमने उस आए को देखा था वहाँ अब कोई
[7:51] नहीं था पर फिर भी वो मक्खियां वहाँ अभी भी थी।
[7:57] वो अब भी रोड के किनारे मंडरा रही थी और वो पजिंग साउंड, वो अब भी आ
[8:03] रही थी वहाँ टेन्सिंग और मैंने एक लफ्ज नहीं कहा, एक दूसरे से पसंद
[8:10] दोनों ने एक सैल्यूट किया रिस्पेक्ट मी उस सोल्जर के।
[8:15] जो मिसिंग इन एक्शन था और फिर हम दोनों चुप चाप वापस आ गए।
[8:21] अगर ये चीज़ में अकेले देखता तो शायद में इसे कोई भ्रम समझ कर
[8:26] इग्नोर कर देता। बट मुझे पता था जो मैंने देखा टान
[8:31] सिंह ने भी वही देखा था उस दिन। बी।
[8:35] चेक पॉइंट पर पहुंचने तक हम दोनों शांत रहे।
[8:38] मैंने रिपोर्ट में इस घटना के बारे में कुछ नहीं लिखा।
[8:42] पर उस रात अकेले में क्वार्टर्स में मैंने डॅश कैम का वीडियो चेक
[8:46] किया। शाम के ठीक चार आठ पर वीडियो आधे
[8:50] सेकंड के लिए पिक्सिलेट हो गया था।
[8:53] फ्रेम में डिस्टोर्शन था। हल्का सा पर क्लियर और ऑडियो में
[8:57] भी ग्लिच था। एक हल्की सी आवाज जैसे सूखे
[9:01] पत्तों पर स्टैटिक क्रैक कर रहा हो।
[9:03] पर रोड के किनारे या उसके ऊपर कोई नहीं था।
[9:07] वहाँ उस हादसे के बाद मैंने उस रोड को तीन बार इंस्पेक्ट किया
[9:12] है, पर कभी सिप्वॉय अरुण को। दोबारा नहीं देखा।
[9:16] पर हर साल मानसून के बाद सोल्जर्स कहते हैं कि वो उस स्टेज पर
[9:21] परेशान फील करते हैं। कुछ कहते हैं कि धुन में उन्हें
[9:25] बूज की आवाज सुनाई देती है। मुझे नहीं पता कि उन्होंने कभी से
[9:30] बॉय अरुण का शरीर ढूंढा या नहीं। मेरे रिटायरमेंट तक तो मुझे उसकी
[9:35] कभी कोई खबर नहीं मिली, पर मुझे ऐसा लगता है कि जब तक उसकी लाश
[9:39] नहीं मिलती वो शायद उस रोड से गुज़रने वाले ड्रग्स को दिखता
[9:44] रहेगा। वो हमें याद दिलाता रहेगा कि कुछ
[9:48] सोल्जर्स अपनी फील्ड कभी नहीं छोड़ते।
[9:51] चाहे वो गिर भी जाए तो कुछ बस पहरेदारी करते रहते हैं।
[9:56] चुपचाप अपने देश के लिए, जय हिन्द थैंक यू राणा सर इस इंसिडेंट को
[10:05] हमारे स्पूखास फैमिली के साथ शेयर करने के लिए और सिपाय अर्जुन जी
[10:09] को भी। हमारा रेस्पेक्टफुल सैल्यूट जो
[10:12] शायद आज भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं उस एकोपॉइंट पर दोस्तों ये
[10:17] स्टोरी हमें याद दिलाती है कि हमारे सोल्जर्स कितनी कुर्बानी
[10:21] देते हैं। सिर्फ और के समय नहीं बल्कि हर
[10:24] रोज़ और कुछ तो अपनी ड्यूटी से भी कभी रिटायर नहीं करते।
[10:29] वैसे अवि और मैं हम दोनों के डैट स्पीड डिफेंस फोर्सेज से हैं।
[10:33] वी बोथ फेल्ट सो कनेक्टेड टु दी स्टोरी सो इंडियन आराम फोर्सेज के
[10:38] सभी ब्रेव सोल्जर्स को हमारा सैल्यूट।
[10:41] अगर आप में से कोई डिफेंस फोर्स से हैं या आपके घर में कोई सर्वे
[10:45] कर रहा है तो उन्हें हमारी तरफ से जय हिंद कहना मत भूलिए।
[10:49] अगर आप लोगों के पास भी कोई ऐसा इंसिडेंट है खास करके जो डिफेंस
[10:54] या सिक्योरिटी फोर्सेज के साथ रिलेटेड हो तो हमसे जरूर शेयर
[10:58] कीजिए। हम डेफिनेटली उसे अपनी पॉपुलर
[11:01] आपबीती सीरीज में फीचर करेंगे। चलिए अब पढ़ते हैं आज की दूसरी
[11:06] घटना की तरफ। ये दूसरी घटना हमारे साथ शेयर की
[11:10] है अनामिका पाठक ने। अनामिका इस इंसिडेंट को शेयर करना
[11:14] नहीं चाहती थीं पर आपबीती के एपिसोड सुनकर।
[11:18] उन्हें थोड़ी हिम्मत मिले। एन सी शी एडिट विथ उस इस घटना को
[11:21] अब मैं उनके शब्दों में आप सबके सामने रखने की कोशिश करूँगी।
[11:29] मेरा नाम अनामिका है और ये घटना कुछ साल पहले की है।
[11:33] आज भी जब मैं उस इंसिडेंट के बारे में सोचती हूँ।
[11:37] तो मेरे आँखों में आंसू आ जाते हैं।
[11:39] पता नहीं क्यों? पर उस दिन की यादें आज भी मुझे
[11:43] परेशान कर देती हैं। वो राखी का टाइम था, मेरे कोई भाई
[11:48] बहन नहीं थे, इसीलिए हर साल की तरह मैं अपने कज़िन्स को राखी
[11:52] बांधने के लिए जाने वाली थी। राखी के 1 दिन पहले हम डेल्ही से
[11:57] यूपी जाने वाले थे कार से क्योंकि थोड़ा जल्दी पहुंचना था।
[12:01] मैंने पापा से कहा था कि हम ट्रैन से जाएं, पर मैं छोटी थी ना सब ने
[12:05] मेरी बात इग्नोर कर दी। काफी आर्गुमेंट्स के बाद इवनिंग
[12:09] में हम डेल्ही के लिए निकले 5:00 बजे के आसपास टाइम होगा था कार
[12:15] में। हम चार लोग थे।
[12:17] मम्मी पापा, मैं और मेरे अंकल जी सफर ठीक ठाक चल रहा था पर रात
[12:23] होने के साथ साथ ही पापा की ड्राइविंग स्लो होती जा रही थी।
[12:27] रात काफी हो चुकी थी जब मम्मी ने हाईवे के पास वाले होटल में रुकने
[12:32] की बात कही। वो रात को पापा को ड्राइव करने के
[12:36] लिए रोकना चाहती थी। उस होटल को देखकर ही मुझे अजीब सी
[12:40] फीलिंग हो रही थी। वो होटल बहुत बुरा न लग रहा था और
[12:43] वहाँ के ओनर भी थोड़े वियर्ड से थे।
[12:46] उनकी स्माइल देखकर मुझे डर लग रहा था।
[12:49] एक क्रीपी सा फेस था उनका, जिसे देखकर मैं डर रही थी हमने।
[12:53] अपने अपने रूम्स लिए मैं मम्मी के रूम में थी और पापा और अंकल एक
[12:58] दूसरे रूम में थे। मेरे रूम में एक छोटी सी विंडो थी
[13:01] जहाँ से हैवे दिख रहा था रात के करीब 10:00 बजे के आसपास मैं सोने
[13:07] जा रही थी जब अचानक से एक अजीब सी स्मेल आई, मुझे जासमीन की खुशबू।
[13:12] बहुत स्ट्रांग स्मेल थी उसकी, जो कि बहुत ही व्यर्थ था, क्योंकि
[13:16] मैंने वहाँ कोई जासमीन का प्लान नहीं देखा था।
[13:19] मैंने सोचा, शायद आसपास कोई पेड़ होगा जो मैंने नहीं देखा होगा और
[13:24] फिर कुछ देर बाद मैं सो गई। रात के आई गेस 2:00 बज रहे थे जब
[13:29] मेरी नींद खुली मुझे। पायल की आवाज आ रही थी।
[13:34] आई नो ये सुनकर काफी क्लेशियर लग रहा होगा बट मेरी मॉम भी पायल
[13:39] पहनती थी। मुझे लगा कि मेरी मम्मी उठी थी।
[13:42] वाशरूम जाने पर जब मैंने साइड में देखा तो मम्मी मेरे साथ ही बगल
[13:47] में सोई हुई थी। वह आवाज अचानक से आनी बंद हो गई।
[13:52] सो मैंने खुद को शांत किया, ये सोचकर कि कोई आसपास के रूम से
[13:56] आवाज आ रही होगी और मैं सोने की कोशिश करने लगी, पर अब मुझे नींद
[14:01] नहीं आ रही थी। थोड़ी देर बाद मैं पानी पीने के
[14:05] लिए उठी और दोबारा मुझे वो आवाज आने लगी।
[14:09] इस बार मैंने ध्यान से सुना। मुझे लगा जैसे वो आवाज दरवाजे के
[14:15] बाहर से आ रही थी। मैं छोटी थी तो मुझ में इतनी
[14:19] हिम्मत नहीं थी कि मैं बाहर जाकर दरवाजा खोलकर चेक करूँ कि कौन
[14:23] आवाज कर रहा था। मम्मी को उठाने से डांट पड़ती तो
[14:27] उसका तो सवाल ही नहीं था। इसलिए मैंने फिर उस आवाज को
[14:31] इग्नोर करने की कोशिश की। पर पायल की आवाज हमारे दरवाजे के
[14:36] बाहर से कंटिन्यूवस्ली आती रही और अब मुझे बहुत डर लगने लगा।
[14:42] मुझे कॉरिडोर की लाइट्स की वजह से दरवाजे के नीचे कैप से साफ दिख
[14:47] रहा था। कि कोई यहाँ से वहाँ दरवाजे के
[14:50] बाहर चल रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वह कौन
[14:54] था। सो मैं दरवाजे के पास गई।
[14:57] मैंने दरवाजा नहीं खोला, बस अंदर से एक आवाज़ की हैलो और फिर ऐसा
[15:03] लगा वह जो कोई भी था वह वहाँ से भाग कर।
[15:07] दूर जा रहा हो, सो मैंने हल्का सा दरवाजा खोलकर बाहर देखा और जो
[15:15] मैंने देखा वो मैं कभी नहीं भूल सकती।
[15:19] उसकी आँखें बिल्कुल सफेद थीं, उसके कान नुकीले थे।
[15:23] वो मेरी तरफ मुड़कर देख रही थी। उसका मुँह कॉरिडोर में भी काला सा
[15:28] लग रहा था और वो किसी जानवर की तरह हाथों पैरों के बल खड़े थे।
[15:36] मेरे गले से एक चीख निकली और मैं वहीं बेहोश हो गई।
[15:43] नेक्स्ट मॉर्निंग जब मुझे होश आया।
[15:46] मैं बेड पर थी, रूम में डॉक्टर भी थे, मम्मी पूछ रही थी कि मुझे
[15:51] क्या हुआ था? मुझे बुखार था और बॉडी पेइन भी हो
[15:54] रहा था। मैंने कुछ देर बाद पापा से कहा कि
[15:58] मुझे यहाँ नहीं रुकना और मुझे यहाँ से जल्द से जल्द ले चलो।
[16:02] प्लीज़ पापा ने मेरी तरफ देखा आई गेस?
[16:05] पापा समझ चूके थे कि मैं क्या बोलना चाहती थी।
[16:09] मैंने उनको सब बताया और सब बात सुनकर उन्होंने हमें तुरंत बैग
[16:13] पैक करने को कहा। रूम से निकलने से पहले मैं एक
[16:16] आखिरी बार खिड़की के पास गई। जब मैंने बाहर देखा तो खिड़की के
[16:22] कांच पर मुझे एक रिफ्लेक्शन दिखा। वही लड़की का वो मुझे देख कर
[16:29] मुस्करा रही थी। वही आँखें, वही कान और उसका फेस
[16:35] बहुत डरावना लग रहा था। मैं दोबारा बेहोश हो गई।
[16:41] जब मुझे होश आया तब पापा ने मुझे पानी पिलाया।
[16:44] पापा तब तक समझ चूके थे कि कुछ तो गड़बड़ थी क्योंकि मेरे साथ ऐसे
[16:49] पहले कभी नहीं हुआ था। मेरे पापा ने वहाँ के ओनर से
[16:53] फोर्स्फुली पूछा। पुलिस की धमकी भी थी तब जाकर ओनर
[16:57] ने अपना सच बताया। वो लड़की कुछ साल पहले।
[17:01] इस होटल में आई थी एक रात के स्टे के लिए इसी कमरे में वहाँ कुछ और
[17:07] लड़के आए थे जिन्होंने उसके साथ रेप कर उसका मुँह बिगाड़ दिया और
[17:11] उसकी बॉडी रूम में ढक कर वो चले गए और तब से वो लड़की हमेशा रात
[17:17] को वहाँ दिखाई देती है उस कमरे के आसपास।
[17:21] उस होटल में रूम्स वैसे भी कम थे तो रेनोवेशन करवा कर ओनर ने
[17:25] दोबारा से वो रूम लोगों को देना शुरू कर दिया।
[17:28] ये जानते हुए भी कि रात को वहाँ क्या होता था, हम लोगों ने तुरंत
[17:34] चेकआउट किया और वहाँ से चले गए। उस हादसे के बाद मेरी तबियत खराब
[17:38] ही रही। और मैं कुछ दिनों तक हॉस्पिटल में
[17:41] थी। अब उस हादसे को बहुत साल बीत चूके
[17:45] हैं। बट स्टिल मुझे वो इंसिडेंट याद है
[17:48] और अब भी मुझे वो रात याद कर डर लगता है हे अनामिका, थैंक यू सो
[17:56] मच फॉर शेयरिंग थिस इंसिडेंट विथ उस।
[17:59] हमारे साथ कोई भी इंसिडेंट शेयर करने के लिए काफी हिम्मत की जरूरत
[18:03] होती है। बिकॉज़ वी ऑल नो पीपल डू जज
[18:06] स्पेशल जब वो बचपन की कहानियों हो और इतनी ट्रॉमेटिक हो, बट आई ऍम
[18:11] ग्लैड आपने फिर भी शेयर किया? आई ऍम शुर।
[18:13] हम सबके साथ कभी ना कभी ऐसी चीजें होती हैं जिसका हमारे पास कोई
[18:18] एक्सप्लनेशन नहीं होता हैवे होटेल्स के साथ ऐसी कहानियों बहुत
[18:22] कॉमन है। इस्पिश्ली उन जगहों पर जहाँ ऐसे
[18:25] ट्रैजिक इन्सिडेंट्स हुए हैं। दोस्तों, आप भी अपने चाइल्डहुड
[18:28] कैर्री एक्सपीरियंसेस हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।
[18:31] सम्टाइम्ज़ दी मोस्ट जेन्यूइन एक्सपीरियंसेस हैपन्ड थान वी अरे
[18:35] यंग ये बात याद रखिएगा और इसी के साथ आज का एपिसोड यहीं खत्म होता
[18:41] है। अब चलिए जल्दी से बढ़ते हैं आज के
[18:44] शौत आउट सेशन की तरफ। हर हफ्ते हम तीन लोगों को शाउट
[18:47] आउट देते हैं, जिन्होंने हमें यूट्यूब, ईमेल, व्हाट्सएप या
[18:51] इंस्टाग्राम पर कॅाटाक्ट किया हो। टेल एस हौ दे फाइन्ड फोरकास्ट इस
[18:56] हफ्ते का पहला शाउट आउट जाता है। यूनाइटेड किंगडम सी आराधना शुक्ला
[19:00] को। शी रीचड आउट टु उस ऑन व्हाट्सएप
[19:02] एंड शी लव्स स्पूकास्ट एंड एन्जॉयस मैं स्टोरी टेलिंग सो
[19:07] थैंक यू डियर। उन्होंने हमारे साथ एक बहुत ही
[19:09] इंटरेस्टिंग इंसिडेंट भी शेयर किया है जो आप जल्द ही आपती पर
[19:13] सुनने वाले हैं। इट वास् लवली चैटिंग विथ युअर
[19:15] साधना वेलकम टु दी स्पूकास्ट फैम्ली।
[19:18] इस हफ्ते का दूसरा शाउट आउट जाता है आसाम से अब्दुल वजीर को,
[19:23] जिन्होंने हमें व्हाट्सएप पर कॅाटाक्ट किया वैसे अब्दुल लव्स
[19:27] पुकार एंड ही गेव ए स्पेशल शाउट आउट टु ए स्टोरी बैरम।
[19:30] उन्हें वो कहानी बहुत पसंद आई। थैंक यू फॉर रीचिंग वी अरे सो
[19:34] हैप्पी टु हॅव यू इन थिस फैमिली एंड फाइनली आज का फाइनल हो जाता
[19:39] है विक्टर मेयोस्कोप फ्रम यूट्यूब कम्युनिटी आई ऍम शुर थिस इस नॉट
[19:43] एन ओरिजिनल नेम बट थिस इस व्हाट ही शेयर ही सेस दट।
[19:46] मैं टाइप की स्टोरीज़ में बहुत इंट्रेस्टेड रहता हूँ, सुनता भी?
[19:51] लेकिन आज तक मैंने इतनी अच्छी और डरावनी स्टोरी नहीं सुनी।
[19:54] प्लीज़ अपलोड मोर लाइक थिस मूवी बन जाए इस पर थैंक्स बेटा वैसे
[19:59] अगर आप किसी प्रोडूसर को पहचानते हैं तो हमें जरूर बताएगा।
[20:03] वी वुड लव टु मेक ए मूवी आर्ट ऑफ ओरिजिनल स्टोरीज़ बट जोक्स।
[20:08] थैंक्स ए लॉट फॉर युअर काइंड वर्ड्स आई होप आप हमारी बाकी
[20:11] ओरिजिनल स्टोरीज़ भी सुनें। मैं ये सब बहुत मेहनत से लिखती
[20:15] हूँ सो इट फील्स गुड व्हेन यू गाइस कॉंप्लिमेंट मी फॉर मैं
[20:18] स्टोरीज़ आई ऍम विथ थिस? आज का एपिसोड यहीं खत्म होता है।
[20:22] अगले हफ्ते हम लोग लौटेंगे एक स्पूकास्ट ओरिजिनल स्टोरी के साथ।
[20:26] डोंट फर्गेट टु सेंड युअर यूनिक एंड स्केयरी इन्सिडेंट्स यू कैन
[20:30] रीच उस ऑन व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ईमेल और यूट्यूब सब
[20:34] डीटेल्स डिस्क्रिप्शन में हैं तो अगले हफ्ते फिर मिलेंगे।
[20:38] मैं हूँ मंजिला और आप सुन रहे हैं बुककास्ट हवी और मंजिला के साथ।
[20:45] सुनते रहिए स्पूककास्ट अभी और मंजिला के साथ।

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